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मिलावट पर नकेल: हरियाणा में एफएसएसएआई की पांच मोबाइल लैब, मात्र 20 रुपये में होगी खाद्य पदार्थों की जांच
Tue, 22 Sep 2026 10:54 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Tue, 22 Sep 2026 10:54 PM IST
ये मोबाइल वैन मेलों, त्योहारों और बड़े सार्वजनिक आयोजनों के दौरान भी तैनात की जाएंगी। ऐसे स्थानों पर बड़ी संख्या में खाने-पीने के स्टॉल और अस्थायी दुकानें लगती हैं।
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एफएसएसएआई
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
हरियाणा में अब लोग सिर्फ 20 रुपये में दूध, मसाले, दाल और खाने के तेल जैसी चीजों की मिलावट की शुरुआती जांच करा सकेंगे। जांच का शुरुआती नतीजा करीब 10 से 12 मिनट में मिल जाएगा। इसके लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की ओर से दी गई पांच मोबाइल फूड सेफ्टी वैन राज्य में तैनात की गई हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि ये मोबाइल लैब बाजारों, बस स्टैंड, स्कूल-कॉलेज और अन्य भीड़भाड़ वाली जगहों पर पहुंचेंगी। इनका उद्देश्य लोगों को मौके पर ही खाद्य पदार्थों की शुरुआती जांच की सुविधा देना और खाने की वस्तुओं में मिलावट के प्रति जागरूक करना है। आम लोग अपने खाने-पीने की चीजों के सैंपल इन मोबाइल वैन में जांच के लिए ला सकेंगे। हर सैंपल की जांच के लिए 20 रुपये शुल्क लिया जाएगा। हालांकि यह शुरुआती जांच होगी। अगर किसी सैंपल में गड़बड़ी या मिलावट की आशंका मिलती है तो नियमानुसार आगे की जांच और कार्रवाई की जाएगी।
मेलों और बड़े आयोजनों में भी पहुंचेंगी मोबाइल लैब
ये मोबाइल वैन मेलों, त्योहारों और बड़े सार्वजनिक आयोजनों के दौरान भी तैनात की जाएंगी। ऐसे स्थानों पर बड़ी संख्या में खाने-पीने के स्टॉल और अस्थायी दुकानें लगती हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी जरूरत के अनुसार यहां सैंपल लेकर मौके पर शुरुआती जांच कर सकेंगे। अधिकारियों के मुताबिक मोबाइल लैब से संदिग्ध खाद्य पदार्थों की पहचान जल्दी हो सकेगी। इससे पारंपरिक लैब में जांच के लिए सैंपल भेजने से पहले ही यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या दूसरी गड़बड़ी की आशंका है या नहीं। मोबाइल वैन के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी लोगों को खाने की वस्तुओं में मिलावट को लेकर जागरूक भी करेंगे। इसमें खाद्य पदार्थों में मिलावट पहचानने, फोर्टिफाइड फूड, न्यूट्रिशन लेबल पढ़ने और खाने को साफ-सुथरे तरीके से रखने जैसी जानकारियां दी जाएंगी।
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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि ये मोबाइल लैब बाजारों, बस स्टैंड, स्कूल-कॉलेज और अन्य भीड़भाड़ वाली जगहों पर पहुंचेंगी। इनका उद्देश्य लोगों को मौके पर ही खाद्य पदार्थों की शुरुआती जांच की सुविधा देना और खाने की वस्तुओं में मिलावट के प्रति जागरूक करना है। आम लोग अपने खाने-पीने की चीजों के सैंपल इन मोबाइल वैन में जांच के लिए ला सकेंगे। हर सैंपल की जांच के लिए 20 रुपये शुल्क लिया जाएगा। हालांकि यह शुरुआती जांच होगी। अगर किसी सैंपल में गड़बड़ी या मिलावट की आशंका मिलती है तो नियमानुसार आगे की जांच और कार्रवाई की जाएगी।
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मेलों और बड़े आयोजनों में भी पहुंचेंगी मोबाइल लैब
ये मोबाइल वैन मेलों, त्योहारों और बड़े सार्वजनिक आयोजनों के दौरान भी तैनात की जाएंगी। ऐसे स्थानों पर बड़ी संख्या में खाने-पीने के स्टॉल और अस्थायी दुकानें लगती हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी जरूरत के अनुसार यहां सैंपल लेकर मौके पर शुरुआती जांच कर सकेंगे। अधिकारियों के मुताबिक मोबाइल लैब से संदिग्ध खाद्य पदार्थों की पहचान जल्दी हो सकेगी। इससे पारंपरिक लैब में जांच के लिए सैंपल भेजने से पहले ही यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या दूसरी गड़बड़ी की आशंका है या नहीं। मोबाइल वैन के साथ खाद्य सुरक्षा अधिकारी और तकनीकी कर्मचारी लोगों को खाने की वस्तुओं में मिलावट को लेकर जागरूक भी करेंगे। इसमें खाद्य पदार्थों में मिलावट पहचानने, फोर्टिफाइड फूड, न्यूट्रिशन लेबल पढ़ने और खाने को साफ-सुथरे तरीके से रखने जैसी जानकारियां दी जाएंगी।
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