चीन में 43 लाख ईवी का रिकॉल: क्या स्मार्ट कार के इलेक्ट्रॉनिक डोर हैं खतरनाक? जानें घर बैठे अपडेट की प्रक्रिया
ईवी की दुनिया में सुरक्षा को लेकर एक बड़ा फैसला सामने आया है। चीन में इलेक्ट्रिक गाड़ियों के मॉडर्न डिजाइन्स खास छिपे हुए इलेक्ट्रॉनिक डोर हैंडल्स में बड़ी सुरक्षा खामी के कारण लाखों गाड़ियों को रिकॉल किया गया है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले को विस्तार से।
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विस्तार
दुनिया के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक वाहन बाजार चीन में टेस्ला, शाओमी और लीपमोटर समेत नौ दिग्गज ऑटोमेकर्स ने करीब 43 लाख ईवी को वापस मंगाया है। क्रैश के बाद इमरजेंसी डोर-रिलीज लीवर न मिलने और कार में यात्रियों के फंसने के खतरे को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। दुर्घटना के समय जब कार की पावर फेल हो जाती है, तो यात्रियों को अंदर आपातकालीन डोर-रिलीज लीवर ढूंढने में भारी मशक्कत करनी पड़ती थी, जिससे जान का खतरा बन जाता था। आइए जानते हैं इस पूरे मामले के तथ्य, चीनी सरकार के कड़े कानून और घर बैठे इस समस्या को दूर करने का तरीका।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, आधुनिक ईवी में डिजाइन को ज्यादा साफ-सुथरा और मिनिमल रखने के लिए कई कंपनियों ने पारंपरिक दरवाजे के हैंडल और मैकेनिकल सिस्टम की जगह इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का इस्तेमाल किया है, लेकिन समस्या तब पैदा हुई, जब हादसे के बाद की बिजली चली गई। ऐसे में दरवाजा मैनुअल कैसे खुलेगा, यह भी यात्रियों को नहीं पता चलता, जिससे समस्या बढ़ जाती है। चीन का नया रिकॉल इसी समस्या को दूर करने पर केंद्रित है।
चीन पहले ही बदल चुका है नियम
- ऐसा पहली बार नहीं है, जब चीन ने इलेक्ट्रॉनिक डाेर हैंडल पर सख्ती दिखाई है, इसके पहले फरवरी में चीन ने ऐसे बाहरी इलेक्ट्रॉनिक डोर हैंडल पर भी सख्ती शुरू की थी, जिनमें पारंपरिक मैनुअल मैकेनिज्म मौजूद नहीं होता।
- यह मिनिमलिस्ट डिजाइन पहले टेस्ला वाहनों में काफी चर्चित हुआ और बाद में कई चीनी ईवी कंपनियों ने भी इसी तरह के डिजाइन अपनाए। नए नियम अगले साल से आने वाले नए मॉडल्स पर लागू होंगे।
रिकॉल में क्या बदलाव किए जाएंगे?
- अगर आपकी कार इस रिकॉल में शामिल है, तो ऑटो कंपनियां कारों के इमरजेंसी डोर-रिलीज मैकेनिज्म को ज्यादा आसानी से पहचानने योग्य बनाने के लिए कदम उठाएंगी। इसके लिए इमरजेंसी डोर-रिलीज मैकेनिज्म पर साफ लेबल लगाए जाएंगे। कुछ वाहनों में ओटीए यानी ओवर-द-एयर- सॉफ्टवेयर अपडेट दिया जाएगा।
- आपात स्थिति में सॉफ्टवेयर के जरिए कार की खिड़कियां नीचे करने की व्यवस्था की जा सकती है। इसके पीछे पावर फेल होने या दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों के लिए कार से बाहर निकलना आसान हो, ऐसा मकसद है।
चीन ईवी सेफ्टी में क्यों सख्त हो रहा है?
