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माइक्रोसॉफ्ट में नौकरी छोड़ने का विकल्प: भारत समेत चार देशों के नागरिकों को ऑफर; 60 हजार लोगों पर होगा असर
Mon, 26 Oct 2026 10:54 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 26 Oct 2026 10:54 PM IST
माइक्रोसॉफ्ट ने भारत समेत चार देशों में पात्र कर्मचारियों को स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का विकल्प दिया है। इसके तहत आर्थिक मदद, स्वास्थ्य बीमा और करियर बदलने में सहयोग मिलेगा। आखिर किन कर्मचारियों को मिलेगा इसका लाभ और क्या होंगी शर्तें? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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माइक्रोसॉफ्ट
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एडॉब स्टॉक
विस्तार
माइक्रोसॉफ्ट ने सोमवार को अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक से नौकरी छोड़ने की योजना की घोषणा की। यह योजना भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा के पात्र कर्मचारियों के लिए है। कंपनी ने यह जानकारी अपने ब्लॉग पोस्ट में दी। इस योजना के तहत नौकरी छोड़ने का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों को आर्थिक मदद दी जाएगी। उन्हें करियर की योजना बनाने में भी मदद मिलेगी।
माइक्रोसॉफ्ट में भारत में करीब 23 हजार कर्मचारी काम करते हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि इनमें से कितने कर्मचारी इस योजना के लिए पात्र होंगे। दुनियाभर में कंपनी के करीब 60 हजार कर्मचारी इस योजना के लिए पात्र हैं। जानकारी के अनुसार, भारत में पात्र कर्मचारियों को इस प्रस्ताव पर फैसला लेने के लिए 1 दिसंबर तक का समय मिलेगा।
नौकरी छोड़ने पर क्या मिलेगा?
इस योजना के तहत मिलने वाला पैकेज कंपनी की सामान्य नौकरी छोड़ने की व्यवस्था जैसा होगा। इसमें नौकरी के हर पूरे साल के लिए एक महीने का मूल वेतन शामिल होगा। इसके अलावा, स्वास्थ्य बीमा और करियर बदलने में मदद देने वाली सेवाएं भी मिलेंगी।
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माइक्रोसॉफ्ट की कार्यकारी उपाध्यक्ष एमी कोलमैन ने अपने ब्लॉग पोस्ट में इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का यह प्रस्ताव चार देशों की भाग लेने वाली टीमों के कर्मचारियों के लिए होगा। यह प्रस्ताव माइक्रोसॉफ्ट में स्तर 70 और उससे नीचे के कर्मचारियों को दिया जाएगा। ये स्तर कंपनी में कर्मचारियों के पद और वरिष्ठता के आधार पर तय किए जाते हैं।
कोलमैन ने कहा कि यह सीमित समय के लिए शुरू की गई पहल है। इसका मकसद उन कर्मचारियों को अधिक विकल्प देना है, जो कंपनी से बाहर नौकरी या करियर के दूसरे अवसरों पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, यह प्रस्ताव कनाडा, भारत, ब्रिटेन और अमेरिका की भाग लेने वाली टीमों के पात्र कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगा।
भारत में निवेश को लेकर कंपनी ने क्या कहा?
इस बीच, माइक्रोसॉफ्ट के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी भारत की प्रतिभा और प्रौद्योगिकी से जुड़े क्षेत्र में निवेश जारी रखे हुए है। प्रवक्ता के अनुसार, कंपनी भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से जुड़ी योजनाओं में भी सहयोग कर रही है। इसके लिए 2025 से 2029 के बीच 20.5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई है। यह निवेश क्लाउड और एआई के बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और कामकाज से जुड़ी गतिविधियों में किया जाएगा।
ये भी पढ़ें: एंथ्रोपिक आईपीओ: शेयर बाजार में उतरने की तैयारी, क्या अगले महीने हो सकती है एआई कंपनी की एंट्री?
प्रवक्ता ने कहा, हम 2030 तक भारत में 2 करोड़ लोगों को एआई से जुड़े कौशल सिखाने की अपनी प्रतिबद्धता पूरी करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं।
कंपनी ने स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का विकल्प क्यों दिया?
कोलमैन ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि इस योजना से कर्मचारियों को मदद के साथ नौकरी छोड़ने और आगे बढ़ने का विकल्प मिलेगा। इससे योजना में शामिल कंपनी की इकाइयां भी अपनी बदलती जरूरतों के हिसाब से कर्मचारियों की संख्या तय कर सकेंगी।
कंपनी ने साफ किया कि यह योजना उसके सभी कामकाज में एक जैसी लागू नहीं होगी। इसमें भाग लेने का फैसला हर कारोबारी इकाई की प्राथमिकताओं, ग्राहकों से किए गए वादों और कर्मचारियों की जरूरतों के आधार पर होगा। ब्लॉग पोस्ट के अनुसार, पात्र कर्मचारियों को ईमेल भेजे जाएंगे। इनमें उन्हें स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने के प्रस्ताव की शर्तों की जानकारी दी जाएगी।
कोलमैन ने कहा, स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का यह प्रस्ताव हमारे लिए नया है। हम इससे सीखेंगे। उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट कर्मचारियों को नए कौशल सीखने और कंपनी के भीतर करियर के दूसरे अवसर तलाशने में मदद देना जारी रखेगी। जहां ऐसा करना उचित होगा, वहां कर्मचारियों को ये अवसर दिए जाएंगे।
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माइक्रोसॉफ्ट में भारत में करीब 23 हजार कर्मचारी काम करते हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि इनमें से कितने कर्मचारी इस योजना के लिए पात्र होंगे। दुनियाभर में कंपनी के करीब 60 हजार कर्मचारी इस योजना के लिए पात्र हैं। जानकारी के अनुसार, भारत में पात्र कर्मचारियों को इस प्रस्ताव पर फैसला लेने के लिए 1 दिसंबर तक का समय मिलेगा।
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नौकरी छोड़ने पर क्या मिलेगा?
इस योजना के तहत मिलने वाला पैकेज कंपनी की सामान्य नौकरी छोड़ने की व्यवस्था जैसा होगा। इसमें नौकरी के हर पूरे साल के लिए एक महीने का मूल वेतन शामिल होगा। इसके अलावा, स्वास्थ्य बीमा और करियर बदलने में मदद देने वाली सेवाएं भी मिलेंगी।
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माइक्रोसॉफ्ट की कार्यकारी उपाध्यक्ष एमी कोलमैन ने अपने ब्लॉग पोस्ट में इस योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का यह प्रस्ताव चार देशों की भाग लेने वाली टीमों के कर्मचारियों के लिए होगा। यह प्रस्ताव माइक्रोसॉफ्ट में स्तर 70 और उससे नीचे के कर्मचारियों को दिया जाएगा। ये स्तर कंपनी में कर्मचारियों के पद और वरिष्ठता के आधार पर तय किए जाते हैं।
कोलमैन ने कहा कि यह सीमित समय के लिए शुरू की गई पहल है। इसका मकसद उन कर्मचारियों को अधिक विकल्प देना है, जो कंपनी से बाहर नौकरी या करियर के दूसरे अवसरों पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, यह प्रस्ताव कनाडा, भारत, ब्रिटेन और अमेरिका की भाग लेने वाली टीमों के पात्र कर्मचारियों के लिए उपलब्ध होगा।
भारत में निवेश को लेकर कंपनी ने क्या कहा?
इस बीच, माइक्रोसॉफ्ट के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी भारत की प्रतिभा और प्रौद्योगिकी से जुड़े क्षेत्र में निवेश जारी रखे हुए है। प्रवक्ता के अनुसार, कंपनी भारत की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से जुड़ी योजनाओं में भी सहयोग कर रही है। इसके लिए 2025 से 2029 के बीच 20.5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई गई है। यह निवेश क्लाउड और एआई के बुनियादी ढांचे, कौशल विकास और कामकाज से जुड़ी गतिविधियों में किया जाएगा।
ये भी पढ़ें: एंथ्रोपिक आईपीओ: शेयर बाजार में उतरने की तैयारी, क्या अगले महीने हो सकती है एआई कंपनी की एंट्री?
प्रवक्ता ने कहा, हम 2030 तक भारत में 2 करोड़ लोगों को एआई से जुड़े कौशल सिखाने की अपनी प्रतिबद्धता पूरी करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं।
कंपनी ने स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का विकल्प क्यों दिया?
कोलमैन ने अपने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि इस योजना से कर्मचारियों को मदद के साथ नौकरी छोड़ने और आगे बढ़ने का विकल्प मिलेगा। इससे योजना में शामिल कंपनी की इकाइयां भी अपनी बदलती जरूरतों के हिसाब से कर्मचारियों की संख्या तय कर सकेंगी।
कंपनी ने साफ किया कि यह योजना उसके सभी कामकाज में एक जैसी लागू नहीं होगी। इसमें भाग लेने का फैसला हर कारोबारी इकाई की प्राथमिकताओं, ग्राहकों से किए गए वादों और कर्मचारियों की जरूरतों के आधार पर होगा। ब्लॉग पोस्ट के अनुसार, पात्र कर्मचारियों को ईमेल भेजे जाएंगे। इनमें उन्हें स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने के प्रस्ताव की शर्तों की जानकारी दी जाएगी।
कोलमैन ने कहा, स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का यह प्रस्ताव हमारे लिए नया है। हम इससे सीखेंगे। उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट कर्मचारियों को नए कौशल सीखने और कंपनी के भीतर करियर के दूसरे अवसर तलाशने में मदद देना जारी रखेगी। जहां ऐसा करना उचित होगा, वहां कर्मचारियों को ये अवसर दिए जाएंगे।