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ओपीएस को लेकर फूटा कर्मचारियों का गुस्सा: सीएम मान के पैतृक गांव सतौज का किया घेराव, पुलिस ने चलाई वाटर कैनन
Sun, 23 Aug 2026 05:06 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम
संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sun, 23 Aug 2026 05:06 PM IST
गांव सतौज के मुहाने पर पुलिस ने भारी-भरकम बैरिकेडिंग कर मजबूत नाकाबंदी कर रखी थी। हालांकि, ओपीएस की मांग पर अड़े कर्मचारियों का गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने पुलिस के सारे बैरिकेड्स उखाड़ फेंके।
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सीएम मान के गांव का घेराव करने पहुंचे कर्मचारी
- फोटो : वीडियो ग्रैब
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विस्तार
पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर पंजाब सरकार और राज्य के कर्मचारियों के बीच अब सीधी और आर-पार की जंग छिड़ गई है। रविवार को सुनाम के गांव तोलावाल की अनाज मंडी में जुटे हजारों सरकारी कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के पैतृक गांव सतौज स्थित आवास का घेराव करने के लिए जब कूच किया, तो शासन-प्रशासन में हड़कंप मच गया।
गांव सतौज के मुहाने पर पुलिस ने भारी-भरकम बैरिकेडिंग कर मजबूत नाकाबंदी कर रखी थी। हालांकि, ओपीएस की मांग पर अड़े कर्मचारियों का गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने पुलिस के सारे बैरिकेड्स उखाड़ फेंके। जब पुलिस ने रास्ता रोका, तो सैकड़ों कर्मचारी खेतों के रास्ते भागते हुए सीधे गांव सतौज की सीमा में घुसने की कोशिश करने लगे। स्थिति को बेकाबू होता देख पुलिस प्रशासन ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर प्रदर्शनकारियों पर तेज पानी की बौछारें छोड़ दीं।
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गांव सतौज के मुहाने पर पुलिस ने भारी-भरकम बैरिकेडिंग कर मजबूत नाकाबंदी कर रखी थी। हालांकि, ओपीएस की मांग पर अड़े कर्मचारियों का गुस्सा इस कदर फूटा कि उन्होंने पुलिस के सारे बैरिकेड्स उखाड़ फेंके। जब पुलिस ने रास्ता रोका, तो सैकड़ों कर्मचारी खेतों के रास्ते भागते हुए सीधे गांव सतौज की सीमा में घुसने की कोशिश करने लगे। स्थिति को बेकाबू होता देख पुलिस प्रशासन ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर प्रदर्शनकारियों पर तेज पानी की बौछारें छोड़ दीं।
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"खाली पीपा वित्त मंत्री मुर्दाबाद" के नारों से थर्राया इलाका
'पुरानी पेंशन बहाली साझा मंच पंजाब के बैनर तले आयोजित इस सूबा स्तरीय महारैली की अगुवाई प्रांतीय संयोजक जसवीर सिंह तलवाड़ा और प्रांतीय अध्यक्ष सुखजीत सिंह ने की। दोपहर करीब दो बजे जैसे ही कर्मचारियों का विशाल जत्था सतौज गांव की ओर बढ़ा, पूरा इलाका पुलिस विरोधी और सरकार विरोधी नारों से गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और राज्य के वित्त मंत्री के खिलाफ "खाली पीपा वित्त मंत्री मुर्दाबाद" और "पंजाब सरकार मुर्दाबाद" के नारे लगाकर अपना रोष प्रकट किया।
27 अगस्त को पूरा पंजाब ठप करने का एलान
पानी की बौछारों के बीच कर्मचारी नेताओं ने मंच से सरकार के खिलाफ आर-पार के आंदोलन का बिगुल बजाते हुए 27 अगस्त को ‘पंजाब बंद’ का एलान किया। नेताओं ने प्रदेशभर के सभी सरकारी कर्मचारियों से अपील की है कि वे 27 अगस्त को एक साथ सामूहिक अवकाश (मास लीव) लेकर दफ्तरों के कामकाज का पूरी तरह बहिष्कार करें। एनपीएस को खत्म कर पुरानी पेंशन लागू की जाए। पेंशनरों को 2.59 फिटमेंट फैक्टर का लाभ दिया जाए। डीए की बकाया किस्तों और एरियर का भुगतान हो, बंद भत्ते चालू किए जाएं। छठे वेतन आयोग की विसंगतियां दूर कर पुराना पंजाब पे-स्केल बहाल किया जाए। ठेके और आउटसोर्स पर तैनात कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
'पुरानी पेंशन बहाली साझा मंच पंजाब के बैनर तले आयोजित इस सूबा स्तरीय महारैली की अगुवाई प्रांतीय संयोजक जसवीर सिंह तलवाड़ा और प्रांतीय अध्यक्ष सुखजीत सिंह ने की। दोपहर करीब दो बजे जैसे ही कर्मचारियों का विशाल जत्था सतौज गांव की ओर बढ़ा, पूरा इलाका पुलिस विरोधी और सरकार विरोधी नारों से गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और राज्य के वित्त मंत्री के खिलाफ "खाली पीपा वित्त मंत्री मुर्दाबाद" और "पंजाब सरकार मुर्दाबाद" के नारे लगाकर अपना रोष प्रकट किया।
27 अगस्त को पूरा पंजाब ठप करने का एलान
पानी की बौछारों के बीच कर्मचारी नेताओं ने मंच से सरकार के खिलाफ आर-पार के आंदोलन का बिगुल बजाते हुए 27 अगस्त को ‘पंजाब बंद’ का एलान किया। नेताओं ने प्रदेशभर के सभी सरकारी कर्मचारियों से अपील की है कि वे 27 अगस्त को एक साथ सामूहिक अवकाश (मास लीव) लेकर दफ्तरों के कामकाज का पूरी तरह बहिष्कार करें। एनपीएस को खत्म कर पुरानी पेंशन लागू की जाए। पेंशनरों को 2.59 फिटमेंट फैक्टर का लाभ दिया जाए। डीए की बकाया किस्तों और एरियर का भुगतान हो, बंद भत्ते चालू किए जाएं। छठे वेतन आयोग की विसंगतियां दूर कर पुराना पंजाब पे-स्केल बहाल किया जाए। ठेके और आउटसोर्स पर तैनात कर्मचारियों को पक्का किया जाए।