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जींद: पब्लिक हेल्थ विभाग का कर्मचारी रिश्वत लेते गिरफ्तार, ठेकेदार से बिल पास करवाने के लिए मांगी थी रिश्वत
Thu, 05 Nov 2026 05:16 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 05 Nov 2026 05:16 PM IST
पब्लिक हेल्थ विभाग के एसडीसी धर्मवीर को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने ठेकेदार के 15 लाख रुपये के बकाया बिल पास करने की एवज में तीन प्रतिशत के हिसाब से रिश्वत मांगी थी।
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रिश्वत लेते गिरफ्तार सरकारी कर्मचारी
- फोटो : वीडियो ग्रैब
विस्तार
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने पब्लिक हेल्थ विभाग के एसडीसी धर्मवीर को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने ठेकेदार के 15 लाख रुपये के बकाया बिल पास करने की एवज में तीन प्रतिशत के हिसाब से रिश्वत मांगी थी। मामले में एचकेआरएन के ग्रुप डी कर्मचारी का नाम भी सामने आया है। उसके माध्यम से रिश्वत की राशि एसडीसी तक पहुंची थी। एसीबी उससे पूछताछ कर रही है।
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रामगढ़ निवासी प्रदीप कुमार ने एसीबी को दी शिकायत में बताया कि वह पब्लिक हेल्थ विभाग में ठेकेदारी का काम करता है। उसके डिवीजन नंबर दो में नौ लाख और डिवीजन नंबर एक में छह लाख रुपये के बिल पिछले करीब दो साल से बकाया थे। बिलों का भुगतान करवाने के लिए वह एसडीसी धर्मवीर से मिला तो उसने 15 लाख रुपये के बिल पास करने की एवज में तीन प्रतिशत के हिसाब से 15 हजार रुपये रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने की बातचीत की रिकॉर्डिंग भी कर ली थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने टीम गठित कर ट्रैप लगाया। शिकायतकर्ता को 500-500 रुपये के 30 नोट दिए गए। वहीं, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सूर्या को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। टीम ने कार्रवाई करते हुए एसडीसी धर्मवीर को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।
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15 लाख रुपये के बिल पास करने की एवज में एसडीसी को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। इस मामले में एचकेआरएन के ग्रुप डी कर्मचारी से भी रुपये बरामद हुए हैं। कर्मचारी ने रुपये लेकर एसडीसी को दिए थे, लेकिन उसे यह जानकारी नहीं थी कि रुपये किस काम के लिए दिए जा रहे हैं। एसीबी ने एसडीसी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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