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Noida News: सत्यापन में फर्जी निकली डिग्री, नौकरी पर संकट आया तो दर्ज कराई शिकायत
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-तीन लाख रुपये लेकर मान्य डिग्री दिलाने का आरोप
- एक्सप्रेसवे थाने में संस्थान के निदेशक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नौकरी के लिए हासिल की गई स्नातक की डिग्री सत्यापन में फर्जी बताए जाने के बाद एक कर्मचारी ने शिक्षण संस्थान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। सेक्टर-4 निवासी स्नेहिल त्रिपाठी का आरोप है कि पटना स्थित एक संस्थान ने करीब तीन लाख रुपये लेकर उन्हें स्नातक की डिग्री उपलब्ध कराई थी। संस्थान की ओर से डिग्री को मान्य बताए जाने पर उन्होंने इसका इस्तेमाल किया, लेकिन नौकरी के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन में डिग्री अमान्य बताई गई। न्यायालय के आदेश पर एक्सप्रेसवे थाने में जांच की जा रही है।
स्नेहिल ने शिकायती पत्र देते हुए बताया कि वह वर्ष 2022 से एक मीडिया कंपनी में काम कर रहे हैं। नौकरी में शैक्षिक योग्यता से संबंधित दस्तावेज की जरूरत पड़ने पर उन्होंने पटना स्थित ईस्ट एंड वेस्ट फाउंडेशन में दाखिला लिया था। आरोप है कि संस्थान के संचालक ने उन्हें बताया था कि संस्थान का संबंध इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से है और यहां से प्राप्त होने वाली डिग्री मान्य होगी।
आरोप है कि परीक्षा से संबंधित प्रश्नपत्र भी उन्हें ईमेल के माध्यम से भेजे गए थे। इसके लिए उन्होंने करीब तीन लाख रुपये का भुगतान किया। पढ़ाई पूरी होने के बाद संस्थान की ओर से उन्हें स्नातक की डिग्री दी गई। उन्होंने डिग्री को सही मानते हुए नौकरी में इसका इस्तेमाल किया। बाद में कंपनी की ओर से शैक्षिक दस्तावेजों का सत्यापन कराया तो प्रक्रिया में उनकी डिग्री अमान्य बताई गई। डिग्री के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में शिकायत दी है। एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया एक्सप्रेसवे थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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- एक्सप्रेसवे थाने में संस्थान के निदेशक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नौकरी के लिए हासिल की गई स्नातक की डिग्री सत्यापन में फर्जी बताए जाने के बाद एक कर्मचारी ने शिक्षण संस्थान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। सेक्टर-4 निवासी स्नेहिल त्रिपाठी का आरोप है कि पटना स्थित एक संस्थान ने करीब तीन लाख रुपये लेकर उन्हें स्नातक की डिग्री उपलब्ध कराई थी। संस्थान की ओर से डिग्री को मान्य बताए जाने पर उन्होंने इसका इस्तेमाल किया, लेकिन नौकरी के दौरान दस्तावेजों के सत्यापन में डिग्री अमान्य बताई गई। न्यायालय के आदेश पर एक्सप्रेसवे थाने में जांच की जा रही है।
स्नेहिल ने शिकायती पत्र देते हुए बताया कि वह वर्ष 2022 से एक मीडिया कंपनी में काम कर रहे हैं। नौकरी में शैक्षिक योग्यता से संबंधित दस्तावेज की जरूरत पड़ने पर उन्होंने पटना स्थित ईस्ट एंड वेस्ट फाउंडेशन में दाखिला लिया था। आरोप है कि संस्थान के संचालक ने उन्हें बताया था कि संस्थान का संबंध इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से है और यहां से प्राप्त होने वाली डिग्री मान्य होगी।
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आरोप है कि परीक्षा से संबंधित प्रश्नपत्र भी उन्हें ईमेल के माध्यम से भेजे गए थे। इसके लिए उन्होंने करीब तीन लाख रुपये का भुगतान किया। पढ़ाई पूरी होने के बाद संस्थान की ओर से उन्हें स्नातक की डिग्री दी गई। उन्होंने डिग्री को सही मानते हुए नौकरी में इसका इस्तेमाल किया। बाद में कंपनी की ओर से शैक्षिक दस्तावेजों का सत्यापन कराया तो प्रक्रिया में उनकी डिग्री अमान्य बताई गई। डिग्री के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में शिकायत दी है। एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया एक्सप्रेसवे थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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