Uttarakhand News: भागीरथी इको सेंसेटिव जोन में निगरानी, कार्रवाई होगी और सख्त, दिल्ली में हुई बैठक
भागीरथी इको सेंसेटिव जोन में निगरानी कार्रवाई और सख्त होगी। दिल्ली में भागीरथी इको सेंसेटिव जोन की अधिसूचना के क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा हुई।
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भागीरथी इको सेंसेटिव जोन (बीईएसजेड) में निगरानी और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई और सख्त होगी। पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ऐसा संस्थागत तंत्र चाहता है, जो बीईएसजेड अधिसूचना को प्रावधानों को पूरी तरह लागू करने के लिए काम करे, इसके अलावा निगरानी का काम भी करे। साथ ही स्थानीय लोगों को भी अधिक सुविधा मिले, इस दिशा में काम किया जाए।
दिल्ली में हुई बैठक में केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव, राज्य से मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन के अलावा मंत्रालय और वन महकमे के अफसर शामिल हुए। बैठक में बीईएसजेड को लेकर चर्चा हुई है। इसके बाद केंद्रीय वन मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की है। इसमें उन्होंने कहा कि अधिसूचना के प्रावधानों को पूरी तरह लागू किया किया जाए।
इसकी प्रभावी निगरानी के साथ कार्रवाई के लिए एक मजबूत संस्थागत व्यवस्था को तैयार किया जाए। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन पूरी तरह सुनिश्चित किया जाए। खासकर भागीरथी नदी और आसपास के क्षेत्रों के सांस्कृतिक, पर्यावरणीय और आध्यात्मिक महत्व को देखते हुए।
2020 में जोनल मास्टर प्लान बना था
बीईएसजेड का जोनल मास्टर प्लान 2020 में बना है। इसमें 12 अलग-अलग विभागों के काम और दायित्व बताए गए हैं। बैठक में शामिल अधिकारियों के मुताबिक अब इसे और अधिक मजबूती से लागू करने की बात है। इसके साथ ही नियमों को लागू करने के साथ ही स्थानीय लोगों को कैसे सुविधा पहुंचाई जा सकती है, उस दिशा में भी काम करने की बात हुई है। ज्ञात हो कि बीईएसजेड चार हजार वर्ग किमी में फैला है। यहां पर होने वाली गतिविधियों की निगरानी के लिए उच्च स्तरीय निगरानी समिति और जिला स्तरीय निगरानी समिति है।
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अवैध निर्माण का मामला
भागीरथी इको सेंसेटिव जोन में अवैध निर्माण का मामला भी है। इसको लेकर मंत्रालय ने शासन को पत्र लिखा था। इसमें अवैध निर्माण का उल्लेख किया गया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की थी।