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कार-बाइक खरीदने का है प्लान?: दिवाली पर डील फाइनल करने से पहले अपनाएं ये पांच टिप्स, बच सकते हैं हजारो रुपये

Sun, 25 Oct 2026 08:00 AM IST
जागृति शुक्ला ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति शुक्ला Updated Sun, 25 Oct 2026 08:00 AM IST
सार
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  • तीन शोरूम से ऑन-रोड कीमत लें।
  • इंश्योरेंस प्रीमियम की ऑनलाइन तुलना करें।
  • बैंक लोन और फीस पर मोलभाव करें।
  • गैरजरूरी एक्सेसरीज का खर्च हटाएं।

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Buying Car or Bike This Diwali? 5 Smart Ways Save Thousands
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

विस्तार

अगर आप भी इस त्योहारी सीजन में नई कार या बाइक खरीदने की सोच रहे हैं, तो शोरूम पहुंचते ही बुकिंग की जल्दबाजी न करें। ऐसे मौकों पर गाड़ियो पर आकर्षक डिस्काउंट जरूर मिलते हैं, लेकिन कई बार ग्राहक केवल छूट देखकर ही झांसे में आ जाते हैं। ज्यादातर लोगों को यह ध्यान नहीं रहता कि इंश्योरेंस, एसेसरीज और लोन के छिपे हुए खर्च उनके तय बजट को काफी बढ़ा सकते हैं। इसलिए अलग-अलग शोरूम से ऑन-रोड कीमतों की तुलना करना और हर एक खर्च को बारीकी से समझना बेहद जरूरी है। कुछ आसान और स्मार्ट तरीके अपनाकर आप न सिर्फ एक बेहतरीन डील हासिल कर सकते हैं, बल्कि अपनी जेब पर पड़ने वाले बोझ को भी काफी हद तक कम कर सकते हैं।

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1. कम से कम तीन शोरूम से लें कोटेशन

  • नई गाड़ी खरीदने से पहले अपने शहर या आसपास की कम से कम तीन डीलरशिप से एक ही वेरिएंट की ऑन-रोड कीमत पूछें। कोटेशन में एक्स-शोरूम कीमत, इंश्योरेंस, रजिस्ट्रेशन और दूसरे शुल्कों की डिटेल देखें, क्योंकि त्योहारी सीजन में कुछ डीलर बिक्री का लक्ष्य पूरा करने के दबाव में होते हैं।
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  • ऐसे में अगर आपके पास दूसरी डीलरशिप का बेहतर ऑफर है, तो आप उसे दिखाकर कीमत या दूसरी सुविधाओं पर बातचीत कर सकते हैं। इससे आपको अपने बजट के हिसाब से बेहतर डील मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
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2. इंश्योरेंस खरीदने से पहले करें तुलना

  • गाड़ी की कीमत के अलावा इंश्योरेंस भी खरीदारी के कुल खर्च का खास हिस्सा है। डीलरशिप की ओर से दिया गया इंश्योरेंस कोटेशन ही स्वीकार करना जरूरी नहीं है। आप ऑनलाइन पोर्टल या दूसरी बीमा कंपनियों से भी कीमत पता कर सकते हैं।
  • तुलना करते समय केवल प्रीमियम न देखें।
  • पॉलिसी का आईडीवी यानी गाड़ी की बीमित घोषित कीमत और जीरो डेप्रिसिएशन व इंजन प्रोटेक्शन जैसे एड-ऑन कवर भी समान रखें। इससे अलग-अलग पॉलिसी की सही तुलना करने में मदद मिलेगी। कुछ मामलों में बाहर से पॉलिसी लेने या कीमत पर बातचीत करने से 15 से 40 हजार रुपये तक की बचत हो सकती है।
  • हालांकि, वास्तविक बचत गाड़ी, पॉलिसी, कवरेज और बीमा कंपनी के हिसाब से अलग हो सकती है। आप ऑनलाइन कोटेशन डीलर को दिखाकर उससे कीमत मैच करने के लिए भी कह सकते हैं।


3. कार लोन और प्रोसेसिंग फीस पर करें मोलभाव

  • अगर आप लोन लेकर गाड़ी खरीदने वाले हैं, तो केवल डीलरशिप के पार्टनर बैंक का विकल्प न चुनें। अपने मौजूदा बैंक और दूसरे बैंकों की ब्याज दरों, प्रोसेसिंग फीस और लोन की शर्तों की तुलना करें।
  • दिवाली के दौरान कुछ निजी बैंक कम या शून्य प्रोसेसिंग फीस और रियायती इंट्रेस्ट रेट जैसे ऑफर दे सकते हैं। इसलिए अपने बैंक से पहले ही प्री-अप्रूव्ड लोन की उपलब्धता और शर्तों के बारे में पूछ लें।
  • अगर आपका सिबिल स्कोर 750 से ऊपर है, तो आप बेहतर ब्याज दर के लिए बातचीत कर सकते हैं। कुछ मामलों में 0.5 से एक प्रतिशत तक अतिरिक्त छूट मिलने की संभावना हो सकती है, लेकिन यह बैंक की नीति, आपकी वित्तीय स्थिति और उस समय उपलब्ध ऑफर पर निर्भर करेगी। लोन फाइनल करने से पहले कुल ब्याज और अन्य शुल्कों को जरूर समझें।


4. गैरजरूरी एक्सेसरीज के खर्च से बचें

  • कई बार डीलरशिप के कोटेशन में 20 हजार से 35 हजार रुपये तक की एसेंशियल किट या बेसिक एक्सेसरीज जोड़ दी जाती हैं। इनमें कारपेट मैट, मड फ्लैप, परफ्यूम और दूसरी चीजें शामिल हो सकती हैं।
  • गाड़ी खरीदते समय जांचें कि इनमें से कौन-सी चीजें वास्तव में जरूरी हैं। अगर कोई एक्सेसरी नहीं चाहिए, तो डीलर से उसे कोटेशन से हटाने के लिए कहें। कारपेट मैट, क्रोम गार्निश और सीट कवर जैसी कुछ चीजें भरोसेमंद आफ्टरमार्केट विक्रेताओं के पास कम कीमत पर मिल सकती हैं।
  • हालांकि, बाहर से एक्सेसरीज लगवाने से पहले उनकी गुणवत्ता और फिटिंग की जांच करें। ऐसे बदलावों से बचें जो गाड़ी की वारंटी या सुरक्षा पर असर डाल सकते हैं।

5. पूरा भुगतान करने से पहले करें पीडीआई

  • दिवाली के दौरान शोरूम में ग्राहकों की भीड़ और डिलीवरी की मांग बढ़ सकती है। इसलिए नई कार या बाइक की डिलीवरी लेने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच करना जरूरी है। इस प्रक्रिया को प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन यानी पीडीआई कहा जाता है।
  • गाड़ी की जांच दिन की रोशनी में करें, ताकि बॉडी पर खरोंच, डेंट या पेंट से जुड़ी गड़बड़ी आसानी से दिखाई दे सके। गाड़ी के वीआईएन यानी वाहन पहचान नंबर से उसके मैन्युफैक्चरिंग महीने और साल की जानकारी भी जांचें।
  • इसके अलावा, गाड़ी के दस्तावेज, वेरिएंट और जरूरी फीचर्स को बुकिंग के समय दिए गए विवरण से मिलाएं। कोशिश करें कि PDI पूरी होने और गाड़ी से संतुष्ट होने से पहले पूरा भुगतान या रजिस्ट्रेशन न कराएं। अगर कोई कमी दिखाई देती है, तो उसे डीलरशिप के सामने उठाएं और समाधान स्पष्ट होने के बाद ही डिलीवरी लें।


दिवाली पर गाड़ी खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?

  • नई कार या बाइक खरीदने में केवल सबसे बड़ा डिस्काउंट देखना काफी नहीं है। अलग-अलग डीलरशिप के कोटेशन, इंश्योरेंस प्रीमियम, लोन की ब्याज दर, एक्सेसरीज और उपलब्ध छूट को एक साथ रखकर तुलना करें। साथ ही, डिलीवरी से पहले गाड़ी की जांच जरूर करें।
  • इन तरीकों से आपको खर्चों को बेहतर ढंग से समझने और अपने बजट के मुताबिक फैसला लेने में मदद मिल सकती है। हालांकि, बचत की वास्तविक रकम गाड़ी के मॉडल, शहर, डीलरशिप, बैंक और उस समय उपलब्ध ऑफर पर निर्भर कर सकती है।
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