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गरबा में गैर-हिंदुओं की नो एंट्री: अहमदाबाद में मंच से हुआ एलान, सिंगर आदित्य गढ़वी ने क्यों जताई असहमति?
Thu, 15 Oct 2026 10:56 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, अहमदाबाद।
पीटीआई, अहमदाबाद।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 15 Oct 2026 10:56 PM IST
अहमदाबाद के एक गरबा कार्यक्रम में गैर-हिंदुओं और मुस्लिमों को मैदान छोड़ने के लिए कहे जाने के बाद विवाद हो गया। विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता ने बताया कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आयोजकों से गैर-हिंदुओं को प्रवेश नहीं देने की अपील की थी। कार्यक्रम में प्रस्तुति दे रहे लोकगायक आदित्य गढ़वी ने घोषणा से खुद को अलग करते हुए कहा कि यह उनका संदेश नहीं था।
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आदित्य गढ़वी, गुजराती लोकगायक
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
गुजरात के अहमदाबाद में नवरात्रि के दौरान आयोजित एक गरबा कार्यक्रम में गैर-हिंदुओं और मुस्लिमों को मैदान छोड़ने के लिए कहा गया। मंच से की गई इस घोषणा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम में गुजराती लोकगायक आदित्य गढ़वी भी प्रस्तुति दे रहे थे। उन्होंने इस घोषणा से खुद को अलग करते हुए कहा कि यह न तो उनका संदेश था और न ही इसमें उनकी कोई भूमिका थी।
मंच से क्या कहा गया?
बुधवार को अहमदाबाद के शेला रोड स्थित सवन्ना पार्टी प्लॉट में 'रंग मोरला' कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें प्रस्तोता और रेडियो जॉकी आकाश त्रिवेदी ने मंच से गैर-हिंदुओं और मुस्लिमों से कार्यक्रम स्थल छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) सनातन धर्म की रक्षा के लिए यहां आई है। साथ ही, उन्होंने लोगों से किसी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी हेल्पलाइन नंबर पर देने को कहा।
वीएचपी ने क्या सफाई दी?
गुजरात वीएचपी के प्रवक्ता हितेंद्रसिंह राजपूत ने इस घोषणा का बचाव किया। उन्होंने कहा कि बजरंग दल के कार्यकर्ता राज्य में गरबा कार्यक्रमों के दौरान आयोजकों से मिलते हैं और गैर-हिंदुओं को प्रवेश नहीं देने के लिए कहते हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार को भी कार्यकर्ताओं ने अहमदाबाद के इस कार्यक्रम में आयोजकों से ऐसी ही अपील की थी। इसके बाद मंच से घोषणा की गई।
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यह भी पढ़ें: प्रशांत भूषण के सत्ता परिवर्तन वाले बयान पर बवाल: भाजपा बोली- विपक्ष चाहता है देश में तख्तापलट; और क्या कहा?
आदित्य गढ़वी ने क्या कहा?
सोशल मीडिया पर आलोचना होने के बाद आदित्य गढ़वी ने इंस्टाग्राम पर बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने मंच के पीछे की व्यवस्था पर नियंत्रण कर लिया और उनके मंच का इस्तेमाल ऐसी घोषणा के लिए किया, जिससे वह सहमत नहीं हैं। गढ़वी के मुताबिक, उनकी टीम और कार्यक्रम के प्रस्तोता से इस बारे में सलाह नहीं ली गई थी और न ही वे इसमें शामिल थे।
गरबा में सभी का स्वागत-बोले गढ़वी
लोकगायक ने कहा कि गरबा ने कभी किसी से उसका उपनाम नहीं पूछा। गुजरात और देश में पीढ़ियों से अलग-अलग धर्मों के लोग साथ मिलकर गरबा करते आए हैं और यही इसकी खासियत है। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा के प्रति प्रेम और सम्मान के साथ गरबा खेलने आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत है। उनके मुताबिक, उनका मंच संगीत और भक्ति के लिए है, राजनीति के लिए नहीं।
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मंच से क्या कहा गया?
बुधवार को अहमदाबाद के शेला रोड स्थित सवन्ना पार्टी प्लॉट में 'रंग मोरला' कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें प्रस्तोता और रेडियो जॉकी आकाश त्रिवेदी ने मंच से गैर-हिंदुओं और मुस्लिमों से कार्यक्रम स्थल छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) सनातन धर्म की रक्षा के लिए यहां आई है। साथ ही, उन्होंने लोगों से किसी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी हेल्पलाइन नंबर पर देने को कहा।
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वीएचपी ने क्या सफाई दी?
गुजरात वीएचपी के प्रवक्ता हितेंद्रसिंह राजपूत ने इस घोषणा का बचाव किया। उन्होंने कहा कि बजरंग दल के कार्यकर्ता राज्य में गरबा कार्यक्रमों के दौरान आयोजकों से मिलते हैं और गैर-हिंदुओं को प्रवेश नहीं देने के लिए कहते हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार को भी कार्यकर्ताओं ने अहमदाबाद के इस कार्यक्रम में आयोजकों से ऐसी ही अपील की थी। इसके बाद मंच से घोषणा की गई।
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आदित्य गढ़वी ने क्या कहा?
सोशल मीडिया पर आलोचना होने के बाद आदित्य गढ़वी ने इंस्टाग्राम पर बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने मंच के पीछे की व्यवस्था पर नियंत्रण कर लिया और उनके मंच का इस्तेमाल ऐसी घोषणा के लिए किया, जिससे वह सहमत नहीं हैं। गढ़वी के मुताबिक, उनकी टीम और कार्यक्रम के प्रस्तोता से इस बारे में सलाह नहीं ली गई थी और न ही वे इसमें शामिल थे।
गरबा में सभी का स्वागत-बोले गढ़वी
लोकगायक ने कहा कि गरबा ने कभी किसी से उसका उपनाम नहीं पूछा। गुजरात और देश में पीढ़ियों से अलग-अलग धर्मों के लोग साथ मिलकर गरबा करते आए हैं और यही इसकी खासियत है। उन्होंने कहा कि मां दुर्गा के प्रति प्रेम और सम्मान के साथ गरबा खेलने आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत है। उनके मुताबिक, उनका मंच संगीत और भक्ति के लिए है, राजनीति के लिए नहीं।