देहरादून: कर्नल कोठियाल ने की प्रेस कांफ्रेंस, अग्निवीरों को लेकर कैबिनेट के फैसले पर सीएम धामी का जताया आभार
कर्नल कोठियाल ने अग्निवीरों को लेकर कैबिनेट के फैसले पर सीएम धामी का आभार जताया।उन्होंने कहा कि घोषणा को अब कैबिनेट में लाकर उसे आगे बढ़ा दिया गया है।
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पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष कर्नल (सेनि) अजय कोठियाल ने कहा कि उत्तराखंड की अग्निवीर सेल दूसरे राज्यों के लिए भी मिसाल है। दिसंबर और फरवरी में सेवा से लौटकर आ रहे करीब 1200 अग्निवीरों को धामी सरकार केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों के अलावा राज्य पुलिस और कारपोरेट में रोजगार दिलाएगी। सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण भी मिलेगा।
पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कर्नल कोठियाल ने कहा कि प्रदेश के अग्निवीरों के पुनर्वास और सुरक्षित भविष्य को लेकर एक अलग और समर्पित अग्निवीर रोजगार सेल के साथ ही छह पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली है। देश में ये अपनी तरह का अभिनव प्रयास है। बताया कि सीएम धामी ने 17 जुलाई को यूथ फाउंडेशन के कार्यक्रम में ये घोषणा की थी।
कर्नल कोठियाल ने कहा कि अग्निवीर रोजगार सेल सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के अंतर्गत काम करेगा। सीएम इसकी लगातार निगरानी करेंगे। अग्निवीरों के लिए समर्पित यह सेल सिंगल विंडो सिस्टम होगा। ताकि रोजगार से संबंधित विभिन्न सुविधाएं एक ही स्थान पर मिल सकें। कर्नल कोठियाल ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद सैनिकों की स्मृति में उनके पैतृक गांवों में मूर्तियां स्थापित करने का निर्णय का भी स्वागत किया है।
सेना से सर्टिफिकेट लेकर लौटेंगे अग्निवीर
कर्नल कोठियाल ने बताया कि चार साल की सेवा पूरी कर 31 दिसंबर को पहला और फरवरी में दूसरा बैच आ रहा है। 25 प्रतिशत अग्निवीरों को तो सेना में ही समायोजित किया जाएगा। बाकी 75 प्रतिशत यानी करीब 1190 अग्निवीर वापस राज्य में आएंगे। इन अग्निवीरों के लिए केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों में 50 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इसके अलावा उत्तराखंड में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण भर्तियों में दिया जाएगा। विशेषकर उत्तराखंड पुलिस में मौका दिया जाएगा। वहीं, राज्य सरकार की ये सेल कारपोरेट सेक्टर से भी बातचीत करके उनके रोजगार की राह बनाएगी। लौटने वाले अग्निवीरों को सेना की ओर से सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।ये भी पढे़ं...देहरादून: शहर में निकली टपकेश्वर महादेव की भव्य शोभायात्रा, सीएम धामी भी हुए शामिल, श्रद्धालुओं में उत्साह
कौशल बढ़ाने के साथ स्वरोजगार में भी मदद
कर्नल कोठियाल ने बताया कि अगर कोई अग्निवीर नौकरी के बजाए स्वरोजगार करना चाहेगा तो सरकार उसे लोन आदि में पूरी सुविधा देगी। किसी विभाग में काम करने के लिए अगर किसी तरह की विशेष ट्रेनिंग की जरूरत होगी तो वह भी सरकार कराएगी। रोजगार की संभावनाओं के लिए संवाद की दृष्टि से अग्निवीरों के चार वर्ष के अनुभव, योग्यता, कौशल और रूचि के अनुरूप विभिन्न विभागों, संस्थानों और निजी क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं की तलाश की जा रही है।