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Balod: भालू की हो गई मौत, बिना अधिकारियों की जानकारी के कर दिया दफन, डीएफओ से मांगा गया जवाब

Fri, 21 Mar 2025 08:21 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बालोद
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद Published by: Digvijay Singh Updated Fri, 21 Mar 2025 08:21 PM IST
सार
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बालोद में जिले के ताँदुला जलाशय में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई भालू की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है, यहां वन विभाग द्वारा जिम्मेदारों को नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है

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bear died it was buried without knowledge of the officials, an answer was sought from DFO in Balod
डीएफओ से मांगा गया जवाब - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बालोद में जिले के ताँदुला जलाशय में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई भालू की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है, यहां वन विभाग द्वारा जिम्मेदारों को नोटिस जारी करते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है तो वहीं जांच टीम भी गठित की गई है उपवन मंडल अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टियां मछुआरों के जाल में फंसने से भालू की मौत का अंदाजा लगाया जा रहा है और पूरी जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा वहीं भालू की मौत को लेकर आखिर कर्मचारियों ने यह बात छिपाकर क्यों रखी यह भी एक बड़ा सवाल है वन विभाग के लिए आज भी यह बड़ा सवाल है कि आखिर भालू की मौत कैसे हुई और यदि मौत हुई तो उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई और भालू को संदिग्ध रूप से दफन भी कर दिया गया है और पोस्टमॉडम भी नहीं किया गया है अब मामले की जांच उप वनमण्डल अधिकारी करेंगे उसके बाद राज्य की टीम यहां आएगी।

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बालोद जिले में 24 फरवरी को एक भालू की तांदुला बांध में संदिग्ध मौत पर पर वन प्रेमियों ने आक्रोश व्यक्त किया है, कारवाई न होने से नाराज वन्य जीव प्रेमियों ने बालोद से दुर्ग पहुंचकर मुख्य वन संरक्षक दुर्ग सर्किल को जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई करने ज्ञापन सौंपा है,, वन्यजीव प्रेमी भोज साहू बताते है कि भालू की मौत के बाद बिना पंचनामा व पीएम करवाये बगैर दफन कर दिया गया,, वहीं हमारे जिले के वन मण्डलाधिकारी भी इस मामले से अनभिज्ञ जाहिर किया है। जबकि कोई भी वन्य प्राणी की मौत होने पर वन्य प्राणी अधिनियम 1972 के अनुसार वन्य जीवों के सुरक्षा और संरक्षण के लिए कानून बना है, जिसमें संदिग्ध मौत पर पंचनामा और पीएम कराना होता है। लेकिन बालोद जिले के भालू के मौत का बिना जाँच करवाये उसे दफन कर दिया है,, उन्हें अंदेशा है भालू का नाखुन व दांत निकाल लिया है, हो सकता है बालोद जिले के वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी तश्करी से जुड़े हुए हो। वन्य प्रेमी आज आपके सामने भालू के मौत का निष्पक्ष जाँच की मांग करते हैं। 
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वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को स्पष्टीकरण जारी
वनमण्डलाधिकारी बीएस सरोटे ने कहा कि जिले के वनमंडल बालोद अंतर्गत तांदुला बांध के समीप वन्य प्राणी भालू की संदिग्ध हालत में मौत होने की सूचना मिलने पर वन विभाग के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी को स्पष्टीकरण जारी कर जवाब मांगा गया है। उन्होंने बताया कि उक्त घटना बालोद वन परिक्षेत्र के सहायक वन परिक्षेत्र हर्राठेमा से होना संभावित है। संबंधित सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी एवं अधिनस्थ परिसर रक्षकों को स्पष्टीकरण जारी कर जवाब मांगा गया है तथा उपवनमंडलाधिकारी बालोद को पत्र जारी कर घटनाक्रम के संबंध में तथ्यात्मक जांच प्रतिवेदन तत्काल प्रस्तुत किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि उपरोक्त घटना के संबंध में यदि कोई भी अधिकारी-कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अनुरूप कार्यवाही की जाएगी।
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पहले डीएफओ से लिया जाएगा रिपोर्ट-  सीसीएफ वाइल्डलाइफ 
सीसीएफ वाइल्डलाइफ रायपुर सतोविषा समाजदार ने पूरे मामले को लेकर कहा कि गंभीर विषय है एक वाइल्ड लाइफ एनिमल की मौत हुई है तो इन सब में सबसे पहले हमने वन मंडल अधिकारी से जवाब मांगा है और उनके जवाब के बाद हम उसके आधार पर जो छत्तीसगढ़ के सीएफ है उनके माध्यम से टीम गठन करके पूरे मामले की जांच करेंगे।

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