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यूपी एमएलसी चुनाव: प्रमुख प्रत्याशियों के गृह जिलों में कम मतदान से बदल सकते हैं समीकरण; आंकड़ों में दिखा अंतर

Sat, 24 Oct 2026 10:33 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: Sharukh Khan Updated Sat, 24 Oct 2026 10:33 AM IST
सार
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शिक्षक एमएलसी चुनाव में प्रमुख प्रत्याशियों के गृह जिलों में कम मतदान से समीकरण बदल सकते हैं। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के 17 जिलों में मतदान के आंकड़ों में अंतर दिखाई दिया। मऊ में सबसे कम 73.88 और बलरामपुर में सर्वाधिक 89.31 प्रतिशत वोट पड़े।

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UP Teacher MLC Election: Low Turnout in Key Candidates' Home Districts May Shift Electoral Dynamics
UP Teacher MLC Election - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन में मतदान के आंकड़ों ने प्रत्याशियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चुनाव में कुल 79.01 प्रतिशत मतदान हुआ है, लेकिन प्रमुख दावेदारों के गृह जिलों में मतदान का प्रतिशत कम रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मतों के इस अंतर से चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। हालांकि कम मतदान का सीधा असर किसी प्रत्याशी की जीत या हार पर पड़ेगा, यह कहना जल्दबाजी होगी।
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चुनाव में सभी 17 जिलों में भाजपा प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी और सपा से डॉ. संजयन त्रिपाठी को अच्छा समर्थन मिला है। लेकिन इन दोनों प्रत्याशियों के गृह जनपद में वोट का ग्राफ कम रहा है। 
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ध्रुव कुमार त्रिपाठी के गृह जिले सिद्धार्थनगर में 76.86 प्रतिशत तो डॉ. संजयन के गृह जिले गोरखपुर में मतदान का प्रतिशत भी 76.84 प्रतिशत दर्ज किया गया। शुरुआती विवरण में यह आंकड़ा 76.77 प्रतिशत बताया गया था। इसी तरह निर्दलीय प्रत्याशी और पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे अजय सिंह आजमगढ़ के रहने वाले हैं और यहां भी वोट का प्रतिशत 73.98 जबकि अजीत सिंह के गृह जनपद मऊ में 73.88 प्रतिशत मतदान हुआ है।
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राजनीतिक विश्लेषक एवं गोरखपुर विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य अमित उपाध्याय कहते हैं कि प्रत्याशियों के गृह जनपद में कम मतदान का असर जरूर पड़ेगा। इस चुनाव में नया ट्रेंड यह देखने को मिला है कि पुरानी पेंशन योजना की मांग को छोड़ दें तो सभी प्रमुख प्रत्याशियों के एजेंडे अलग-अलग थे।

इससे भी मतदाता भ्रमित हुए हैं और कम मतदान की एक वजह यह हो सकती है। हालांकि पिछली बार से ओवरऑल मतदान का प्रतिशत करीब पांच फीसदी बढ़ा है। इसका लाभ राजनीतिक दल के प्रत्याशियों को मिल सकता है।

बस्ती और संतकबीरनगर में अधिक मतदान
गोरखपुर-बस्ती मंडल के जिलों में बस्ती में 86.45 प्रतिशत मतदान हुआ। संतकबीरनगर में 86.30 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। कुशीनगर में 84.15 प्रतिशत, महराजगंज में 81.33 प्रतिशत और देवरिया में 80.53 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

इसके मुकाबले गोरखपुर में 76.84 और सिद्धार्थनगर में 76.86 प्रतिशत मतदान हुआ। पूरे निर्वाचन क्षेत्र के 17 जिलों में भी मतदान का ग्राफ अलग-अलग रहा। मऊ में सबसे कम 73.88 प्रतिशत और बलरामपुर में सबसे ज्यादा 89.31 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

गोरखपुर-संतकबीरगर में नोकझोंक व विरोध
संतकबीरनगर के मेंहदावल मतदान केंद्र पर तीन सेवानिवृत शिक्षकों के मतदान को लेकर विवाद की स्थिति बनी। सपा के एजेंट ने उनके मतदान पर आपत्ति जताई। बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप से तीनों शिक्षकों को वोट डालने का अवसर मिला। गोरखपुर के कुछ बूथों पर भी हल्की नोकझोंक हुई लेकिन प्रशासन ने स्थिति संभाल ली।
 

जिलेवार मतदान प्रतिशत (शाम 4 बजे तक)
क्र. जिला प्रतिशत
1 बहराइच 83.2–83.6
2 गोंडा 76.9–77.0
3 बस्ती 86.45
4 सिद्धार्थनगर 76.86
5 गोरखपुर 76.84
6 महराजगंज 81.41
7 देवरिया 80.53
8 आजमगढ़ 73.98
9 मऊ 73.88–74.06
10 सुल्तानपुर 84.17
11 अमेठी 88.3–88.4
12 अयोध्या 78.37
13 कुशीनगर 84–86
14 अंबेडकरनगर 80.0–80.5
15 श्रावस्ती 81.57
16 बलरामपुर 89.31
17 संत कबीरनगर 86.30
( यह आंकड़ा शाम चार बजे तक का है, अंतिम और स्पष्ट आंकड़ा पीठासीन अधिकारी की डायरी के)
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