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एफएमजीई: जॉर्जिया से एमबीबीएस वालों के लिए स्वतंत्र चिकित्सा लाइसेंस जरूरी, एनएमसी ने साफ किया नियम

Thu, 08 Oct 2026 08:44 AM IST
शिवम तिवारी नई दिल्ली, पीटीआई
नई दिल्ली, पीटीआई Published by: शिवम तिवारी Updated Thu, 08 Oct 2026 08:44 AM IST
सार
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जॉर्जिया से एमबीबीएस करने वाले भारतीय छात्रों के लिए एनएमसी ने एफएमजीई को लेकर स्पष्टीकरण दिया है। परीक्षा में शामिल होने के लिए केवल कनिष्ठ डॉक्टर के रूप में काम करना पर्याप्त नहीं होगा। उम्मीदवार के पास जॉर्जिया में स्वतंत्र रूप से चिकित्सा अभ्यास करने का लाइसेंस होना जरूरी है। एनएमसी ने संबंधित नियम का हवाला देते हुए यह जानकारी दी है।
 

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Georgia Medical Licence Required for FMGE, Junior Doctor Status Alone Not Sufficient: NMC
Georgia Medical - फोटो : AI Generated

विस्तार

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग यानी एनएमसी ने जॉर्जिया से चिकित्सा की पढ़ाई करने वाले भारतीय छात्रों के लिए एफएमजीई को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। आयोग के अनुसार, भारत में विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा यानी एफएमजीई देने के लिए केवल जॉर्जिया में जूनियर डॉक्टर के तौर पर काम करना पर्याप्त नहीं है। उम्मीदवार के पास उस देश में स्वतंत्र रूप से चिकित्सा का अभ्यास करने का वैध लाइसेंस होना चाहिए, जहां से उसने चिकित्सा की डिग्री हासिल की है। एनएमसी ने यह जानकारी एक अभ्यर्थी की शिकायत के जवाब में दी है। एफएमजीई भारत में विदेशी मेडिकल स्नातकों के लिए डॉक्टर के रूप में पंजीकरण कराने की अनिवार्य परीक्षा है।
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किस नियम का हवाला दिया गया?

एनएमसी ने अपने जवाब में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (विदेशी चिकित्सा स्नातक लाइसेंसधारी) विनियम, 2021 के विनियम 4(बी) का हवाला दिया है। इसके अनुसार, किसी विदेशी देश से चिकित्सा की डिग्री हासिल करने वाले उम्मीदवार को उस देश के चिकित्सा नियामक प्राधिकरण के साथ पंजीकृत या लाइसेंस प्राप्त होना चाहिए। यह लाइसेंस ऐसा होना चाहिए, जो उम्मीदवार को वहां स्वतंत्र रूप से चिकित्सा का अभ्यास करने की अनुमति दे और उस देश के मेडिकल स्नातकों को मिलने वाले लाइसेंस के बराबर हो। एनएमसी ने कहा कि केवल जूनियर डॉक्टर का दर्जा तभी पर्याप्त माना जा सकता है, जब उससे कानूनी रूप से आवश्यक स्तर पर स्वतंत्र चिकित्सा अभ्यास की अनुमति मिलती हो।
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जॉर्जिया में जूनियर डॉक्टर का दर्जा क्या है?

एनएमसी के अनुसार, अगर जॉर्जिया में स्वतंत्र रूप से डॉक्टर के तौर पर काम करने के लिए स्नातकोत्तर प्रमाणन जरूरी है, तो केवल जूनियर डॉक्टर का दर्जा विनियम 4(बी) की शर्त पूरी नहीं करेगा। यानी छह साल का एमबीबीएस पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद सिर्फ जूनियर डॉक्टर के रूप में काम करने की अनुमति को स्वतंत्र चिकित्सा लाइसेंस नहीं माना जा सकता। जॉर्जिया में लागू कानून और लाइसेंस संबंधी नियम ही यह तय करेंगे कि उम्मीदवार एफएमजीई के लिए योग्य है या नहीं। इस मुद्दे को लेकर एक अभ्यर्थी भवना ने शिकायत दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि कुछ शिक्षा सलाहकार छात्रों को जॉर्जिया में चिकित्सा शिक्षा और लाइसेंस से जुड़े नियमों की गलत जानकारी दे रहे हैं।
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जॉर्जिया में स्वतंत्र डॉक्टर कैसे बनते हैं?

सितंबर 2022 में भारत के दूतावास ने जॉर्जिया के मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेने वाले भारतीय छात्रों के लिए एक सलाह जारी की थी। इसमें बताया गया था कि स्नातक चिकित्सा शिक्षा पूरी करने के बाद भारतीय छात्र जूनियर डॉक्टर के तौर पर काम कर सकते हैं। हालांकि, स्वतंत्र डॉक्टर के रूप में चिकित्सा अभ्यास करने के लिए उन्हें जॉर्जियाई भाषा में राष्ट्रीय पोस्ट-डिप्लोमा योग्यता परीक्षा यानी एनपीडीक्यूई पास करनी होगी। इसके बाद अपनी चुनी हुई विशेषज्ञता में स्नातकोत्तर पढ़ाई या रेजिडेंसी पूरी करनी होगी और स्वतंत्र रूप से चिकित्सा अभ्यास करने का लाइसेंस हासिल करना होगा। इसलिए जूनियर डॉक्टर की भूमिका और स्वतंत्र डॉक्टर के लाइसेंस में अंतर समझना जरूरी है।

छात्रों के लिए क्या है बड़ी चिंता?

एनएमसी के इस स्पष्टीकरण के बाद जॉर्जिया से छह साल का चिकित्सा पाठ्यक्रम करने वाले भारतीय छात्रों के सामने एफएमजीई पात्रता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। अनुमान के मुताबिक, 2021 के एफएमजीई नियम लागू होने के बाद करीब 30 हजार से 40 हजार भारतीय छात्रों ने जॉर्जिया के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लिया। इनमें से कई छात्रों को स्वतंत्र चिकित्सा लाइसेंस की शर्त की पूरी जानकारी नहीं होने की आशंका जताई गई है। छात्रों और सलाहकारों का कहना है कि कुछ कॉलेज और शिक्षा सलाहकार नियमों की ऐसी व्याख्या कर रहे हैं, जिससे भ्रम पैदा हो सकता है। उनका सुझाव है कि एनएमसी और भारतीय दूतावास को छात्रों के लिए स्पष्ट सलाह जारी करनी चाहिए, ताकि विदेश में मेडिकल शिक्षा लेने से पहले वे लाइसेंस और एफएमजीई की सभी शर्तों को समझ सकें।
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