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Campus Diaries: 12वीं के बाद कॉलेज चुनने में कन्फ्यूजन? कोर्स, संस्थान और कॅरिअर को समझकर लें सही फैसला

Thu, 20 Aug 2026 11:50 AM IST
Shahin Praveen एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Shahin Praveen Updated Thu, 20 Aug 2026 11:50 AM IST
सार
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College After 12th: 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्रों के सामने कॉलेज और कोर्स चुनने की बड़ी चुनौती होती है। सही कॉलेज का चुनाव सिर्फ अच्छे संस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें छात्र की रुचि, पसंदीदा कोर्स, फीस, सुविधाएं और आगे के कॅरिअर के अवसर भी अहम भूमिका निभाते हैं।

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Confused About College After Class 12? Here’s How to Choose the Right One
College Admission - फोटो : AI

विस्तार

College Admission: बोर्ड परीक्षाओं, सीयूईटी, नीट और अन्य प्रवेश परीक्षाओं के नतीजों के बाद कॉलेजों में दाखिले का दौर जारी है। किसी विद्यार्थी को मनपसंद कॉलेज नहीं मिला है, किसी को कॉलेज मिला लेकिन पसंद का कोर्स नहीं, कुछ के लिए फीस बड़ी चिंता है। कई विद्यार्थी दाखिला लेने के बाद भी बेहतर विकल्प मिलने पर कॉलेज या कोर्स बदलने पर विचार कर रहे हैं।

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ऐसे समय में सवाल केवल यह नहीं है कि दाखिला कहां लिया जाए। यह समझना भी जरूरी है कि उपलब्ध विकल्पों में कौन-सा कोर्स, कॉलेज और आगे का कॅरिअर विद्यार्थी की रुचि, क्षमता, बजट और भविष्य की योजनाओं के अनुसार बेहतर हो सकता है।

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सही कॉलेज या पसंदीदा कोर्स में से किसे दें प्राथमिकता : दाखिले

के समय विद्यार्थियों के सामने अक्सर यह सवाल आता है कि बेहतर कॉलेज में उपलब्ध दूसरा कोर्स चुना जाए या पसंदीदा कोर्स के लिए किसी अन्य कॉलेज को प्राथमिकता दी जाए। इसका एक जवाब सभी विद्यार्थियों के लिए सही नहीं हो सकता। किसी के लिए कोर्स अधिक महत्वपूर्ण हो सकता है, जबकि किसी के लिए कॉलेज का शैक्षणिक माहौल, फीस, स्थान, इंटर्नशिप और आगे मिलने वाले अवसर ज्यादा मायने रख सकते हैं। 

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इंजीनियरिंग, मेडिकल और मैनेजमेंट के अलावा कॉमर्स, कानून, डिजाइन, मनोविज्ञान, मीडिया, होटल मैनेजमेंट, तकनीक, डाटा, जीवन विज्ञान और कई दूसरे क्षेत्रों में भी अलग-अलग शैक्षणिक और कॅरिअर विकल्प मौजूद हैं। इसलिए अपेक्षित रैंक या कॉलेज न मिलने का अर्थ यह नहीं है कि आगे के विकल्प समाप्त हो गए हैं।

दाखिला ले चुके हैं तो भी विकल्पों की तुलना करें

कई विद्यार्थी पहले सीट सुरक्षित कर लेते हैं और बाद में बेहतर कॉलेज या कोर्स मिलने पर बदलाव को लेकर असमंजस में पड़ जाते हैं। ऐसी स्थिति में केवल नए कॉलेज के नाम से प्रभावित होने के बजाय पुराने और नए दोनों विकल्पों की फीस, पाठ्यक्रम, स्थान, इंटर्नशिप, आगे की पढ़ाई और कॅरिअर संभावनाओं की तुलना करनी चाहिए। सबसे जरूरी यह समझना है कि विद्यार्थी अगले तीन से पांच वर्षों तक क्या पढ़ना चाहता है और उस पढ़ाई के बाद उसके सामने आगे कौन-कौन से रास्ते खुल सकते हैं।

क्या कॉलेज, कोर्स या कॅरिअर को लेकर अभी भी असमंजस है

यदि आपने अभी तक दाखिला नहीं लिया है। मिले हुए कॉलेज या कोर्स को लेकर असमंजस है, फीस के कारण दूसरे विकल्प तलाश रहे हैं या मौजूदा दाखिले को बदलने पर विचार कर रहे हैं, तो अंतिम फैसला करने से पहले उपलब्ध विकल्पों को समझ सकते हैं।

क्यूआर कोड स्कैन करें, छोटा-सा फार्म भरें और दिशा स्टार्स की फ्री 1:1 कॅरिअर काउंसिलिंग कॉल प्राप्त करें।

फैसले से पहले विकल्प समझें

  • दाखिले से पहले यह स्पष्ट होना जरूरी है कि चुना गया कोर्स विद्यार्थी की रुचि और क्षमता के अनुसार है या नहीं, कॉलेज की फीस बजट में है या नहीं। इसी कोर्स के बेहतर विकल्प कहां उपलब्ध हैं और इस पढ़ाई के बाद आगे कॅरिअर के कौन-कौन से रास्ते खुल सकते हैं। मनपसंद कॉलेज न मिलने या मिले हुए विकल्प को लेकर असमंजस होने की स्थिति में भी फैसला विद्यार्थी की शैक्षणिक स्थिति, प्रवेश परीक्षा के अंक या रैंक, बजट, स्थान की पसंद और कॅरिअर लक्ष्य को ध्यान में रखकर लेना बेहतर है।
  • विद्यार्थियों और अभिभावकों को इन्हीं विकल्पों को समझने और उनकी तुलना करने में सहायता देने के लिए अमर उजाला दिशा स्टार्स की ओर से फ्री 1:1 एक्सपर्ट कॅरिअर काउंसिलिंग उपलब्ध कराई जा रही है। काउंसिलिंग में विद्यार्थी अपनी रुचि, शैक्षणिक स्थिति, सीयूईटी या नीट स्कोर, पसंदीदा कोर्स, बजट और कॅरिअर लक्ष्य के आधार पर उपलब्ध कोर्स और कॉलेज विकल्प को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं, ताकि अंतिम फैसला अपनी जरूरत और भविष्य की दिशा को ध्यान में रखकर लिया जा सके।
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