{"_id":"6a879c983a3bc8a03302d1a9","slug":"indian-chemical-industry-unit-in-soridbhat-sealed-multiple-irregularities-found-in-pesticides-dhamtari-news-c-1-1-noi1490-4634465-2026-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"कीटनाशक फैक्ट्री में बड़ा खेल: एक्सपायरी दवाएं और प्रतिबंधित पैकेजिंग मिली, कृषि विभाग ने यूनिट की सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कीटनाशक फैक्ट्री में बड़ा खेल: एक्सपायरी दवाएं और प्रतिबंधित पैकेजिंग मिली, कृषि विभाग ने यूनिट की सील
Fri, 21 Aug 2026 08:27 AM IST
धमतरी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धमतरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धमतरी
Published by: धमतरी ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2026 08:27 AM IST
धमतरी के सोरिदभाट स्थित भारतीय रासायनिक उद्योग की कीटनाशक निर्माण इकाई में कृषि विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया। जांच में अवसान तिथि पार कर चुके कीटनाशकों, प्रतिबंधित उत्पाद से जुड़ी पैकेजिंग सामग्री और जरूरी दस्तावेजों की कमी जैसी अनियमितताएं मिलीं। विभाग ने इकाई को सील कर बिक्री पर रोक लगा दी है और कीटनाशकों के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं।
विज्ञापन
कीटनाशकों में गड़बड़ियां मिलने पर फैक्ट्री सील
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जिले में कृषि विभाग ने कीटनाशक निर्माण और बिक्री में नियमों की अनदेखी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। सोरिदभाट स्थित भारतीय रासायनिक उद्योग की कीटनाशक निर्माण इकाई का राज्य और जिला स्तरीय टीम ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अवसान तिथि पार कर चुके कीटनाशकों के भंडारण समेत कई अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद विभाग ने इकाई को सील करते हुए कीटनाशकों की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है।
एक्सपायरी कीटनाशक मिले, प्रतिबंधित पैकेजिंग भी बरामद
जानकारी के अनुसार, खरीफ सीजन को देखते हुए कृषि विभाग जिले में कीटनाशकों के निर्माण, भंडारण और बिक्री की लगातार जांच कर रहा है। इसी अभियान के तहत संचालक कृषि के निर्देश पर संयुक्त निरीक्षण दल भारतीय रासायनिक उद्योग पहुंचा था। निरीक्षण के दौरान टीम को इकाई में अवसान तिथि वाले कीटनाशक मिले। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित उत्पाद से जुड़ी पैकेजिंग सामग्री भी मौके पर पाई गई। निर्माण प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली थोक सामग्री से संबंधित कंपनी अनुबंध की प्रति भी निरीक्षण दल को उपलब्ध नहीं कराई जा सकी।
जरूरी दस्तावेज नहीं मिले, विभाग ने माना नियमों का उल्लंघन
जांच के दौरान निर्धारित मासिक जानकारी प्रस्तुत नहीं करने और प्रयोगशाला के संचालन से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की बात भी सामने आई। विभाग ने इन खामियों को कीटनाशी अधिनियम और संबंधित नियमों के विपरीत मानते हुए कार्रवाई की है।
विज्ञापन
यूनिट सील, बिक्री पर तत्काल रोक
कृषि विभाग ने संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही तत्काल प्रभाव से विक्रय प्रतिबंध लगाते हुए पूरी इकाई को सील कर दिया गया है। निर्माण इकाई से तैयार किए गए कीटनाशी उत्पादों के नमूने भी जांच के लिए लिए गए हैं, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए कीटनाशी गुण नियंत्रण प्रयोगशाला भेजा गया है।
रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
अब विभाग की आगे की कार्रवाई नोटिस के जवाब और प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। परीक्षण में उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर कोई गड़बड़ी सामने आती है तो नियमानुसार अतिरिक्त कार्रवाई की जाएगी।
किसानों के हित में जांच अभियान जारी रहेगा
