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हंस एन्क्लेव : मालिकाना हक का रास्ता साफ
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भूमि विवाद पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में समिति गठित, दशकों पुरानी मांग हुई पूरी
नंबर गेम - 10 हजार लोगों को मिलेगा फायदा
25 जुलाई को शिकायत कष्ट निवारण समिति को मिली थी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हंस एन्क्लेव के करीब 10,000 निवासियों को जल्द ही अपनी करोड़ों की जमीन का मालिकाना हक मिल सकता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय संयुक्त समिति का गठन किया गया है, जो कॉलोनी के दशकों पुराने भूमि अधिग्रहण विवाद की जांच कर उपायुक्त गुरुग्राम को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में पुराने अधिग्रहण अवार्ड दर्ज होने के कारण यहां के निवासियों को प्रॉपर्टी टैक्स भरने के बाद भी बैंक लोन जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा था। 25 जुलाई को इस विषय में पहली शिकायत कष्ट निवारण समिति को मिली थी। इस पर 21 अगस्त को सुनवाई कर मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कमेटी का गठन हुआ। अगली कष्ट निवारण समिति की बैठक में इस पर सुनवाई होगी।
हंस एन्क्लेव मौजा नाहरपुर रूपा में स्थित है। इस भूमि को सेक्टर-33 व 34 के लिए 1992 और 2011 के अवार्ड के तहत अधिग्रहित किया गया था। हालांकि, निवासियों ने उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर की थीं। उच्च न्यायालय ने 14 अगस्त 2013 को धारा 4 और धारा 8 की अधिसूचनाओं को रद्द कर दिया था। सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील नहीं करने का निर्णय लिया। इसके बाद, नगर निगम गुरुग्राम ने हंस एन्क्लेव को राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से नियमित भी कर दिया था। इसके बावजूद, विभाग के रिकॉर्ड में 1992 और 2011 के अवार्ड अभी भी दर्ज हैं। इस त्रुटि के कारण कॉलोनी के सर्कल रेट कम हो गए हैं और निवासियों को बैंक से ऋण मिलने में भी परेशानी हो रही है।
समिति मामले की विस्तृत जांच करेगी
25 जुलाई 2026 को जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में इस मामले की सुनवाई हुई। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शिकायत को लंबित रखते हुए समिति बनाने का निर्देश दिया था। इस संयुक्त समिति में नगर निगम गुरुग्राम के संयुक्त आयुक्त, एचएसवीपी गुरुग्राम के संपदा अधिकारी-2, जिला राजस्व अधिकारी गुरुग्राम, जिला नगर योजनाकार (पी) गुरुग्राम और संबंधित पार्षद शामिल हैं। समिति मामले की विस्तृत जांच करेगी। यह समिति अपनी रिपोर्ट उपायुक्त गुरुग्राम को प्रस्तुत करेगी ताकि न्यायोचित समाधान निकाला जा सके।
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पड़ताल में दो से तीन महीने का समय लगेगा
भूमि अर्जन अधिकारी गुरुग्राम ने बताया कि इस मामले को एचएसआईआईडीसी पंचकूला कार्यालय भेजा गया है। कब्जेदारों और दावेदारों को आईएमटी मानेसर कार्यालय में बैठक के लिए बुलाया गया था। उनसे अपने दावों के समर्थन में सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने का अनुरोध किया गया था। दावेदारों ने 14 अगस्त 2026 को अपने दस्तावेज जमा कर दिए हैं। दस्तावेज की जांच और मामले की पड़ताल में दो से तीन महीने का समय लगेगा। इसके बाद समिति अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपेगी।
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हंस एन्क्लेव कॉलोनी में रहने वाले दस हजार लोगों को उनकी समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता कमेटी गठित की गई है। हुडा, नगर निगम और भूर्मि अधिग्रहण विभाग के लोगों को कमेटी में रखा गया है। - अनुपमा मलिक, भूमि अधिग्रहण अधिकारी, गुरुग्राम
