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उत्तराखंड: बिजली संकट से जूझ रहे प्रदेश को छह नई परियोजनाओं से मिलेगी बड़ी राहत, नए साल से उतरेंगी धरातल पर

Wed, 07 Oct 2026 11:31 AM IST
Renu Saklani आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Wed, 07 Oct 2026 11:31 AM IST
सार
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बढ़ती बिजली मांग के बीच उत्तराखंड अपनी ऊर्जा क्षमता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। यूजेवीएनएल की छह परियोजनाओं से 1471 मेगावाट बिजली क्षमता जुड़ेगी, जबकि चीला में पहली बार बैटरी में सौर ऊर्जा सुरक्षित करने की व्यवस्था भी होगी।

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Uttarakhand power crisis six new projects with 1,471 MW capacity to begin from new year relief expectedUttarak
electricity - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लगातार बिजली संकट से जूझ रहे उत्तराखंड को 1471 मेगावाट की छह नई बिजली परियोजनाओं से बड़ी राहत मिलेगी। नए साल से यूजेवीएनएल की ये परियोजनाएं धरातल पर उतरने लगेंगी। इसमें पहली बार चीला पावर हाउस पर 90 मेगावाट का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी शामिल है।

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केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2035-36 तक उत्तराखंड की पीक बिजली मांग 4100 मेगावाट के स्तर को पार कर सकती है। वित्त वर्ष 2026-27 में उत्तराखंड की पीक बिजली मांग 2883 मेगावाट रहने का अनुमान है, जो 2030-31 तक बढ़कर 3332 मेगावाट और 2035-36 तक 4113 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। राज्य की वार्षिक ऊर्जा आवश्यकता 2026-27 में 1,755.7 करोड़ यूनिट से बढ़कर 2035-36 तक 2,635.2 करोड़ यूनिट होने की उम्मीद है।

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लखवाड़-व्यासी से 420 मेगावाट बिजली उत्तराखंड को मिलेगी
लगातार बढ़ रही मांग के बीच जहां 1320 मेगावाट का कोयला आधारित ऊर्जा संयंत्र कारगर होने वाला है, जिससे वर्ष 2030-31 से मिलने की उम्मीद है। इसके लिए नियामक आयोग से मंजूरी मिलने के बाद अदानी पावर को जिम्मेदारी दी है। वहीं, राज्य में बन रही किशाऊ परियोजना से 211 मेगावाट बिजली मिलेगी जबकि लखवाड़-व्यासी से 420 मेगावाट बिजली उत्तराखंड को मिलेगी। व्यासी की 120 मेगावाट मिलनी शुरू हो चुकी है।

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इन सबके बीच यूजेवीएनएल ने छह ऐसी परियोजनाओं को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है, जिनसे राज्य को 1471 मेगावाट बिजली का लाभ होगा। यानी आने वाले समय में सही मायनों में बिजली की मांग के सापेक्ष पूरी या अधिक उपलब्धता हो सकेगी।

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कौन सी परियोजना किस चरण में

परियोजना का नाम क्षमता मेगावाट में वर्तमान स्थिति
त्यूनी-प्लासू 80 टेंडर जारी।
आराकोट-त्यूनी 81 डीपीआर अप्रूव्ड
इच्छाड़ी पंप स्टोरेज प्लांट 600 डीपीआर तैयार,
सौंग पंप स्टोरेज प्लांट 500 काम जारी।
सेला उर्थिंग हाइड्रो प्रोजेक्ट 120 डीपीआर बन रही
चीला बीईएसएस 90 टेंडर जारी।


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बीईएसएस समेत पांच अन्य परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। आने वाले समय में धरातल पर इनका काम नजर आएगा। हमारा मकसद है कि आगामी पांच से सात साल के भीतर राज्य में पर्याप्त बिजली उपलब्धता होगी। -एके सिंह, एमडी, यूजेवीएनएल

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