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बिहार कैबिनेट: सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा एलान, मंत्रिपरिषद् की बैठक के बाद खुद मीडिया के सामने क्या बताया?
Mon, 12 Oct 2026 05:05 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Mon, 12 Oct 2026 05:05 PM IST
Bihar News : मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ही हमेशा मंत्रिपरिषद् की बैठक होती है, लेकिन हर बार मीडिया से मुखातिब अमूमन कोई सीनियर IAS होते थे। आज बैठक में लिए फैसलों की जानकारी सीएम खुद दे रहे हैं। 24 प्रस्तावों में क्या खास रहा, आइए जानें।
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बिहार कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी।
- फोटो : amar ujala digital
विस्तार
शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन यानी सोमवार को उन्होंने कैबिनेट की बैठक बुलाई। आमतौर पर वह बुधवार को कैबिनेट की बैठक करते हैं लेकिन उन्होंने मंत्रि परिषद् की बैठक बुला ली है। चौंकाने वाली बात यह है कि मंत्रिपरिषद् की बैठक के बाद सीएम सम्राट चौधरी खुद ही प्रेस वार्ता भी करने आ गए। आम तौर पर मंत्रिमंडल सचिवालय के अधिकारी यह प्रेस वार्ता करते हैं लेकिन आज सीएम सम्राट चौधरी कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी। ऐसा पहली बार है जब मुख्यमंत्री बनने के बाद वह खुद ही कैबिनेट की बैठक की जानकारी दे रहे हों। इस बैठक में 24 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। इनमें से तीन महत्वपूर्ण बातों को सामने लाने के लिए सम्राट चौधरी खुद सामने आए।
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उनके संबोधन के शुरुआती दो प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर थे, जिसे बताने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सामने आए थे। पहला प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन पर उनकी बधाई को लेकर था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बिहार मंत्रिमंडल परिषद ने उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया है। दूसरा प्रस्ताव बिहार की डबल इंजन सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जरिए हो रहे विकास कार्यों के लिए उन्हें धन्यवाद दिया गया। सीएम सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि बिहार को विकसित भारत-2047 के निर्माण में अग्रणी भागीदार बनाने के लिए राज्य और केंद्र सरकार मिलकर काम करेंगी। इसके साथ ही बिहार को निवेश, रोजगार, उद्यमिता, नवाचार और सुशासन का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का संकल्प लिया गया।
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सात अक्टूबर को बताया ऐतिहासिक दिन
उन्होंने कहा- "सात अक्टूबर का दिन भारतीय लोकतंत्र के लिए बहुत बड़ा दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन में सात अक्टूबर का दिन विशेष महत्व रखता है। सात अक्टूबर 2021 को वह गुजरात के मुख्यमंत्री बने। सात अक्टूबर 2014 को वह देश के प्रधानमंत्री बने। परिस्थितियां बदलती रही, लेकिन कर्मयोग चलता रहा। पिछले 25 साल में गरीब और किसान कल्याण के लिए उनका काम उल्लेखनीय रहा।" सीएम सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों की विस्तार से जानकारी देकर इसके लिए मंत्रिपरिषद् की ओर से उनका आभार जताते हुए उनका अभिनंदन किया।
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सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में इस तारीख का विशेष महत्व है। प्रधानमंत्री ने सत्ता को अधिकार के बजाय सेवा के माध्यम के रूप में देखा है। गरीब कल्याण, किसानों और वंचित वर्गों का सशक्तीकरण, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के लिए अवसर और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में वह काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने सबका साथ, सबका विकास की भावना के तहत विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने पर जोर दिया है।
बिहार में आवास और जनधन खातों का किया उल्लेख
बिहार के विकास का जिक्र करते हुए सीएम सम्राट ने कहा कि राज्य में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार के तहत जनधन योजना के माध्यम से सात करोड़ से अधिक लोगों को बैंक खातों से जोड़ा गया। इसके अलावा, वर्ष 2014 से 2026 के बीच ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगभग 55 लाख आवासों का निर्माण किया गया। वर्ष 2026-27 के लिए करीब 11.25 लाख अतिरिक्त आवासों के लिए राशि आवंटित की गई। सीएम सम्राट चौधरी ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत घरेलू शौचालयों के निर्माण और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं से बिहार के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिली है।
बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: बिजली-पानी से पर्यटन तक कई योजनाओं को मंजूरी, पिपरा में बनेगा 220 केवी ग्रिड
बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार, 12 अक्तूबर 2026 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में विकास और आधारभूत संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री के संवाददाता सम्मेलन के बाद विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि बैठक में बिजली आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने, ग्रामीण सड़कों के रखरखाव, पेयजल योजनाओं, पर्यटन विकास और सहकारी बैंकों की वित्तीय एवं साइबर सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण, पर्यावरण संरक्षण, सूचना प्रौद्योगिकी और प्रशासनिक व्यवस्था से संबंधित प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।
