{"_id":"6aec520ab4f29a115c0cc95a","slug":"bjp-sambit-patra-target-rahul-gandhi-for-debate-challange-pm-modi-2026-11-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"'संसद में 5-6 मिनट भी नहीं बैठ पाते, बहस क्या करेंगे': संबित पात्रा का राहुल गांधी पर तंज, विपक्ष पर उठाए सवाल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
'संसद में 5-6 मिनट भी नहीं बैठ पाते, बहस क्या करेंगे': संबित पात्रा का राहुल गांधी पर तंज, विपक्ष पर उठाए सवाल
Thu, 05 Nov 2026 03:23 PM IST
नितिन गौतम
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 05 Nov 2026 03:23 PM IST
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा है कि वे संसद में 5-6 मिनट नहीं बैठ पाते और वे पीएम मोदी को बहस की चुनौती दे रहे हैं।
विज्ञापन
संबित पात्रा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने राहुल गांधी की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खुली बहस की चुनौती पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को संसद में बहस करनी चाहिए, न कि सड़कों पर। उन्होंने सवाल किया कि नेताओं के बीच बहस सड़कों पर होनी चाहिए या लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर यानी संसद में?
'बहस संसद में होनी चाहिए सड़कों पर नहीं'
पात्रा ने कहा, 'राहुल गांधी कल प्रधानमंत्री के साथ बहस करना चाहते थे। एक तरफ प्रधानमंत्री बैठे होंगे और दूसरी तरफ वह खुद बैठेंगे। राहुल गांधी के पास किसी भी मुद्दे पर कोई आंकड़ा नहीं होता। उन्हें देश में चल रही ज्यादातर मुद्दों की जानकारी भी नहीं है। लेकिन जहां तक अव्यवस्था फैलाने की बात है, उसमें वह सबसे आगे हैं। नेताओं के बीच बहस सड़कों पर होनी चाहिए या लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर संसद में?'
उन्होंने आगे कहा, 'लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी में संसद में लगातार पांच-छह मिनट से ज्यादा बैठने का धैर्य नहीं है। जो व्यक्ति संसद में लगातार पांच-छह मिनट नहीं बैठ सकता, वह वहां बहस भी नहीं करना चाहेगा। वह संसद में बहस करने के बजाय सड़क पर झगड़ा करना पसंद करेगा।'
विज्ञापन
'इंडी गठबंधन में एकजुटता है या नहीं, इस पर हो बहस'
एक अन्य बयान में संबित पात्रा ने विपक्षी गठबंधन इंडी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हाल ही में गठबंधन के सभी नेता रामलीला मैदान में जुटे थे। उन्होंने दावा किया था कि वहां 10 लाख लोग आएंगे, लेकिन वास्तव में 20 हजार से ज्यादा लोग नहीं पहुंचे। पात्रा ने कहा, 'यह पूरे इंडी गठबंधन की कुल ताकत है। मेरी राहुल गांधी को सलाह है कि अगर आप बहस करना चाहते हैं तो अपने तथाकथित गठबंधन सहयोगी से बहस कीजिए। आप कहते हैं कि अरविंद केजरीवाल आपके दोस्त हैं और इंडी गठबंधन का हिस्सा हैं। लेकिन कल आप ही कह रहे थे कि अगर सबसे भ्रष्ट सरकार कोई है तो वह पंजाब में अरविंद केजरीवाल की सरकार है।'
उन्होंने आगे कहा, 'दिल्ली में आप दोनों भाई-भाई की तरह रहते हैं, लेकिन पंजाब में आप उनकी सरकार को सबसे भ्रष्ट बताते हैं। आखिर सच क्या है? आप दोनों साथ हैं या अलग-अलग? इस मुद्दे पर बहस होनी चाहिए।'
विज्ञापन
'बहस संसद में होनी चाहिए सड़कों पर नहीं'
पात्रा ने कहा, 'राहुल गांधी कल प्रधानमंत्री के साथ बहस करना चाहते थे। एक तरफ प्रधानमंत्री बैठे होंगे और दूसरी तरफ वह खुद बैठेंगे। राहुल गांधी के पास किसी भी मुद्दे पर कोई आंकड़ा नहीं होता। उन्हें देश में चल रही ज्यादातर मुद्दों की जानकारी भी नहीं है। लेकिन जहां तक अव्यवस्था फैलाने की बात है, उसमें वह सबसे आगे हैं। नेताओं के बीच बहस सड़कों पर होनी चाहिए या लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर संसद में?'
विज्ञापन
उन्होंने आगे कहा, 'लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी में संसद में लगातार पांच-छह मिनट से ज्यादा बैठने का धैर्य नहीं है। जो व्यक्ति संसद में लगातार पांच-छह मिनट नहीं बैठ सकता, वह वहां बहस भी नहीं करना चाहेगा। वह संसद में बहस करने के बजाय सड़क पर झगड़ा करना पसंद करेगा।'
विज्ञापन
'इंडी गठबंधन में एकजुटता है या नहीं, इस पर हो बहस'
एक अन्य बयान में संबित पात्रा ने विपक्षी गठबंधन इंडी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हाल ही में गठबंधन के सभी नेता रामलीला मैदान में जुटे थे। उन्होंने दावा किया था कि वहां 10 लाख लोग आएंगे, लेकिन वास्तव में 20 हजार से ज्यादा लोग नहीं पहुंचे। पात्रा ने कहा, 'यह पूरे इंडी गठबंधन की कुल ताकत है। मेरी राहुल गांधी को सलाह है कि अगर आप बहस करना चाहते हैं तो अपने तथाकथित गठबंधन सहयोगी से बहस कीजिए। आप कहते हैं कि अरविंद केजरीवाल आपके दोस्त हैं और इंडी गठबंधन का हिस्सा हैं। लेकिन कल आप ही कह रहे थे कि अगर सबसे भ्रष्ट सरकार कोई है तो वह पंजाब में अरविंद केजरीवाल की सरकार है।'
उन्होंने आगे कहा, 'दिल्ली में आप दोनों भाई-भाई की तरह रहते हैं, लेकिन पंजाब में आप उनकी सरकार को सबसे भ्रष्ट बताते हैं। आखिर सच क्या है? आप दोनों साथ हैं या अलग-अलग? इस मुद्दे पर बहस होनी चाहिए।'