कृषि विभाग के अधिकारी मोनेश साहू ने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण और मानक कृषि आदान उपलब्ध कराने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में कीटनाशी विक्रेताओं और कृषि आदान से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच आगे भी जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर विक्रय प्रतिबंध, लाइसेंस निलंबन से लेकर लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई की जा सकती है।
विभाग ने कीटनाशक विक्रेताओं और निर्माताओं को केवल पंजीकृत और मानक उत्पादों का ही भंडारण व विक्रय करने के निर्देश दिए हैं। वहीं किसानों से भी अपील की गई है कि कीटनाशक खरीदने से पहले लेबल, बैच नंबर, निर्माण और अवसान तिथि तथा पंजीयन संबंधी जानकारी जरूर जांचें। किसी उत्पाद या प्रतिष्ठान को लेकर संदेह होने पर इसकी सूचना कृषि विभाग को देने की अपील की गई है। कृषि विभाग का कहना है कि यह अभियान किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार जारी रहेगा।
विज्ञापन
एक्सपायरी कीटनाशक मिले, प्रतिबंधित पैकेजिंग भी बरामद
जानकारी के अनुसार, खरीफ सीजन को देखते हुए कृषि विभाग जिले में कीटनाशकों के निर्माण, भंडारण और बिक्री की लगातार जांच कर रहा है। इसी अभियान के तहत संचालक कृषि के निर्देश पर संयुक्त निरीक्षण दल भारतीय रासायनिक उद्योग पहुंचा था। निरीक्षण के दौरान टीम को इकाई में अवसान तिथि वाले कीटनाशक मिले। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित उत्पाद से जुड़ी पैकेजिंग सामग्री भी मौके पर पाई गई। निर्माण प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली थोक सामग्री से संबंधित कंपनी अनुबंध की प्रति भी निरीक्षण दल को उपलब्ध नहीं कराई जा सकी।
विज्ञापन
जरूरी दस्तावेज नहीं मिले, विभाग ने माना नियमों का उल्लंघन
जांच के दौरान निर्धारित मासिक जानकारी प्रस्तुत नहीं करने और प्रयोगशाला के संचालन से जुड़े जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की बात भी सामने आई। विभाग ने इन खामियों को कीटनाशी अधिनियम और संबंधित नियमों के विपरीत मानते हुए कार्रवाई की है।
विज्ञापन
यूनिट सील, बिक्री पर तत्काल रोक
कृषि विभाग ने संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही तत्काल प्रभाव से विक्रय प्रतिबंध लगाते हुए पूरी इकाई को सील कर दिया गया है। निर्माण इकाई से तैयार किए गए कीटनाशी उत्पादों के नमूने भी जांच के लिए लिए गए हैं, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए कीटनाशी गुण नियंत्रण प्रयोगशाला भेजा गया है।
रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
अब विभाग की आगे की कार्रवाई नोटिस के जवाब और प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। परीक्षण में उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर कोई गड़बड़ी सामने आती है तो नियमानुसार अतिरिक्त कार्रवाई की जाएगी।
किसानों के हित में जांच अभियान जारी रहेगा
कृषि विभाग के अधिकारी मोनेश साहू ने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण और मानक कृषि आदान उपलब्ध कराने में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में कीटनाशी विक्रेताओं और कृषि आदान से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच आगे भी जारी रहेगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर विक्रय प्रतिबंध, लाइसेंस निलंबन से लेकर लाइसेंस निरस्तीकरण तक की कार्रवाई की जा सकती है।
विभाग ने कीटनाशक विक्रेताओं और निर्माताओं को केवल पंजीकृत और मानक उत्पादों का ही भंडारण व विक्रय करने के निर्देश दिए हैं। वहीं किसानों से भी अपील की गई है कि कीटनाशक खरीदने से पहले लेबल, बैच नंबर, निर्माण और अवसान तिथि तथा पंजीयन संबंधी जानकारी जरूर जांचें। किसी उत्पाद या प्रतिष्ठान को लेकर संदेह होने पर इसकी सूचना कृषि विभाग को देने की अपील की गई है। कृषि विभाग का कहना है कि यह अभियान किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लगातार जारी रहेगा।