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चलती कार में अचानक क्यों लगती है आग?: ये पांच गलतियां बन सकती हैं जानलेवा, जानें क्या हैं बचाव के तरीके
Sun, 18 Oct 2026 12:41 PM IST
जागृति शुक्ला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति शुक्ला
Updated Sun, 18 Oct 2026 12:41 PM IST
आए दिन चलती गाड़ी में आग लगने की डरावनी घटनाएं सामने आती रहती हैं, जो पल भर में जानलेवा साबित हो सकती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी जरा सी लापरवाही हंसते-खेलते सफर को आग के गोले में बदल सकती है? आइए जानते हैं कि ऐसी आपात स्थिति में सबसे पहले क्या कदम उठाना चाहिए और किन जरूरी टिप्स व सावधानियों को अपनाकर इस बड़े खतरे से बचा जा सकता है...
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
विस्तार
सड़क पर तेज रफ्तार से दौड़ती कार में अचानक धुआं उठने लगे या आग लग जाए, तो यह किसी भी यात्री के लिए डरावना अनुभव हो सकता है। आए दिन कार, बस और दूसरे वाहनों में आग लगने की खबरें सामने आती रहती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि चलती कार में आग लगने की वजह हमेशा कोई बड़ी तकनीकी खराबी नहीं होती? कई बार वायरिंग में गड़बड़ी, फ्यूल या ऑयल का रिसाव और समय पर सर्विसिंग न कराना भी बड़े हादसे की वजह बन सकता है। खासकर लंबी दूरी के सफर में छोटी-सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। ऐसे में सवाल है कि कार में आग लगने का खतरा किन वजहों से बढ़ता है और इस दौरान अपनी और दूसरों की जान बचाने के लिए क्या करना चाहिए? आइए जानते हैं जरूरी सावधानियां।
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कार सुरक्षा टिप्स
- फोटो : एआई जनरेटेड
चलती कार में आग लगने की पांच बड़ी वजहें
चलती कार में आग लगने की ये पांच बड़े कारण हो सकते हैं...
1. इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट
2. फ्यूल या इंजन ऑयल का रिसाव
3. इंजन का ज्यादा गर्म होना
4. खराब मेंटेनेंस
5. ब्रेक और टायर से पैदा होने वाली ज्यादा गर्मी
ब्रेक में खराबी या लगातार घर्षण के कारण तापमान बढ़ सकता है। टायर में परेशानी या अत्यधिक घर्षण भी गर्मी बढ़ा सकता है। हालांकि, ब्रेक या टायर की गर्मी हर बार आग लगने का कारण नहीं होती, लेकिन खराबी के संकेतों को नजरअंदाज करना जोखिम बढ़ा सकता है।
चलती कार में आग लगने की ये पांच बड़े कारण हो सकते हैं...
1. इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट
- कार में कई इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और वायरिंग होती है। अगर तारों की इन्सुलेशन घिस जाए, कनेक्शन ढीले हों या वायरिंग गलत तरीके से की गई हो, तो स्पार्क पैदा हो सकता है। यही स्पार्क आसपास मौजूद ज्वलनशील पदार्थों के संपर्क में आने पर आग का कारण बन सकता है।
- कार में सस्ते म्यूजिक सिस्टम, एलईडी लाइट्स और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगवाने से भी जोखिम बढ़ सकता है, खासकर जब उनकी वायरिंग सही तरीके से न की गई हो।
2. फ्यूल या इंजन ऑयल का रिसाव
- पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन ज्वलनशील होते हैं। अगर फ्यूल पाइप, इंजेक्टर या किसी कनेक्शन से रिसाव हो जाए, तो खतरा बढ़ सकता है। इसी तरह इंजन ऑयल का रिसाव भी गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
- गर्म एग्जॉस्ट या एग्जॉस्ट मैनिफोल्ड पर ईंधन या तेल गिरने से आग लग सकती है। इसलिए कार के नीचे तेल या ईंधन के निशान दिखाई दें, तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
3. इंजन का ज्यादा गर्म होना
- लंबी दूरी तक लगातार गाड़ी चलाने, कूलेंट की कमी या कूलिंग सिस्टम में खराबी की वजह से इंजन का तापमान बढ़ सकता है। इसके अलावा, कैटेलिटिक कन्वर्टर जैसे एग्जॉस्ट सिस्टम के हिस्सों का जरूरत से ज्यादा गर्म होना भी आसपास मौजूद ज्वलनशील पदार्थों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
- इस दौरान अगर टेंपरेचर सामान्य से ज्यादा तापमान गेज सामान्य से ज्यादा तापमान दिखाए या इंजन ओवरहीटिंग की चेतावनी मिले, तो सुरक्षित जगह पर रुककर गाड़ी की जांच करवाना समझदारी हो सकती है। ध्यान रहे गर्म इंजन का कूलेंट कैप तुरंत न खोलें, क्योंकि गर्म भाप या तरल से गंभीर जलन हो सकती है।
4. खराब मेंटेनेंस
- यह एक बहुत बड़ी वजह हो सकती है। कार की नियमित सर्विसिंग न कराने से छोटी-छोटी खराबियां बड़ी समस्या बन सकती हैं। घिसे हुए तार, खराब होज, फ्यूल लाइन में रिसाव या ऑयल सील की खराबी समय पर ठीक न कराई जाए, तो आग लगने का जोखिम बढ़ सकता है।
- अनऑथेराइज सीएनजी किट लगवाना या ईंधन सिस्टम में बिना उचित जांच के बदलाव करना भी खतरनाक हो सकता है। इसलिए गाड़ी में किसी तरह का तकनीकी बदलाव अधिकृत या प्रशिक्षित तकनीशियन से ही करवाना बेहतर हो सकता है।
5. ब्रेक और टायर से पैदा होने वाली ज्यादा गर्मी
ब्रेक में खराबी या लगातार घर्षण के कारण तापमान बढ़ सकता है। टायर में परेशानी या अत्यधिक घर्षण भी गर्मी बढ़ा सकता है। हालांकि, ब्रेक या टायर की गर्मी हर बार आग लगने का कारण नहीं होती, लेकिन खराबी के संकेतों को नजरअंदाज करना जोखिम बढ़ा सकता है।
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न करें ये गलती
- फोटो : एआई जनरेटेड
कार में आग लगने से बचने के लिए क्या करें?
नियमित सर्विसिंग कराएं
यह सबसे जरूरी कदम माना जाता है। कार की सर्विसिंग हमेशा टाइम से करवाएं। इस दौरान ऑयल, कूलेंट, फ्यूल लाइन्स और होज की समय-समय पर जांच करवाएं। अगर कहीं रिसाव या कोई पार्ट घिसा हुआ मिले, तो उसे जल्द बदलवाएं। जहां संभव हो, सर्विस सेंटर की मदद लें।
वायरिंग और एक्सेसरीज की जांच कराएं
फ्यूल और ऑयल लीकेज को नजरअंदाज न करें
इंजन के तापमान पर नजर रखें
नियमित सर्विसिंग कराएं
यह सबसे जरूरी कदम माना जाता है। कार की सर्विसिंग हमेशा टाइम से करवाएं। इस दौरान ऑयल, कूलेंट, फ्यूल लाइन्स और होज की समय-समय पर जांच करवाएं। अगर कहीं रिसाव या कोई पार्ट घिसा हुआ मिले, तो उसे जल्द बदलवाएं। जहां संभव हो, सर्विस सेंटर की मदद लें।
वायरिंग और एक्सेसरीज की जांच कराएं
- अक्सर लोग सस्ते के चक्कर में डुप्लीकेट इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगवा लेते हैं। म्यूजिक सिस्टम, एलईडी लाइट्स या अन्य एक्सेसरीज लगवाते समय सही वायरिंग, उपयुक्त फ्यूज और अच्छी गुणवत्ता वाले उपकरणों का इस्तेमाल जरूरी है।
