गोरखपुर: सीएम योगी ने गोड़धोइया नाले के दूसरे चरण का शिलान्यास किया, 17 वार्डों को जलभराव से मिलेगी राहत
दिवाली के अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों से गरीब परिवारों के साथ खुशियां साझा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपनी खुशियों में गरीबों को भी शामिल करें। उनके घर मिठाई लेकर जाएं और दीप जलाएं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर के 17 वार्डों में जलभराव की समस्या से स्थायी राहत दिलाने की दिशा में गोड़धोइया नाले के दूसरे चरण के कार्यों का को शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि नाले के पहले चरण का काम पूरा हो चुका है। इसके तहत 7.5 किलोमीटर लंबा आरसीसी नाला और 14 पुलिया बनाई गई हैं। दूसरे चरण के काम पूरे होने से रेलवे कॉलोनी, बिछिया, शाहपुर, बशारतपुर और रामजानकी नगर समेत आसपास के इलाकों को जलभराव से राहत मिलेगी। नाले के दोनों तरफ सड़क, वैकल्पिक मार्ग और वृक्षारोपण भी कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बरसात के दौरान गोरखपुर में भीषण जलभराव की समस्या होती थी। शहर में गंदगी और जलभराव के साथ इंसेफेलाइटिस, मलेरिया व डेंगू जैसी बीमारियों का प्रकोप भी था। समस्या के स्थायी समाधान के लिए नाले का व्यवस्थित निर्माण कराया गया। इस दौरान मकानों को नुकसान पहुंचाए बिना काम पूरा किया गया। पहले चरण में नाले के साथ सीवर लाइन भी बनाई गई है। इसका पानी शोधित होने के बाद ही रामगढ़ताल में छोड़ा जाएगा।
गोरखपुर में मच्छर और माफिया का आतंक खत्म
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर से मच्छर और माफिया, दोनों का आतंक समाप्त करने का काम किया गया है। आज शहर में एम्स, मेडिकल कॉलेज और चार विश्वविद्यालय हैं। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के साथ औद्योगिक गतिविधियों का भी विस्तार हो रहा है। पहले यहां के लोग रोजगार के लिए दूसरे शहरों में जाते थे, लेकिन अब दूसरे क्षेत्रों के लोग गोरखपुर में नौकरी और रोजगार के लिए आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि फर्टिलाइजर, चीनी मिल, डिस्टलरी, एथेनॉल प्लांट और सीमेंट फैक्टरी जैसी औद्योगिक परियोजनाएं विकास को गति दे रही हैं। आयुष विश्वविद्यालय में भी काम शुरू हो चुका है। गीडा युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा केंद्र बन रहा है।
दिवाली पर गरीबों के घर जाकर खुशियां बांटने की अपील
दिवाली के अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों से गरीब परिवारों के साथ खुशियां साझा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अपनी खुशियों में गरीबों को भी शामिल करें। उनके घर मिठाई लेकर जाएं और दीप जलाएं। वनटांगिया गांव में भी दिवाली मनाने की परंपरा है। मोहल्लों के मंदिरों और शहीद स्मारकों पर भी दीप जलाएं। पर्व-त्योहार की खुशियां तभी सार्थक होंगी, जब समाज का हर वर्ग इसमें सहभागी बने। मुख्यमंत्री ने लोगों को दिवाली और छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं।