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सोनीपत: कैंसर से जूझ रहे सीआरपीएफ हवलदार की मौत, राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
Tue, 01 Sep 2026 07:00 PM IST
मयूर शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Published by: मयूर शर्मा
Updated Tue, 01 Sep 2026 07:00 PM IST
हवलदार कृष्ण कुमार का करीब एक महीने से दिल्ली के निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद परिजन उन्हें सोनीपत स्थित घर लेकर पहुंचे थे। देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर उनका निधन हो गया।
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सीआरपीएफ हवलदार कृष्ण कुमार (फाइल फोटो)
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
कैंसर से जूझ रहे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के हवलदार कृष्ण कुमार (56) का सोमवार रात निधन हो गया। करीब एक महीने से दिल्ली के निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद परिजन उन्हें सोनीपत स्थित घर लेकर पहुंचे थे। देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर उनका निधन हो गया। मंगलवार को गढ़ी ब्राह्मणान स्थित श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
कृष्ण कुमार मूल रूप से रोहतक जिले के गांव बोहर के रहने वाले थे और वर्तमान में परिवार के साथ सोनीपत के सरस्वती विहार में रह रहे थे। परिजनों के अनुसार, वह चार साल से कैंसर से पीड़ित थे। करीब एक माह पहले बवाना स्थित सीआरपीएफ कैंप में ड्यूटी के दौरान उन्हें लकवा मार गया था। इसके बाद से दिल्ली के निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था।
कृष्ण कुमार के निधन की सूचना मिलते ही परिवार, सहकर्मियों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों ने बताया कि वह मिलनसार स्वभाव के थे और परिवार से उनका गहरा जुड़ाव था। वह अपने पीछे पत्नी ऊषा, पुत्र अमन, पुत्रवधू और पोते को छोड़ गए।
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कृष्ण कुमार मूल रूप से रोहतक जिले के गांव बोहर के रहने वाले थे और वर्तमान में परिवार के साथ सोनीपत के सरस्वती विहार में रह रहे थे। परिजनों के अनुसार, वह चार साल से कैंसर से पीड़ित थे। करीब एक माह पहले बवाना स्थित सीआरपीएफ कैंप में ड्यूटी के दौरान उन्हें लकवा मार गया था। इसके बाद से दिल्ली के निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था।
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कृष्ण कुमार के निधन की सूचना मिलते ही परिवार, सहकर्मियों और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों ने बताया कि वह मिलनसार स्वभाव के थे और परिवार से उनका गहरा जुड़ाव था। वह अपने पीछे पत्नी ऊषा, पुत्र अमन, पुत्रवधू और पोते को छोड़ गए।
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