सुपौल के पिपरा में बनेगा 220 केवी ग्रिड
ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, सुपौल जिले के पिपरा में 220/132/33 केवी क्षमता का नया ग्रिड सबस्टेशन बनाया जाएगा। इसके लिए 576.36 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। योजना का उद्देश्य बिजली पारेषण प्रणाली को मजबूत करना है। इसके अलावा 132 केवी हवाई सर्किट लाइन के निर्माण और संबंधित बिजली ढांचे को विकसित करने के लिए 81.07 करोड़ रुपये की नई योजना को भी स्वीकृति दी गई।
मुंगेर और वैशाली में पेयजल व्यवस्था होगी मजबूत
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की ओर से मुंगेर और वैशाली जिले में बहुग्रामीय जलापूर्ति योजनाओं को मंजूरी दी गई। मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर और टेटियाबंबर प्रखंड के 177 वार्डों में पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए 22 एमएलडी क्षमता की जलापूर्ति योजना को स्वीकृति दी गई है। इसके लिए 279.51 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
वहीं, वैशाली जिले के महुआ क्षेत्र की 30 पंचायतों के 483 वार्डों में पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए 12 एमएलडी क्षमता की जलापूर्ति योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना पर 500.71 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत सतही जल का उपयोग कर पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
वैशाली में पीपीपी मोड पर बनेगा रिसॉर्ट
पर्यटन विभाग के प्रस्ताव के तहत वैशाली में 10 एकड़ भूमि पर जन-निजी भागीदारी (पीपीपी) के आधार पर रिसॉर्ट विकसित करने और उसके संचालन की योजना को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और पर्यटन आधारभूत संरचना का विकास करना है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रस्ताव के तहत भीमबांध क्षेत्र में पर्यटन के समग्र विकास के लिए तैयार तीन क्लस्टर की योजना को पीपीपी मोड पर लागू करने की स्वीकृति दी गई।
ग्रामीण सड़कों के रखरखाव की योजना लागू होगी
ग्रामीण कार्य विभाग के तहत ग्रामीण सड़कों के नियमित अनुरक्षण, मरम्मत, नवीनीकरण और पांच वर्षीय रखरखाव के लिए ग्रामीण सड़क अनुरक्षण एवं प्रबंधन कार्यक्रम लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे ग्रामीण सड़कों के व्यवस्थित रखरखाव की व्यवस्था विकसित करने में मदद मिलेगी।
सहकारी बैंकों को आर्थिक और तकनीकी सहायता
सहकारिता विभाग के प्रस्ताव के तहत जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड, बेगूसराय को पूंजीगत सहायता देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 70 करोड़ रुपये के अनुदान को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य भारतीय रिजर्व बैंक की निर्धारित पूंजी पर्याप्तता संबंधी शर्तों को पूरा करने में बैंक की मदद करना है। इसके अलावा बिहार राज्य सहकारी बैंक और उससे संबद्ध सभी जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में साइबर सुरक्षा व्यवस्था लागू करने के लिए साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र स्थापित करने के वास्ते सहायता अनुदान को स्वीकृति दी गई।
अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के लिए 534.41 करोड़
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के प्रस्ताव के तहत अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के आदर्श ग्राम घटक और संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 534.41 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दी गई। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए तकनीकी और प्रशासनिक शक्तियों तथा वित्तीय सीमाओं के निर्धारण से संबंधित प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले
* केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन: पूर्वी चंपारण जिले में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए बरियारपुर मौजा में पांच एकड़ सरकारी भूमि केंद्रीय विद्यालय संगठन, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को निर्धारित शर्तों के साथ उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
* बिहार काष्ठ आधारित उद्योग नियमावली: बिहार काष्ठ आधारित उद्योगों के विनियमन से संबंधित संशोधित नियमावली, 2026 को स्वीकृति दी गई।
* सूचना प्रौद्योगिकी: बिहार सूचना प्रौद्योगिकी अवर सेवा नियमावली, 2025 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। साथ ही एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन करने से संबंधित प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
* आपातकालीन संचालन केंद्र: राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के सुदृढ़ीकरण के लिए उपकरणों, सॉफ्टवेयर, नेटवर्क, वीडियो वॉल और अन्य एकीकृत प्रणालियों के तीन वर्षों के व्यापक रखरखाव का कार्य कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
* क्षेत्रीय हवाई संपर्क: क्षेत्रीय संपर्क योजना के संशोधित उड़ान संस्करणों के तहत राज्य के हवाई अड्डों के नामांकन से संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
* सड़क निर्माण: पथ निर्माण विभाग की निविदाओं में न्यूनतम दर सीमा 10 प्रतिशत को फिर से बहाल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
* राज्यपाल सचिवालय: वित्तीय वर्ष 2026-27 में कार्यशाला एवं सेमिनार मद में एक करोड़ रुपये के अग्रिम निकासी प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
* आयुर्वेद महाविद्यालय: राजकीय तिब्बी एवं आयुर्वेद महाविद्यालय-सह-अस्पताल में तीन अधिसंख्य पदों के सृजन से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।