बदला लेने के लिए रची साजिश: 3 साल पहले नौकरी से निकाला तो दंपती को बंधक बनाकर लूटे एक करोड़, जानें पूरा मामला
उत्तरी दिल्ली के रूप नगर इलाके में बुजुर्ग दंपती को बंधक बनाकर करीब एक करोड़ रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने घरेलू सहायिका समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वारदात की साजिश दंपती की पूर्व घरेलू सहायिका ने रची थी।
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उत्तरी दिल्ली के रूप नगर इलाके में बुजुर्ग दंपती को बंधक बनाकर करीब एक करोड़ रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने घरेलू सहायिका समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वारदात की साजिश दंपती की पूर्व घरेलू सहायिका ने रची थी। करीब तीन साल पहले घर में 50 हजार रुपये चोरी करते पकड़े जाने के बाद दंपती ने उसे काम से निकाल दिया था। इसके बाद उसने बदला लेने की ठानी। करीब 15 साल तक घर में काम करने के कारण उसे परिवार की दिनचर्या, घर में रखी नकदी और जेवर की जानकारी थी। इसी जानकारी के आधार पर उसने अपने बेटे और उसके साथियों के साथ मिलकर लूट की साजिश रची।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सबोली एक्सटेंशन निवासी सरोज, उसके बेटे मनोज उर्फ लाला और लोनी निवासी राजीव उर्फ रामू के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 2.08 लाख रुपये नकद, 250 यूके पाउंड, 160 अमेरिकी डॉलर और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद की गई है। पुलिस वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है। उत्तरी जिले की उपायुक्त निहारिका भट्ट के मुताबिक, रूप नगर के तरेश बैसिवाला ने पुलिस को बताया था कि छह और सात अगस्त की दरम्यानी रात करीब तीन बजे वह बाथरूम जाने के लिए उठे थे। टंकी में पानी खत्म होने के कारण वह मोटर खोलने के लिए बाहर निकले। इसी दौरान चार हथियारबंद बदमाश घर में घुस गए। बदमाशों ने तरेश और उनकी पत्नी अर्चना को बंधक बना लिया। इसके बाद अलमारी तोड़कर करीब 10 लाख रुपये नकद, करीब 90 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान लूट लिया। जाते समय बदमाश घर में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी अपने साथ ले गए।
जांच में पुलिस ने तीन संदिग्धों की पहचान मथुरा निवासी राम खिलाड़ी, फिरोजाबाद निवासी दीपक और मथुरा निवासी भीम उर्फ चेता के रूप में की। नौ अगस्त की सुबह स्पेशल स्टाफ की टीम ने राम खिलाड़ी को मथुरा के माधवन टोल प्लाजा के पास रोकने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, घेराबंदी किए जाने पर उसने टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने दो राउंड फायर किए। हालांकि, अंधेरे और भारी यातायात का फायदा उठाकर वह मौके से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल स्कूटी की जांच शुरू की।
स्कूटी जांच में मिला सुराग
स्कूटी से जुड़े नंबरों और मोबाइल संपर्कों की पड़ताल के दौरान पुलिस को एक ऐसा मोबाइल नंबर मिला, जो राम खिलाड़ी के संपर्क में था। जांच में पता चला कि स्कूटी नवरतन के नाम पर पंजीकृत है। नवरतन का मोबाइल नंबर तरेश की पूर्व घरेलू सहायिका सरोज के संपर्क में मिला। इसके बाद पुलिस ने सरोज पर निगरानी बढ़ाई और 20 अगस्त की देर शाम उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सरोज ने पुलिस को बताया कि उसने बुजुर्ग दंपती के घर में मौजूद नकदी, जेवर और परिवार से जुड़ी जानकारी अपने बेटे मनोज उर्फ लाला को दी थी। इसके बाद पुलिस ने मनोज और राजीव को भी गिरफ्तार कर लिया।