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उत्तराखंड: ऋषिकेश बाईपास निर्माण, फिर हरियाली की कीमत पर होगा विकास, 3998 पेड़ों पर मंडरा रहा है संकट

Sat, 17 Oct 2026 12:22 PM IST
Renu Saklani विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Sat, 17 Oct 2026 12:22 PM IST
सार
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ऋषिकेश में जाम से राहत दिलाने के लिए प्रस्तावित बाईपास निर्माण की राह में अब पेड़ों के संरक्षण का सवाल भी अहम हो गया है। परियोजना के तय एलाइनमेंट से करीब चार हजार पेड़ प्रभावित हो रहे हैं। वन विभाग ने कार्यदायी संस्था से पेड़ों की कटाई के लिए चिह्नित संख्या कम करने को कहा है।

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Rishikesh bypass project puts 3,998 trees at risk forest department seeks fewer tree felling
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ऋषिकेश बाईपास निर्माण में करीब चार हजार पेड़ों पर संकट मंडरा रहा है। अब वन महकमे ने कार्यदायी संस्था को पातन के लिए चिह्नित वृक्षों की संख्या कम करने का निर्देश दिया है। ऋषिकेश-बदरीनाथ मार्ग चारधाम यात्रा के अलावा सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। ऋषिकेश में सड़क की चौड़ाई कम होने और वाहनों का दबाव बढ़ने पर जाम की स्थिति उत्पन्न होती है।

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ऐसे में एक दशक से ऋषिकेश बाईपास को लेकर कोशिश चल रही है। इस 13 किमी लंबे बाईपास को तैयार करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग को सौंपी गई है। संबंधित योजना के लिए एनएच को करीब 47 हेक्टेयर वन भूमि की जरूरत है। इसके अलावा जो एलाइनमेंट तय किया गया है, उसमें 3998 वृक्ष प्रभावित हो रहे हैं।

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22 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया

जो पेड़ चिह्नित किए गए हैं, उनमें 1204 के प्रत्यारोपण की योजना है। अगस्त में वन भूमि हस्तांतरण नोडल कार्यालय के अधिकारियों ने संबंधित परियोजना स्थल का निरीक्षण किया था, उन्होंने प्रभावित होने वाले वृक्षों का पुन: आकलन करने और वास्तविक आवश्यकता के आधार पर वृक्ष पातन की संख्या कम करने के निर्देश दिए थे।

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वन महकमे ने जैव विविधता पार्क के प्रारंभ में 250 मीटर लंबाई जो भाग भूमिगत हो रहा है, वहां भी कुछ बदलाव करने को कहा है, जिससे वन्यजीवों के विचरण के साथ यातायात के लिए सुगम हो। वहीं कम पेड़ प्रभावित हों, कार्यदायी संस्था भी इस कवायद में जुट गई है। बताया गया है कि मानव- वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए देहरादून और नरेंद्र नगर वन प्रभाग को 22 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है।

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इस योजना में वृक्षों को कम से कम नुकसान हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। वृक्षों के ट्रांसप्लांट का काम भी वन महकमे के सहयोग से किया जाएगा। - डॉ. पंकज कुमार पांडेय, सचिव लोक निर्माण विभाग
 

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