- चीन आज दुनिया के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक वाहन बाजार के रूप में जाना जा रहा है। यहां नई कारों की बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी करीब 55 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
- ऐसे में चीन में इलेक्ट्रिक कारों में तेजी से नए फीचर्स और टेक्नोलॉजी जोड़ी जा रही हैं। अब सरकार इन तकनीकों के साथ जुड़े सुरक्षा जोखिमों पर भी ज्यादा जोर दे रही है।
- गार्टनर के पेड्रो पचेको के अनुसार, चीन धीरे-धीरे एडवांस्ड व्हीकल टेक्नोलॉजी में रेगुलेटरी लीडरशिप की तरफ बढ़ रहा है। वहीं, ऑटोमोबिलिटी के बिल रूसो का मानना है कि यह बदलाव ईवी इनोवेशन और तेजी से बढ़ते फीचर्स के दौर से ज्यादा सख्त और स्पष्ट सुरक्षा नियमों की ओर बढ़ने का संकेत है।
शाओमी एसयू7 से जुड़ी घटना ने भी बढ़ाई चिंता
- इस मामले की चिंता तब और बड़ी जब चीनी मीडिया ने शाओमी7 सेडान से जुड़ी एक दुर्घटना और आग की घटना की रिपोर्ट की थी। रिपोर्ट में ऐसे दरवाजों की वजह से हादसा होने पर अंदर बैठा व्यक्ति ही नहीं, बल्कि बाहर राहगीर भी दरवाजा नहीं खोल सके। जिससे ड्राइवर की मौत हो गई।
- इसी तरह अमेरिका में भी टेस्ला डोर हैंडल डिजाइन को लेकर कई मुकदमे सामने आए हैं। कुछ मामलों में आग लगने के बाद यात्रियों के कार के अंदर फंसने को लेकर सवाल उठाए गए।
अमेरिका और यूरोप में भी उठ चुके हैं सवाल
- डोर-रिलीज और इलेक्ट्रॉनिक डोर हैंडल से जुड़ी चिंताएं सिर्फ चीन तक सीमित नहीं हैं। अमेरिका और यूरोप में भी ऐसी समस्याओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
- अमेरिका की एनएचटीएसए के सामने टेस्ला मॉडल 3 के डोर डिजाइन को लेकर याचिका भी आई थी। एजेंसी ने कहा था कि इस तरह के मुद्दों को चल रही नियम बनाने की प्रक्रिया में बेहतर तरीके से संबोधित किया जा सकता है।
- हालांकि चीन ने इस मामले में बड़े पैमाने पर रिकॉल और नए सुरक्षा नियमों के जरिए ज्यादा आक्रामक रुख अपनाया है।
टेस्ला पर क्यों पड़ सकता है सीधा असर?
- चीन टेस्ला के लिए बेहद महत्वपूर्ण बाजार होने के साथ-साथ बड़ा प्रोडक्शन हब भी है। ऐसे में चीन के नए सुरक्षा नियमों का असर कंपनी के डिजाइन और ग्लोबल रणनीति पर पड़ सकता है।
- एक्सर्ट्स का मानना है कि टेस्ला को अपने चर्चित मिनिमलिस्ट डोर हैंडल डिजाइन में बदलाव करने पड़ सकते हैं, कम से कम चीन के बाजार के लिए।
- अगर इसी तरह के नियम दूसरे बड़े बाजारों में भी लागू होते हैं, तो भविष्य में इलेक्ट्रिक कारों के डिजाइन में सुविधा के साथ-साथ इमरजेंसी एग्जिट और मैनुअल ऑपरेशन को भी ज्यादा महत्व मिल सकता है।
स्मार्ट कार के साथ स्मार्ट सेफ्टी भी जरूरी
- विशेषज्ञ का कहना है कि चीन की यह कार्रवाई दिखाती है कि ईवी में सिर्फ ज्यादा रेंज, तेज चार्जिंग, स्मार्ट फीचर्स और ऑटोनॉमस ड्राइविंग ही महत्वपूर्ण नहीं हैं। दुर्घटना या पावर फेल होने जैसी स्थिति में यात्री कितनी आसानी से कार से बाहर निकल सकता है, यह भी उतना ही जरूरी है।
- 43 लाख वाहनों का यह रिकॉल ऐसे समय में आया है, जब ईवी टेक्नोलॉजी तेजी से आगे बढ़ रही है। चीन का संदेश साफ है, कार जितनी स्मार्ट होगी, उसकी इमरजेंसी सेफ्टी भी उतनी ही आसान और भरोसेमंद होनी चाहिए।
घर बैठे मिनटों में कैसे करें अपडेट?
- इस समस्या को दूर करने के लिए कार निर्माताओं ने वर्कशॉप जाने के बजाय ओवर-द-एयर सॉफ्टवेयर अपडेट का रास्ता चुना है। इसके तहत आपकी गाड़ी के ऑपरेटिंग सिस्टम में एक नया अपडेट भेजा जाएगा, जो किसी भी दुर्घटना या पावर फेलियर की स्थिति में दोनों खिड़कियों को अपने आप तुरंत नीचे कर देगा।
- कार मालिक अपनी ईवी की सेंटर स्क्रीन पर सिस्टम सेटिंग्स मे जाकर सॉफ्टवेयर अपडेट पर क्लिक करके, इंटरनेट कनेक्टिविटी के ज़रिए घर बैठे ही 10 से 15 मिनट में इसे डाउनलोड और इंस्टॉल कर सकते हैं। इसके अलावा, कंपनियां आपातकालीन डोर-रिलीज लीवर के पास स्पष्ट पहचान चिह्न और चेतावनी लेबल भी लगा रही हैं।