- अगर किसी तार की इन्सुलेशन घिसी हुई हो या कनेक्शन ढीला हो, तो उसे तुरंत ठीक कराएं। आफ्टरमार्केट एक्सेसरीज का काम एक्सपीरियंस तकनीशियन से ही करवाएं।
फ्यूल और ऑयल लीकेज को नजरअंदाज न करें
- कार पार्क करने के बाद उसके नीचे तेल या ईंधन के निशान दिखाई दें, तो उनकी जांच कराएं। फ्यूल पाइप, इंजेक्टर और ऑयल सील्स की स्थिति भी समय-समय पर चेक करवाएं।
- अगर ईंधन की तेज गंध आए या रिसाव का शक हो, तो गाड़ी चलाते रहने के बजाय सुरक्षित जगह पर रुकें और विशेषज्ञ की मदद लें।
इंजन के तापमान पर नजर रखें
- लंबी यात्रा के दौरान टेंपरेचर गेज पर ध्यान दें। कूलेंट का स्तर निर्माता के निर्देशों के अनुसार सही रखें और ओवरहीटिंग की चेतावनी को नजरअंदाज न करें। जरूरत पड़ने पर सुरक्षित जगह पर रुककर सहायता लें।
- ब्रेक और टायर की स्थिति भी नियमित रूप से जांचें। अगर गाड़ी से असामान्य आवाज आए, जलने की गंध महसूस हो या कोई चेतावनी लाइट जले, तो उसकी जांच कराना बेहतर है।
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : एआई जनरेटेड
चलती कार में आग लग जाए तो क्या करें?
अगर गाड़ी से धुआं उठने लगे या आग दिखाई दे, तो सबसे पहले फौरन गाड़ी में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालें।
कार में फायर एक्सटिंगुइशर रखना कितना जरूरी?
ध्यान रहे, हमेशा अपनी गाड़ी में अच्छी क्वालिटी वाला फायर एक्सटिंगुइशर जरूर रखें। ऐसे समय में यह बेहद मददगार हो सकता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल तभी करें जब आग बहुत छोटी हो, आपके पास बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता हो और ऐसा करना जोखिम भरा न हो। आग तेजी से फैल रही हो, तो उसे खुद बुझाने की कोशिश करने के बजाय तुरंत दूर हटें और मदद बुलाएं।
अगर गाड़ी से धुआं उठने लगे या आग दिखाई दे, तो सबसे पहले फौरन गाड़ी में मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकालें।
- सुरक्षित जगह पर गाड़ी रोकें: जैसे ही ऐसा करना सुरक्षित हो, कार को सड़क के किनारे रोकें और इंजन बंद कर दें।
- सभी यात्रियों को बाहर निकालें: सामान लेने या गाड़ी को दोबारा चालू करने में समय न गंवाएं।
- बोनट न खोलें: अगर आग इंजन वाले हिस्से में है, तो बोनट खोलने से आग को ज्यादा ऑक्सीजन मिल सकती है और लपटें भड़क सकती हैं।
- कम से कम 30 मीटर दूर चले जाएं: गाड़ी से सुरक्षित दूरी बनाएं और ट्रैफिक से भी दूर रहें।
- इमरजेंसी सेवाओं को कॉल करें: स्थानीय अग्निशमन सेवा या आपातकालीन नंबर पर तुरंत संपर्क करें। आग बुझाने की कोशिश में खुद को खतरे में न डालें।
कार में फायर एक्सटिंगुइशर रखना कितना जरूरी?
ध्यान रहे, हमेशा अपनी गाड़ी में अच्छी क्वालिटी वाला फायर एक्सटिंगुइशर जरूर रखें। ऐसे समय में यह बेहद मददगार हो सकता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल तभी करें जब आग बहुत छोटी हो, आपके पास बाहर निकलने का सुरक्षित रास्ता हो और ऐसा करना जोखिम भरा न हो। आग तेजी से फैल रही हो, तो उसे खुद बुझाने की कोशिश करने के बजाय तुरंत दूर हटें और मदद बुलाएं।