फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Why Did Vaibhav Sooryavanshi Have To Wait For His Chance? Gautam Gambhir Explains Selection Call

टीम इंडिया: वैभव को लगातार मौके क्यों नहीं मिल रहे? गंभीर ने बताया- कब तक करना होगा इस युवा बल्लेबाज को इंतजार

Mon, 05 Oct 2026 01:02 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वप्निल शशांक Updated Mon, 05 Oct 2026 01:02 PM IST
सार
Register For Event

भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी को लगातार मौके नहीं मिलने पर कहा कि प्रतिभाशाली खिलाड़ी को भी कभी-कभी अपने अवसर का इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या बाहरी शोर से प्लेइंग-11 तय नहीं होती। गंभीर के मुताबिक लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों को अचानक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

विज्ञापन
Why Did Vaibhav Sooryavanshi Have To Wait For His Chance? Gautam Gambhir Explains Selection Call
गंभीर और वैभव - फोटो : IANS

विस्तार

भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बना ली है। हालांकि, प्रतिभाशाली होने के बावजूद उन्हें हर मुकाबले में प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिली। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने बताया कि उन्होंने खुद वैभव से इस बारे में बातचीत की थी और उन्हें समझाया था कि कई बार खिलाड़ी को अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है।

विज्ञापन


गंभीर ने जियोस्टार से कहा, 'मेरे लिए भी यह एक नया अनुभव था। हां, वह अच्छी फॉर्म में था, लेकिन मैंने उसे समझाया कि कभी-कभी लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों की वजह से उसे अपने मौके का इंतजार करना पड़ेगा। और एक बात और है, सोशल मीडिया या बाहर का शोर प्लेइंग-11 तय नहीं करता।

विज्ञापन

Why Did Vaibhav Sooryavanshi Have To Wait For His Chance? Gautam Gambhir Explains Selection Call
वैभव और भारतीय कोच - फोटो : IANS
सोशल मीडिया नहीं, टीम के लिए सबसे बेहतर संयोजन जरूरी
गंभीर ने स्पष्ट किया कि प्लेइंग-11 का फैसला टीम की जरूरत और मैच जीतने की क्षमता को ध्यान में रखकर किया जाता है। उन्होंने कहा कि ड्रेसिंग रूम में मौजूद खिलाड़ियों, कोच और कप्तान को यह तय करना होता है कि किसी मुकाबले के लिए सबसे बेहतर टीम संयोजन क्या है। उन्होंने कहा, 'यह इस बात पर निर्भर करता है कि ड्रेसिंग रूम में कौन है या कोच और कप्तान किसे महसूस करते हैं कि वह हमें मैच जिता सकता है। साथ ही यह भी देखना होता है कि लंबे समय से किसने अच्छा प्रदर्शन किया है।' गंभीर ने यह भी बताया कि वैभव को खिलाने का मतलब किसी ऐसे खिलाड़ी को बाहर करना होगा जिसने पिछले डेढ़ से दो साल में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।
विज्ञापन

Why Did Vaibhav Sooryavanshi Have To Wait For His Chance? Gautam Gambhir Explains Selection Call
वैभव और भारतीय कोच - फोटो : IANS
अभिषेक या संजू को बाहर करना आसान फैसला नहीं
गंभीर ने कहा, 'अगर वैभव आज खेलता है तो मेरे और उस खिलाड़ी के बीच मुश्किल बातचीत होगी जिसे बाहर करना पड़ेगा, चाहे वह अभिषेक हो या संजू। हम अचानक उस संयोजन को नजरअंदाज नहीं कर सकते जिसने पिछले डेढ़ या दो साल में इतना प्रभाव डाला है।' उन्होंने आगे कहा, 'तीन या चार मैचों में असफल होने के बाद हम उन्हें बाहर करके ऐसे युवा खिलाड़ी को नहीं खिला सकते जो बहुत प्रतिभाशाली है और अच्छी फॉर्म में भी है। इसलिए कभी-कभी आपको अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है। हम ड्रेसिंग रूम में सुरक्षा और भरोसे का माहौल बनाना चाहते हैं।'
विज्ञापन

Why Did Vaibhav Sooryavanshi Have To Wait For His Chance? Gautam Gambhir Explains Selection Call
वैभव और भारतीय कोच - फोटो : IANS
15 साल की उम्र में बनाए कई बड़े रिकॉर्ड
वैभव ने इसी साल इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। 15 साल और 99 दिन की उम्र में वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बने और उन्होंने सचिन तेंदुलकर का पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ा। इसके बाद उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ 15 साल और 118 दिन की उम्र में पुरुषों के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड भी बनाया।

हालांकि अफगानिस्तान सीरीज और एशियाड से पहले जापान के खिलाफ एकमात्र टी20 मुकाबले में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। श्रीलंका के खिलाफ सेमीफाइनल में वापसी करते हुए उन्होंने 21 गेंदों पर 38 रन बनाए। फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ वैभव ने नौ गेंदों पर 15 रन बनाए। भारत ने यह मुकाबला 19 रन से जीतकर स्वर्ण पदक बरकरार रखा। 15 साल, छह महीने और छह दिन की उम्र में वैभव एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय भी बने। उन्होंने निशानेबाज सौरभ चौधरी का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed