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एसआईआर पर रार: भाजपा ने कांग्रेस पर लगाए आरोप, कहा- सरदार पटेल की 'वोट चोरी' कर प्रधानमंत्री बने थे नेहरू
Sat, 31 Oct 2026 05:02 PM IST
शिवम गर्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Sat, 31 Oct 2026 05:02 PM IST
सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के कार्यक्रम पर संबित पात्रा ने नेहरू, राहुल गांधी और विपक्ष को निशाने पर लिया। उन्होंने एसआईआर का बचाव करते हुए मृत मतदाताओं के नाम हटाने और फॉर्म-6 से नाम जुड़वाने का दावा किया।
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संबित पात्रा।
- फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के प्रतीकात्मक महाभियोग कार्यक्रम को लेकर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी पर भी हमला बोला। पात्रा ने आरोप लगाया कि देश में पहली वोट चोरी जवाहरलाल नेहरू के समय हुई थी। उन्होंने दावा किया कि नेहरू ने सरदार वल्लभभाई पटेल के वोट चुराकर प्रधानमंत्री पद हासिल किया था।
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पात्रा ने विपक्ष के कार्यक्रम को 'मॉक पार्लियामेंट' बताते हुए कहा कि कांग्रेस संसद का मजाक बना रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष आज वोट चोरी का आरोप लगा रहा है, जबकि देश में पहली बार ऐसा नेहरू के समय हुआ था।
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'नेहरू ने चुराए थे सरदार पटेल के वोट'
संबित पात्रा ने 31 अक्तूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने प्रधानमंत्री चुनने के लिए मतदान किया था। उनके मुताबिक, इन नेताओं ने पटेल के पक्ष में वोट दिया था, लेकिन नेहरू ने वे वोट चुराकर प्रधानमंत्री पद हासिल कर लिया। पात्रा ने नेहरू को 'बिना चुनाव के प्रधानमंत्री' बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
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SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों का दिया जवाब
भाजपा सांसद ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का बचाव किया। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों में करीब 13 करोड़ लोगों के नाम अभी अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। पात्रा ने इसकी वजह समझाते हुए 'ASD' श्रेणी का जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि इसमें 'A' का मतलब अनुपस्थित है। बूथ लेवल ऑफिसर मतदाता के घर तीन बार गणना फॉर्म लेकर जाता है। अगर व्यक्ति तीनों बार घर पर नहीं मिलता तो उसे अनुपस्थित दर्ज किया जाता है। 'S' का मतलब Shifted यानी स्थायी रूप से दूसरी जगह चले जाना है। पात्रा ने 'D' का मतलब Death यानी मृत्यु बताया।
'2.8 करोड़ मृतकों के नाम हटाए गए'
पात्रा ने दावा किया कि देश में अब तक 12 बार एसआईआर की प्रक्रिया हो चुकी है, जिनमें से 10 बार कांग्रेस के शासनकाल में हुई थी। उन्होंने कहा कि इस बार मतदाता सूची से 2.8 करोड़ मृत लोगों के नाम हटाए गए हैं। उनके मुताबिक, ऐसा मतदाता सूची को साफ और सही बनाने के लिए किया गया है।
पात्रा ने पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां मृत लोगों के नाम पर फर्जी मतदान होता था। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर के दौरान मृतकों के नाम हटने से इस बार ऐसे मतदान पर रोक लगी है। ये आरोप उन्होंने तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर लगाए।
'छह करोड़ लोगों ने फॉर्म-6 के लिए किया आवेदन'
भाजपा सांसद ने कहा कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि दूसरी जगह स्थायी रूप से जा चुके लोगों में से छह करोड़ लोग पहले ही आवेदन कर चुके हैं और बाकी लोग भी प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं।
पात्रा ने कहा कि फॉर्म-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि इसके साथ केवल एक घोषणा पत्र जोड़ा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर फॉर्म नहीं भर रहे और नोटिस का जवाब भी नहीं दे रहे। ऐसे लोगों को उन्होंने घुसपैठिया बताया। उन्होंने कहा कि केवल भारतीय नागरिकों को ही मतदान का अधिकार होना चाहिए।
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर भी बोले पात्रा
संबित पात्रा ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों के फैसले को लेकर विपक्ष के आरोपों पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने साथ बैठकर फैसला लिया था और इसकी जानकारी साझा की थी। पात्रा के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में दिए गए हलफनामे में भी आयोग का फैसला सर्वसम्मति से लिया गया बताया गया है। उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि बार-बार झूठ दोहराने से कोई बात सच नहीं हो जाती।
CEC को कानूनी सुरक्षा देने के मुद्दे पर क्या कहा?
भाजपा सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त को कानूनी सुरक्षा देने के मुद्दे पर भी सफाई दी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कोई नया कानून बनाकर राष्ट्रपति या मुख्य चुनाव आयुक्त को सुरक्षा नहीं दी है। उनके मुताबिक, यह सुरक्षा पहले से संविधान में मौजूद थी, लेकिन इसकी प्रक्रिया स्पष्ट नहीं थी।
पात्रा ने अगस्त 2023 में तेलंगाना की एक विशेष अदालत के आदेश का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि अदालत ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसे बाद में हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया। पात्रा के अनुसार, इसी तरह की स्थितियों को देखते हुए कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट की गई।
राहुल गांधी पर तंज, बोले- उन्हें मॉक प्रधानमंत्री बनाए रखें
प्रेस वार्ता के अंत में संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी में राजनीतिक रूप से आगे बढ़ने की क्षमता नहीं है और उनका 'सैटेलाइट कभी लॉन्च नहीं होगा'। पात्रा ने विपक्ष के कार्यक्रम पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राहुल गांधी को जीवनभर मॉक प्रधानमंत्री बनाए रखा जाए, उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है।