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आज डूसू चुनाव: नोटा से पार पाना बड़ी चुनौती, इस विकल्प की बढ़ती ताकत से छात्र संगठनों में चिंता की लहर
Fri, 18 Sep 2026 02:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा
रश्मि शर्मा, नई दिल्ली
रश्मि शर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 18 Sep 2026 02:01 AM IST
छात्संर गठनों और प्रत्याशियों ने अधिक मतदान और उपलब्धियों के आधार पर उम्मीदवार चुनने की अपील की है।
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DUSU Election
- फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू ) के लिए आज चुनाव है। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव में प्रत्याशियों को प्रतिद्वंद्वियों के साथ नोटा से भी पार पाना होगा। 2016 में नोटा की शुरुआत के बाद कई चुनावों में हजारों छात्रों ने इनमें से कोई नहीं का विकल्प चुना। 2025 में चारों पदों पर कुल 23,674 वोट नोटा को मिले थे। इसे देखते हुए संगठनों और प्रत्याशियों ने अधिक मतदान और उपलब्धियों के आधार पर उम्मीदवार चुनने की अपील की है।
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डूसू चुनाव में पहली बार 2016 में नोटा का विकल्प दिया गया, जिसमें 17,712 छात्रों ने नोटा बटन दबाया। 2017 में सर्वाधिक 29 हजार नोटा वोट पड़े, जो अब तक का रिकॉर्ड है। 2018 में 27,729 और 2019 में 27,576 वोट नोटा के खाते में गए। कोरोना के कारण 2020 से 2022 तक चुनाव नहीं हुए। 2023 में नोटा वोट घटकर 16,565 रह गए, लेकिन 2024 में 20,748 और 2025 में 23,674 वोट मिले।
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नोटा के बढ़ते इस्तेमाल का नुकसान आइसा और एनएसयूआई को हो रहा है, क्योंकि एबीवीपी को कैडर वोट मिल जाता है। छात्र राजनीति में हिंसा, धन और बाहुबल को नोटा बढ़ने की वजह माना जाता है। वहीं, करीब बीस साल से मतदान प्रतिशत 50 प्रतिशत से ऊपर नहीं रहा है। कॉलेज छात्रों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने की अपील कर रहे हैं।
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आज चुनाव
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू ) चुनाव में जीत के लिए कई दिनों से पसीना बहा रहे उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला शुक्रवार को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में बंद हो जाएगा। डूसू चुनाव के लिए मतदान शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे शुरू होगा और एक बजे तक चलेगा। जबकि सांध्य कॉलेजों में मतदान दोपहर तीन बजे से शाम 7:30 बजे तक किया जाएगा। डीयू प्रशासन ने मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कैंपस में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
डूसू चुनाव में इस साल कुल 20 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें अध्यक्ष की रेस में सबसे अधिक 7 उम्मीदवार, उपाध्यक्ष पद पर पांच, सचिव व सह सचिव पद पर 4-4 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चुनाव में इस बार करीब डेढ़ लाख छात्र मताधिकार का प्रयोग करेंगे। डूसू व कॉलेज यूनियन चुनाव में मतदान के लिए 1000 ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। जबकि 300 सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट रहेंगी। वहीं, 8-10 कॉलेजों के छात्रसंघ चुनाव में बैलेट पेपर के जरिये मतदान कराया जाएगा। मतदान के तुरंत बाद ही सभी मशीनें सील कर दी जाएंगी। मतगणना शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे शुरू होगी और दोपहर तक चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।