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नंबर गेम - 10 हजार लोगों को मिलेगा फायदा
25 जुलाई को शिकायत कष्ट निवारण समिति को मिली थी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हंस एन्क्लेव के करीब 10,000 निवासियों को जल्द ही अपनी करोड़ों की जमीन का मालिकाना हक मिल सकता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय संयुक्त समिति का गठन किया गया है, जो कॉलोनी के दशकों पुराने भूमि अधिग्रहण विवाद की जांच कर उपायुक्त गुरुग्राम को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में पुराने अधिग्रहण अवार्ड दर्ज होने के कारण यहां के निवासियों को प्रॉपर्टी टैक्स भरने के बाद भी बैंक लोन जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा था। 25 जुलाई को इस विषय में पहली शिकायत कष्ट निवारण समिति को मिली थी। इस पर 21 अगस्त को सुनवाई कर मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कमेटी का गठन हुआ। अगली कष्ट निवारण समिति की बैठक में इस पर सुनवाई होगी।
हंस एन्क्लेव मौजा नाहरपुर रूपा में स्थित है। इस भूमि को सेक्टर-33 व 34 के लिए 1992 और 2011 के अवार्ड के तहत अधिग्रहित किया गया था। हालांकि, निवासियों ने उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर की थीं। उच्च न्यायालय ने 14 अगस्त 2013 को धारा 4 और धारा 8 की अधिसूचनाओं को रद्द कर दिया था। सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में अपील नहीं करने का निर्णय लिया। इसके बाद, नगर निगम गुरुग्राम ने हंस एन्क्लेव को राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से नियमित भी कर दिया था। इसके बावजूद, विभाग के रिकॉर्ड में 1992 और 2011 के अवार्ड अभी भी दर्ज हैं। इस त्रुटि के कारण कॉलोनी के सर्कल रेट कम हो गए हैं और निवासियों को बैंक से ऋण मिलने में भी परेशानी हो रही है।
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समिति मामले की विस्तृत जांच करेगी
25 जुलाई 2026 को जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में इस मामले की सुनवाई हुई। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शिकायत को लंबित रखते हुए समिति बनाने का निर्देश दिया था। इस संयुक्त समिति में नगर निगम गुरुग्राम के संयुक्त आयुक्त, एचएसवीपी गुरुग्राम के संपदा अधिकारी-2, जिला राजस्व अधिकारी गुरुग्राम, जिला नगर योजनाकार (पी) गुरुग्राम और संबंधित पार्षद शामिल हैं। समिति मामले की विस्तृत जांच करेगी। यह समिति अपनी रिपोर्ट उपायुक्त गुरुग्राम को प्रस्तुत करेगी ताकि न्यायोचित समाधान निकाला जा सके।
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पड़ताल में दो से तीन महीने का समय लगेगा
भूमि अर्जन अधिकारी गुरुग्राम ने बताया कि इस मामले को एचएसआईआईडीसी पंचकूला कार्यालय भेजा गया है। कब्जेदारों और दावेदारों को आईएमटी मानेसर कार्यालय में बैठक के लिए बुलाया गया था। उनसे अपने दावों के समर्थन में सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने का अनुरोध किया गया था। दावेदारों ने 14 अगस्त 2026 को अपने दस्तावेज जमा कर दिए हैं। दस्तावेज की जांच और मामले की पड़ताल में दो से तीन महीने का समय लगेगा। इसके बाद समिति अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपेगी।
हंस एन्क्लेव कॉलोनी में रहने वाले दस हजार लोगों को उनकी समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता कमेटी गठित की गई है। हुडा, नगर निगम और भूर्मि अधिग्रहण विभाग के लोगों को कमेटी में रखा गया है। - अनुपमा मलिक, भूमि अधिग्रहण अधिकारी, गुरुग्राम