Balod: गिने-चुने शिक्षकों की काउंसलिंग को लेकर प्रदर्शन, प्रशासन ने लगाई बैरिकेडिंग, शिक्षकों ने जताया विरोध
बालोद जिले में युक्तियुक्तकरण के तहत आज सभी शिक्षकों का काउंसलिंग किया जाना था लेकिन एक तरफ जहां गिने-चुने शिक्षकों की काउंसलिंग जिला पंचायत सभागार में हो रही है तो दूसरी ओर बाहर काफी संख्या में शिक्षक इसका विरोध कर रहे हैं।
विस्तार
बालोद जिले में युक्तियुक्तकरण के तहत आज सभी शिक्षकों का काउंसलिंग किया जाना था लेकिन एक तरफ जहां गिने-चुने शिक्षकों की काउंसलिंग जिला पंचायत सभागार में हो रही है तो दूसरी ओर बाहर काफी संख्या में शिक्षक इसका विरोध कर रहे हैं प्रशासन और पुलिस की बल तैनात है और यहां पर बैरिकेडिंग लगाकर शिक्षकों को बाहर रोकने का भी प्रयास किया जा रहा है शिक्षकों ने आरोप लगाया कि काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के विपरीत की जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पहले रिक्त पदों की सूची जारी कर दावा-आपत्ति का मौका दिया जाना चाहिए था, लेकिन बिना वरिष्ठता और कनिष्ठता का ध्यान रखे सीधे काउंसलिंग की जा रही है वही आज काउंसलिंग है और एक दिन पहले रात में रिक्त पदों की सूची प्रशासन द्वारा जारी की जा रही है यहां पर निजीकरण को बढ़ावा देने और गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित करने का काम किया जा रहा है।
सर्व शिक्षक साझा मंच के जिला संचालक जितेंद्र शर्मा ने बताया कि जिले के कलेक्टर सब की बातों को सुनते हैं तो हमारी बातों को भी उन्हें सुनना चाहिए हमें मिलने का मौका तक नहीं दिया जा रहा है उन्होंने कहा कि विसंगति पूर्ण युक्ति युक्त कारण का हम यहां विरोध कर रहे हैं और 2008 में बनाए गए सेटअप से यहां पर सरकार और प्रशासन छेड़छाड़ कर रही है यहां पर सीधे-सीधे निजी क्षेत्र को लाभ पहुंचाने का काम सरकार और प्रशासन कर रही है उन्होंने कहा कि जहां गरीब बच्चे पढ़ते हैं वहां शिक्षकों से शिक्षा का और बच्चों से भी शिक्षा का अधिकार चीन का प्रयास किया जा रहा है जिसे हम विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों को मत किया जा रहा है उन्हें बंद किया जा रहा है उन्होंने बताया कि 2008 के सेटअप के अनुसार प्राथमिक शाला में 60 दर्ज संख्या के पीछे एक प्रधान पाठक और दो शिक्षक नियुक्त किए गए थे लेकिन अब उन्हें एक प्रधान पाठक और एक शिक्षक के भरोसे रखा जाएगा प्रधान पाठक को अन्य कई सारे काम रहते हैं उन्हें जनगणना से लेकर मतदान और अन्य जिम्मेदारियां दी जाती है और यदि वहां कोई अन्य महिला शिक्षक को तो उन्हें प्रसव छुट्टी सहित धन्य कई सारी छुट्टियां लेनी पड़ती है तो आखिर ऐसी व्यवस्था के साथ बच्चों को कैसे बेहतर शिक्षा मिल पाएगी।
दिलीप साहू जिला शिक्षक साझा मंच ने बताया कि एक बेहतरीन सेटअप तैयार था जिसे अब बदलने की कोशिश शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही है और शिक्षकों को अधिशेष किया जा रहा है प्राथमिक और मिडिल को एक ही परिसर में संचालित करने मिडिल और हाई स्कूल को एक ही परिसर में संचालित करने सहित कैसे विसंगति भरे फैसले हैं जो शिक्षा विभाग और प्रशासन और सरकार ले रही है इसका हम सब यहां पर विरोध कर रहे हैं हम एक अच्छा बेहतरीन सेटअप चाहते हैं और यह लड़ाई हम आगे भी जारी रखेंगे।
आपको बता दें कि हजारों की संख्या में यहां पर शिक्षक उपस्थित हैं और नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं वहीं शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक जो की कलेक्टर के अध्यक्षता में बनाए गए चयन समिति का हिस्सा नहीं है उनके बावजूद भी उनकी दखलअंदाजी का विरोध भी शिक्षक बाहर में कर रहे हैं अनविभागीय अधिकारी राजस्व पुलिस के बड़े अधिकारी सहित पुलिस कर्मचारी बड़ी संख्या में यहां पर मौजूद है शिक्षकों को मनाने की कोशिश की जा रही है।