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गोरखपुर: उग्रसेन सेतु पर फिर धंसी सड़क, बड़ा गड्ढा बनने से आवागमन पर संकट, नए दो लेन के पुल की मांग

Tue, 27 Oct 2026 01:31 PM IST
अनुराग रंजन संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Published by: अनुराग रंजन Updated Tue, 27 Oct 2026 01:31 PM IST
सार
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ग्राम पंचायत पटना के पूर्व प्रधान और प्रधान संगठन गोरखपुर के जिला प्रभारी हृदय शंकर सिंह ने कहा कि पुराने पुल की बार-बार मरम्मत कराने के बजाय उसके समानांतर दो लेन के नए पुल का निर्माण कराया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि प्रशासन समय रहते स्थायी समाधान निकाले, ताकि आवागमन सुरक्षित बना रहे।

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Large Pothole Reappears on Ugrasen Setu Raising Safety Concerns Demand for New Bridge Grows
उग्रसेन सेतु पर बना गड्ढा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

राम-जानकी मार्ग पर राप्ती नदी के पटना-कपरवार घाट पर बना उग्रसेन सेतु मंगलवार को एक बार फिर क्षतिग्रस्त हो गया। पुल के बीच सड़क पर बड़ा होल होने से नीचे तक आर-पार दिखाई देने लगा। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पुल पर चार पहिया और भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित कर दिया है। पुल से प्रतिदिन गुजरने वाले हजारों वाहनों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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गोरखपुर और देवरिया जनपद के साथ उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाला यह पुल आवागमन का प्रमुख माध्यम है। इस पर दिन-रात छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही रहती है। सड़क के बीच बड़ा होल होने से दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने तत्काल तकनीकी जांच, क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।
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बार-बार क्षतिग्रस्त हो रहा पुल, स्थायी समाधान कब
उग्रसेन सेतु का निर्माण वर्ष 1986 में उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने कराया था। पुल में कुल 13 पाए हैं। यह पहली बार नहीं है जब पुल में बड़ा होल हुआ हो। 19 मार्च 2019 को पश्चिमी छोर के पांचवें डेक में बड़ा होल हुआ था। उस समय सरिया और नीचे की जमीन तक दिखाई देने लगी थी। 24 जनवरी 2023 को पुल के मध्य भाग में फिर होल हो गया था। इसकी मरम्मत में करीब तीन महीने लगे थे।
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16 जुलाई 2026 को भी पुल में होल होने के बाद करीब डेढ़ महीने तक आवागमन प्रभावित रहा था। अब दोबारा क्षति सामने आने से पुल की मजबूती और मरम्मत व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीण हृदय शंकर सिंह, विनोद यादव, आशुतोष सिंह, बासुदेव यादव, राजू, अनिल सिंह, अरविंद सिंह, लालसा और राजन सिंह ने पुल की तत्काल मरम्मत के साथ समानांतर नए पुल के निर्माण की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार की अस्थायी मरम्मत के बजाय स्थायी समाधान जरूरी है, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


पटना-कपरवार पुल पर होल की सुचना मिली है। मैं कोर्ट में हूं। भारी वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। बहुत जल्द मरम्मत कर फिर से आवाजाही बहाल करा दिया जाएगा।
-नुसरत उल्लाह खान, परियोजना निदेशक,पीआईयू मोर्थ, गोरखपुर।

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