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सर्वे: दूसरी छमाही में रियल एस्टेट-आईटी में बंपर नौकरियों के आसार, एफएमसीजी दूसरे स्थान पर; कहां ज्यादा मौका?
Thu, 27 Aug 2026 04:54 AM IST
निर्मल कांत
एजेंसी, मुंबई।
एजेंसी, मुंबई।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 27 Aug 2026 04:54 AM IST
एक सर्वेक्षण में सामने आया है कि साल की दूसरी छमाही में रियल एस्टेट और आईटी में भर्ती बढ़ सकती है। एफएमसीजी सेक्टर भी आगे रहेगा। क्या रोजगार बाजार में तेजी लौटने वाली है?
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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
भारत के जॉब मार्केट में 2026 की दूसरी छमाही में भी नए रोजगार सृजन की अच्छी उम्मीद है। नौकरी डॉट कॉम का दावा है कि इस अवधि में भर्तियां जारी रहेंगी और रियल एस्टेट व आईटी सेक्टर में सर्वाधिक रोजगार पैदा होंगे। कंपनी के हायरिंग आउटलुक सर्वे 2026 के मुताबिक, रियल एस्टेट में 86 फीसदी, एफएमसीजी में 85 फीसदी और आईटी क्षेत्र में 83 फीसदी एचआर लीडर्स ने नई नौकरियों के सृजन की संभावना जताई है।
आईटी सेक्टर का आंकड़ा पहली छमाही के 79 फीसदी से बढ़कर अब और मजबूत हुआ है। भर्ती के लिहाज से बिजनेस डेवलपमेंट, मार्केटिंग और नई तकनीक से जुड़ी भूमिकाओं की मांग सबसे अधिक रहने का अनुमान है।
योग्य लोगों का चयन बड़ी चुनौती : सीआईआई की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, देश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) की संख्या और उनके कार्यक्षेत्र का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन उनकी सबसे बड़ी चुनौती योग्य उम्मीदवारों का चयन है। जीसीसी किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी ऐसे विदेशी ऑफिस हैं, जो वैश्विक स्तर पर तकनीकी और अनुसंधान जैसे महत्वपूर्ण कार्य संभालते हैं।
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ये भी पढ़ें: सोना महंगा होने से बदला गहनों का बाजार: कम वजन में खरीदारी बढ़ी, मूल्य में 40% उछाल; क्या है वजह?
एआई से बड़ा खतरा नहीं
सर्वे में यह भी सामने आया कि एआई से फिलहाल नौकरियों पर कोई बड़ा खतरा नहीं है। 86% एचआर लीडर्स ने कहा कि एआई से निकट भविष्य में बड़ी छंटनी की संभावना नहीं है।
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आईटी सेक्टर का आंकड़ा पहली छमाही के 79 फीसदी से बढ़कर अब और मजबूत हुआ है। भर्ती के लिहाज से बिजनेस डेवलपमेंट, मार्केटिंग और नई तकनीक से जुड़ी भूमिकाओं की मांग सबसे अधिक रहने का अनुमान है।
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योग्य लोगों का चयन बड़ी चुनौती : सीआईआई की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, देश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) की संख्या और उनके कार्यक्षेत्र का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन उनकी सबसे बड़ी चुनौती योग्य उम्मीदवारों का चयन है। जीसीसी किसी बहुराष्ट्रीय कंपनी ऐसे विदेशी ऑफिस हैं, जो वैश्विक स्तर पर तकनीकी और अनुसंधान जैसे महत्वपूर्ण कार्य संभालते हैं।
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एआई से बड़ा खतरा नहीं
सर्वे में यह भी सामने आया कि एआई से फिलहाल नौकरियों पर कोई बड़ा खतरा नहीं है। 86% एचआर लीडर्स ने कहा कि एआई से निकट भविष्य में बड़ी छंटनी की संभावना नहीं है।
- वहीं, 20% का अनुमान है कि एआई आईटी और बीएफएसआई सेक्टर में सर्वाधिक नए रोजगार पैदा करेगा। खासतौर पर मार्केटिंग और एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में।
- कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही कौशल वाले अभ्यर्थियों की कमी है। 31% एचआर लीडर्स ने इसे प्रमुख समस्या बताया।
- उनका कहना है कि नए कौशल तेजी से उभर रहे हैं और पुराने की उपयोगिता कम हो रही है, उन्हें नया कौशल सीखने की जरूरत है।