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'युवा किताबें पढ़ें, बड़े सपने देखें': राष्ट्रपति मुर्मू बोलीं- जहां था आतंक का अंधेरा, अब दिखा विकास का उजाला
Fri, 23 Oct 2026 11:18 AM IST
Lalit Kumar Singh
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: Lalit Kumar Singh
Updated Fri, 23 Oct 2026 11:18 AM IST
युवा किताबें पढ़ें, बड़े सपने देखें। अपने विचार ऊंचा रखें। अपनी सफलता को समाज एवं राष्ट्र की सेवा से जोड़ें। परिस्थितियां और चुनौतियां अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन प्रत्येक युवा के भीतर कुछ नया करने, बेहतर बनाने और अपनी पहचान स्थापित करने की ललक होनी चाहिए। ये बातें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रायपुर में आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम कहीं।
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कार्यक्रम को संबोधित करतीं राष्ट्रपति मुर्मू
- फोटो : Amar ujala digital
विस्तार
युवा किताबें पढ़ें, बड़े सपने देखें। अपने विचार ऊंचा रखें। अपनी सफलता को समाज एवं राष्ट्र की सेवा से जोड़ें। परिस्थितियां और चुनौतियां अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन प्रत्येक युवा के भीतर कुछ नया करने, बेहतर बनाने और अपनी पहचान स्थापित करने की ललक होनी चाहिए। ये बातें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रायपुर में आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम कहीं।
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राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि नुआखाई मिलन केवल एक सांस्कृतिक समारोह नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध परंपराओं, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। ऐसे आयोजन हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने, अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने और भारतीय जीवन मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करते हैं। नुआखाई हमारी कृषि परंपरा को सहेजने, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और सामुदायिक भावना को मजबूत करने का पर्व है। अन्न केवल हमारी भूख मिटाने का साधन नहीं, बल्कि किसान भाई-बहनों के परिश्रम, धरती की उदारता और प्रकृति के अनमोल उपहार का प्रतीक है। अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।
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सेवा-भाव से जुड़े युवा
राष्ट्रपति ने युवाओं से कहा कि वे जीवन में सीखना कभी बंद न करें। पुस्तकें पढ़ें, प्रश्न पूछें, नई चीजों को समझें और अपने ज्ञान एवं कौशल को निरंतर विकसित करें। जीवन में लक्ष्य तय करें और चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करें। सफलता और असफलता जीवन का हिस्सा हैं। असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीखकर स्वयं में सुधार करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। युवाओं को ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा-भाव को जोड़ना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्र का निर्माण केवल बड़े निर्णयों से नहीं होता, बल्कि करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयासों से होता है। प्रत्येक युवा जो भी कार्य करे, उसे ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ करे। ये गुण विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवाओं के योगदान को और सशक्त बनाएंगे।
जहां था आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा
राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ में हो रहे सकारात्मक बदलाव का उल्लेख करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों तथा युवाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर प्रदेश के युवा नक्सलवाद के भटकाव से मुक्त होकर मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है। इस परिवर्तन से न केवल युवाओं और उनके परिवारों का कल्याण हो रहा है, बल्कि छत्तीसगढ़ और पूरे भारत के विकास को भी गति मिल रही है।
नुआखाई हमारी समृद्ध कृषि संस्कृति: मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नुआखाई हमारी समृद्ध कृषि संस्कृति, नई फसल के स्वागत और धरती माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सदियों पुराने सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंध हैं। ओड़िया समाज ने अपनी मेहनत, सादगी और सेवाभाव से छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। नुआखाई के पावन अवसर पर सेवा सम्मान और युवा प्रबोधन का आयोजन हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को समाज सेवा और युवा सशक्तीकरण से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है।