गोरखपुर के गांव में बाढ़ का खतरा: सरयू खतरे के निशान से 1 मीटर ऊपर, 7 गांव पानी से घिरे; 1085 लोग प्रभावित
बाढ़ से प्रभावित गावों में खजनी तहसील का नरगड़ा जंगा सिंह, गोला तहसील के छह गांव बगहा, कोटिया निरंजन, ज्ञानकोल, जैतपुर, पटना मुस्तकिल, और गोनघट बाढ़ से प्रभावित हैं। इन गांवों की 1085 जनसंख्या बाढ़ से प्रभावित है। इन गावों में आवागमन के लिए सात नावें लगाई गई हैं।
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जिले में बारिश भले न हो रही हो लेकिन सरयू क्षेत्र में हुई बारिश की वजह से अयोध्या से लेकर बरहज तक नदी खतरे के निशान को पार कर गई है। बरहज में नदी खतरे के निशान से एक मीटर जबकि अयोध्या में नदी 22 सेमी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई है। इसकी वजह से गोला और खजनी तहसील के सात गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
इन गांवों में सात नाव लगाई गई है। एक गांव में प्रशासन की तरफ से फूड पैकेट वितरित किया गया है जनपद से होकर गुजरने वाली सरयू नदी को छोड़ सभी नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही है लेकिन सरयू खतरे का निशान पार कर अपनी जद में सात गांवों को ले लिया है।
बाढ़ से प्रभावित गावों में खजनी तहसील का नरगड़ा जंगा सिंह, गोला तहसील के छह गांव बगहा, कोटिया निरंजन, ज्ञानकोल, जैतपुर, पटना मुस्तकिल, और गोनघट बाढ़ से प्रभावित हैं। इन गांवों की 1085 जनसंख्या बाढ़ से प्रभावित है। इन गावों में आवागमन के लिए सात नावें लगाई गई हैं।
बाढ़ से प्रभावित गावों में रहने वाले परिवारों के लिए 300 राहत सामग्री किट का वितरण प्रशासन की ओर से किया गया है। ज्ञानकोल गांव में किट का वितरण जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया गया। इसके अलावा कम्यूनिटी किचन के माध्यम से दो दिनों से लगातार लंच पैकेट का वितरण किया जा रहा है।
डीएम दीपक मीणा ने बताया कि सरयू नदी का जलस्तर बढ़ा है। अधिकारियों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में नावें लगाई गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रियबाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों के लिए चिकित्सा विभाग की टीम भी सक्रिय है। बीमार लोगों का उपचार के साथ प्रभावित लोगों के बीच क्लोरीन की गोली के अलावा ओआरएस का पैकेट दिया जा रहा है। इसके अलावा प्रभावित गांवों के पशुओं के उपचार के लिए पशु चिकित्सकों की टीम भी लगी है। पशुओं के लिए भूषा का वितरण किया जा रहा है।