उत्तराखंड कैबिनेट: प्रदेश में 3600 लंबित स्टांप वादों के निपटारे की तैयारी, वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी
उत्तराखंड में स्टांप शुल्क से जुड़े लंबित विवादों के निपटारे के लिए सरकार ने वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत पक्षकारों को ब्याज और पेनल्टी में छूट मिलेगी। प्रदेश में ऐसे 3600 मामले लंबित हैं, जिनमें सरकार के करीब 120 करोड़ रुपये फंसे हैं।
विस्तार
प्रदेश में स्टांप विवादों का निपटारा करने के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। इस योजना के तहत वादों का समाधान करने के लिए पेनल्टी में छूट दी जाएगी। प्रदेश में जिलाधिकारी और राजस्व परिषद न्यायालयों में स्टांप के 3600 मामले लंबित हैं। इन मामलों में सरकार का 120 करोड़ रुपये फंसे हैं।
उत्तराखंड स्टांप अधिनियम 2016 के तहत स्टांप वादों में अलग-अलग धाराओं में चार गुना व 10 गुना तक पेनल्टी लगाने का प्रावधान है। स्टांप शुल्क के विवादित मामलों का निस्तारण करने के लिए एक मुश्त स्टांप शुल्क जमा करने के लिए सरकार ने वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) समाधान योजना लागू करने का निर्णय है।
ये भी पढे़ं...अंकिता हत्याकांड: उर्मिला सनावर की मीडिया के सामने नार्को टेस्ट कराने की मांग, बोलीं-कई राजों से उठेगा पर्दा
इस योजना का उद्देश्य स्टांप वादों का शीघ्र व पारदर्शी निस्तारण के साथ राजस्व की वसूली करना है। वादों में पक्षकारों को ब्याज व अर्थदंड में छूट दी जाएगी। शासनादेश जारी होने बाद यह योजना तीन माह तक लागू रहेगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिलाधिकारी व राजस्व परिषद के न्यायालयों में लगभग 3600 स्टांप वाद लंबित हैं। इन मामलों में स्टांप शुल्क का 120 करोड़ रुपये फंसे हैं। समाधान योजना से लंबित मामलों का निपटारा होगा और सरकार को राजस्व मिलेगा।