फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   delhi aqi data manipulation allegation aap complaint cpcb

आप का दिल्ली सरकार पर बड़ा आरोप: एक्यूआई कम दिखाकर लोगों की सेहत से हो रहा खिलवाड़, सीएम रेखा पर दर्ज हो केस

Wed, 04 Nov 2026 04:21 PM IST
विकास कुमार पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: विकास कुमार Updated Wed, 04 Nov 2026 04:21 PM IST
सार
Register For Event

सौरभ भारद्वाज ने सीपीसीबी को लिखे अपने पत्र में कहा कि लाखों संवेदनशील लोग आधिकारिक एक्यूआई रीडिंग पर निर्भर रहते हैं। इनमें गंभीर अस्थमा रोगी, सीओपीडी रोगी, गर्भवती महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और छोटे बच्चे शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब दिल्ली सरकार मनगढ़ंत, कम एक्यूआई डेटा प्रकाशित करती है, तो संवेदनशील रोगियों को सुरक्षा का झूठा एहसास होता है। 

विज्ञापन
delhi aqi data manipulation allegation aap complaint cpcb
दिल्ली प्रदूषण के आंकड़ों पर सियासी घमासान - फोटो : PTI

विस्तार

आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को दिल्ली सरकार पर वायु गुणवत्ता डेटा में हेरफेर करने का आरोप लगाया। पार्टी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। आप ने राष्ट्रीय राजधानी में बिगड़ते प्रदूषण के बीच बड़े पैमाने पर डेटा धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।

विज्ञापन

 

Trending Videos

प्रदूषण रीडिंग में हो रहा हेरफेर 
आप दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों पर पानी छिड़ककर प्रदूषण रीडिंग में हेरफेर किया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली के सबसे प्रदूषित क्षेत्रों में से एक जहांगीरपुरी स्टेशन का हवाला दिया। भारद्वाज ने कहा कि पार्टी ने गुप्ता और सिरसा के साथ यह मुद्दा कई बार उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ने उनकी चिंताओं को दूर करने से परहेज किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

आपराधिक कार्रवाई की मांग
भारद्वाज ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को एक औपचारिक शिकायत दी। इसमें उन्होंने परिवेशी वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) डेटा में कथित हेरफेर के लिए गुप्ता और सिरसा के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की। उन्होंने निगरानी स्टेशनों के साथ कथित भौतिक हस्तक्षेप की तत्काल, स्वतंत्र और उच्च-स्तरीय जांच की भी मांग की। इसके साथ ही दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) द्वारा प्रबंधित डेटा अधिग्रहण प्रणालियों और निगरानी स्थानों का सख्त ऑडिट भी मांगा।

विज्ञापन

जन स्वास्थ्य पर जोखिम
भारद्वाज ने सीपीसीबी को लिखे अपने पत्र में कहा कि लाखों संवेदनशील लोग आधिकारिक एक्यूआई रीडिंग पर निर्भर रहते हैं। इनमें गंभीर अस्थमा रोगी, सीओपीडी रोगी, गर्भवती महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और छोटे बच्चे शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब दिल्ली सरकार मनगढ़ंत, कम एक्यूआई डेटा प्रकाशित करती है, तो संवेदनशील रोगियों को सुरक्षा का झूठा एहसास होता है। इससे लोग बाहर निकल सकते हैं या आवश्यक चिकित्सा सावधानियों को छोड़ सकते हैं, जिससे वे खतरनाक प्रदूषकों के संपर्क में आ सकते हैं। भारद्वाज ने चेतावनी दी कि ऐसे संपर्क से गंभीर श्वसन और हृदय संबंधी जटिलताएं हो सकती हैं, जिससे जन स्वास्थ्य को खतरा होगा। बुधवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में थी, सीपीसीबी के अनुसार एक्यूआई 379 दर्ज किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed