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हैदराबाद: आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व सचिव पर ईडी का शिकंजा, सात ठिकानों पर मारा छापा; क्या है मामला?
Wed, 04 Nov 2026 12:49 PM IST
अमन मौर्या
पीटीआई, हैदराबाद
पीटीआई, हैदराबाद
Published by: अमन मौर्या
Updated Wed, 04 Nov 2026 12:49 PM IST
ईडी ने आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में 1.14 करोड़ रुपये की अनियमितता और धनशोधन मामले के तहत आईपीएस अधिकारी पी. सीताराम अंजनयुलु और अन्य के सात ठिकानों पर छापेमारी की है।
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ईडी की कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को आईपीएस अधिकारी पी. सीताराम अंजनयुलु और कुछ अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (एपीपीएससी) की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले की जांच के तहत की गई। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी की टीमों ने तेलंगाना के हैदराबाद और सिकंदराबाद के साथ-साथ आंध्र प्रदेश के गुंटूर में कुल सात ठिकानों पर तलाशी ली।
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क्या हैं आरोप?
ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत यह मामला दर्ज किया है। जांच एपीपीएससी की ग्रुप-1 मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मैनुअल मूल्यांकन में कथित गड़बड़ियों से जुड़ी है। आरोप है कि इस दौरान एक निजी पक्ष को 1.14 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। ईडी के मुताबिक, उस समय अंजनयुलु आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग के सचिव थे और उत्तर पुस्तिकाओं के मैनुअल मूल्यांकन का काम कैमसाइन मीडिया नाम की कंपनी को सौंपा गया था।
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ईडी ने 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी अंजनयुलु के अलावा कैमसाइन मीडिया के प्रबंध निदेशक (एमडी) पी. मधुसूदन राव के ठिकानों पर भी तलाशी ली। इसके साथ ही गुंटूर जिले के चिनाकाकानी गांव स्थित आवासा रिसॉर्ट हैलैंड में भी छापेमारी की गई। इसी जगह उत्तर पुस्तिकाएं रखी गई थीं और मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी की गई थी।
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एजेंसी ने ट्रूग्रेडर सर्विसेज के ठिकानों पर भी तलाशी ली। यह स्टोन मीडिया एडवाइजरी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की एक इकाई है, जिसने एपीपीएससी के लिए पहले डिजिटल मूल्यांकन का काम किया था। इसके अलावा कंपनी के एमडी अकेल्ला पेरी श्रीनिवास राव और मूल्यांकन कार्य के सिलसिले में जुड़े महमंकाली रघुराम के ठिकानों को भी तलाशी के दायरे में शामिल किया गया।
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क्या हैं आरोप?
ईडी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत यह मामला दर्ज किया है। जांच एपीपीएससी की ग्रुप-1 मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मैनुअल मूल्यांकन में कथित गड़बड़ियों से जुड़ी है। आरोप है कि इस दौरान एक निजी पक्ष को 1.14 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। ईडी के मुताबिक, उस समय अंजनयुलु आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग के सचिव थे और उत्तर पुस्तिकाओं के मैनुअल मूल्यांकन का काम कैमसाइन मीडिया नाम की कंपनी को सौंपा गया था।
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ईडी ने 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी अंजनयुलु के अलावा कैमसाइन मीडिया के प्रबंध निदेशक (एमडी) पी. मधुसूदन राव के ठिकानों पर भी तलाशी ली। इसके साथ ही गुंटूर जिले के चिनाकाकानी गांव स्थित आवासा रिसॉर्ट हैलैंड में भी छापेमारी की गई। इसी जगह उत्तर पुस्तिकाएं रखी गई थीं और मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी की गई थी।
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एजेंसी ने ट्रूग्रेडर सर्विसेज के ठिकानों पर भी तलाशी ली। यह स्टोन मीडिया एडवाइजरी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की एक इकाई है, जिसने एपीपीएससी के लिए पहले डिजिटल मूल्यांकन का काम किया था। इसके अलावा कंपनी के एमडी अकेल्ला पेरी श्रीनिवास राव और मूल्यांकन कार्य के सिलसिले में जुड़े महमंकाली रघुराम के ठिकानों को भी तलाशी के दायरे में शामिल किया गया।