उत्तराखंड भाजपा: नए प्रभारी-सह प्रभारियों की एंट्री से बदलेंगे सियासी समीकरण, नेताओं की बढ़ेंगी उम्मीदें
उत्तराखंड भाजपा में नए प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारियों की नियुक्ति के बाद संगठन के भीतर नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पुराने राजनीतिक और व्यक्तिगत रिश्तों के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि नई टीम के आने से किन नेताओं की भूमिका बढ़ती है और संगठन में क्या बदलाव देखने को मिलते हैं।
विस्तार
उत्तराखंड भाजपा के सांगठनिक ढांचे में आने वाले दिनों में कई समीकरण बदले हुए नजर आ सकते हैं। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव को प्रदेश प्रभारी, अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज को सह प्रभारी बनाए जाने के बाद सूबे के सियासी गलियारों में नए समीकरणों की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
दरअसल, प्रभारी और सह प्रभारियों की इस तिकड़ी के उत्तराखंड के कई दिग्गज नेताओं से पुराने और अच्छे संबंध रहे हैं। राम माधव की रणनीतिक पकड़ और अरविंद मेनन का संगठनात्मक अनुभव किसी से छिपा नहीं है। बांसुरी स्वराज की सक्रियता नई ऊर्जा का संकेत दे रही है। इस बदलाव ने उन नेताओं की उम्मीदों को पंख लगा दिए हैं, जो पिछले कुछ समय से मुख्यधारा की राजनीति में हाशिए पर चल रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक, नई टीम के कमान संभालते ही राज्य के कई वरिष्ठ नेता इनके सीधे संपर्क में आ चुके हैं। चर्चा है कि हरिद्वार के एक कद्दावर नेता की एक सह प्रभारी के साथ गहरी पारिवारिक नजदीकी है। माना जा रहा है कि इस व्यक्तिगत तालमेल का असर आने वाले दिनों में संगठन के भीतर भी देखने को मिल सकता है।
राज्य में होने वाले आगामी संगठनात्मक बदलावों और रणनीतिक फैसलों में इस नई टीम की भूमिका बेहद निर्णायक मानी जा रही है। ऐसे में पुराने क्षत्रप जहां अपनी खोई जमीन तलाशने की जुगत में हैं, वहीं वर्तमान संगठनात्मक ढांचे में काबिज नेताओं के सामने अपना दबदबा बरकरार रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। साफ है कि प्रभारियों के इस प्रवास के साथ ही उत्तराखंड भाजपा में नए सियासी समीकरणों की बिसात बिछनी शुरू हो चुकी है।
ये भी पढे़ं...UK Top News: केदारनाथ यात्रा तीन घंटे रोकी, हेमकुंड साहिब के कपाट बंद, हरिद्वार में जाम, हरीश रावत की दो टूक
जिलावार शुरू हुई भाजपा की कसरत
भाजपा के नए प्रभारी, सह प्रभारी, महामंत्री संगठन अब भाजपा के अलग-अलग सांगठनिक जिलों में पहुंच रहे हैं। बांसुरी स्वराज का लगातार तीन दिन तक देहरादून महानगर, हरिद्वार और रुड़की सांगठनिक जिले का दौरा इसी का हिस्सा है। बाकी नेता भी अलग-अलग जिलों में आगामी चुनाव की तैयारियों को पुख्ता करने में जुटे हैं। इस बार भाजपा के लिए हरिद्वार जिला प्राथमिकता में भी है।