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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Where there is work, there is housing...that too at a low cost

Delhi NCR News: जहां काम, वहीं आवास...वह भी सस्ता

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 21 Aug 2026 08:10 PM IST
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मास्टर प्लान-2047 में आवास नीति की नई दिशा, औद्योगिक क्षेत्रों में कामगारों के लिए किफायती किराये के मकान की अनुमति
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विनोद डबास
नई दिल्ली। दिल्ली में रोजगार और आवास के बीच की दूरी कम करने के लिए मास्टर प्लान-2047 में आवास नीति को रोजगार केंद्रित बनाने पर जोर दिया गया है। अब केवल नए आवासीय इलाकों के विकास के बजाय उन स्थानों के आसपास मकान उपलब्ध कराने की रणनीति अपनाई जा रही है, जहां बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर हैं। इसका उद्देश्य लंबी दूरी की रोजाना यात्रा को कम करना और कामगारों के समय व परिवहन खर्च में कमी लाना है।
मास्टर प्लान-2047 में औद्योगिक क्षेत्रों को केवल उत्पादन केंद्र न मानकर आधुनिक आर्थिक केंद्रों के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है। नए औद्योगिक क्षेत्र और टाउनशिप में स्वच्छ उद्योग, व्यापार पार्क, तकनीकी पार्क, साइबर हब, ज्ञान केंद्र, अनुसंधान एवं विकास केंद्र तथा मीडिया-मनोरंजन जैसी गतिविधियां विकसित हो सकती हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों में काम करने वाली आबादी के लिए आवास की जरूरत भी बढ़ेगी। इसको देखते हुए औद्योगिक प्लॉट और औद्योगिक पार्कों में कामगारों के लिए किफायती किराये के आवास विकसित करने की अनुमति दी गई है। इनमें छोटे आवासीय परिसर से लेकर छात्रावास जैसी व्यवस्था तक शामिल हो सकती है।
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कामगार आवास रोजगार स्थल के भीतर या बाहर हो सकता है
कामगार आवास को मास्टर प्लान में अस्थायी या मौसमी रूप से काम करने वाले श्रमिकों के आवास के रूप में परिभाषित किया गया है। यह रोजगार स्थल के भीतर या बाहर हो सकता है और अलग आवासीय इकाइयों के साथ छात्रावास के रूप में भी विकसित किया जा सकता है। यह सुविधा केवल औद्योगिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगी। सार्वजनिक भूमि पर औद्योगिक क्षेत्रों और शैक्षणिक केंद्रों जैसे बड़े रोजगार स्थलों के आसपास किफायती किराये के आवास विकसित करने का सुझाव दिया गया है। सरकारी कार्यालय भी रोजगार के प्रमुख केंद्र हैं। इनके पुनर्विकास में बहुमंजिला कार्यालय परिसरों के साथ कर्मचारी आवास और व्यावसायिक सुविधाएं विकसित करने की बात कही गई है।
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मकान, नौकरी और परिवहन को जोड़ेगा प्लान
मास्टर प्लान की रणनीति में आवास, रोजगार और सार्वजनिक परिवहन को एक-दूसरे से जोड़ने पर जोर है। भूमि उपयोग की बेहतर योजना के साथ रोजगार स्थलों के आसपास आवास उपलब्ध होने से रोजाना लंबी दूरी की यात्रा पर निर्भरता घट सकती है। इससे कामगारों को समय और किराये की बचत होगी तथा रोजगार केंद्रों तक पहुंच भी आसान होगी। इस तरह मास्टर प्लान-2047 दिल्ली में आवासीय विकास को केवल मकान बनाने की नीति के बजाय रोजगार के करीब घर और बेहतर परिवहन से जोड़ने की दिशा में ले जाता है।
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