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कैप्टन स्मित मच्छार को वीरता पुरस्कार देने की मांग: फेडरेशन ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, कब मिलेगा सम्मान?
Fri, 02 Oct 2026 06:00 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 02 Oct 2026 06:00 PM IST
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने फ्लाईदुबई के कैप्टन स्मित मच्छार को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार या उपयुक्त नागरिक सम्मान देने की सिफारिश की है। पत्र के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 को उड़ान के दौरान फर्स्ट ऑफिसर ने उन पर कुल्हाड़ी से हमला किया था, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने विमान पर नियंत्रण बनाए रखा और उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा। विमान में 174 यात्री और चालक दल के आठ सदस्य सवार थे। सम्मान देने का फैसला अभी नहीं हुआ है।
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फ्लाईदुबई की फ्लाइट में हाईवोल्टेज ड्रामा (एआई जेनरेटेड तस्वीर))
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार या उपयुक्त नागरिक सम्मान देने पर विचार करने की अपील की है। पत्र में जानकारी दी गई है कि 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान में गंभीर घटना हुई थी। हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन ने विमान पर नियंत्रण बनाए रखा और उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा।
फेडरेशन ने प्रधानमंत्री से क्या-क्या मांग की?
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के पायलट-इन-कमांड कैप्टन स्मित मच्छार को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार या उपयुक्त राष्ट्रीय नागरिक सम्मान देने पर विचार करने की सिफारिश की है। संगठन ने कहा है कि उनके साहस, नेतृत्व और कर्तव्य के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए।
विमान में आखिर क्या हुआ था?
फेडरेशन के पत्र के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान विमान के फर्स्ट ऑफिसर ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी और चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने विमान की जिम्मेदारी संभालना जारी रखा और यात्रियों तथा चालक दल की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
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यह भी पढ़ें: CJP Protest Live: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शिवाजी पार्क में प्रदर्शन; नसीरुद्दीन शाह-विशाल ददलानी भी हुए शामिल
घायल होने के बावजूद कैप्टन ने क्या किया?
फेडरेशन ने अपने पत्र में कैप्टन के फैसलों और उनके पेशेवर आचरण को असाधारण साहस का उदाहरण बताया है। पत्र के अनुसार, गंभीर चोट और खतरनाक परिस्थितियों के बीच भी उन्होंने विमान पर नियंत्रण बनाए रखा और आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी निर्णय लिए। हमले में कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हुए थे। उन्होंने घायल होने के बावजूद विमान की कमान संभालना जारी रखा। उन्होंने यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।
विमान में कितने लोग सवार थे?
फेडरेशन के पत्र में बताया गया है कि विमान में 174 यात्री और चालक दल के आठ सदस्य सवार थे। इस तरह कुल 182 लोगों की सुरक्षा दांव पर थी। पत्र के मुताबिक, आपात स्थिति में चालक दल के फैसलों और विमान पर नियंत्रण बनाए रखने की क्षमता ने यात्रियों को सुरक्षित वैकल्पिक हवाई अड्डे तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। फेडरेशन ने इसी आधार पर कैप्टन के साहस और जिम्मेदारी निभाने के तरीके को सम्मान के योग्य बताया है।
क्या कैप्टन को पुरस्कार मिलना तय है?
फिलहाल पत्र में फेडरेशन ने केवल पुरस्कार या नागरिक सम्मान देने पर विचार करने की सिफारिश की है। संगठन ने प्रधानमंत्री कार्यालय से अनुरोध किया है कि संबंधित तथ्यों का सक्षम अधिकारियों से सत्यापन कराने और भारत सरकार के लागू नियमों के अनुसार उचित सम्मान पर विचार किया जाए। पत्र में यह भी कहा गया है कि कैप्टन स्मित मच्छार पहले फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के सदस्य रह चुके हैं।
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फेडरेशन ने प्रधानमंत्री से क्या-क्या मांग की?
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (एफआईपी) ने प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के पायलट-इन-कमांड कैप्टन स्मित मच्छार को राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार या उपयुक्त राष्ट्रीय नागरिक सम्मान देने पर विचार करने की सिफारिश की है। संगठन ने कहा है कि उनके साहस, नेतृत्व और कर्तव्य के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए।
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विमान में आखिर क्या हुआ था?
फेडरेशन के पत्र के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान विमान के फर्स्ट ऑफिसर ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित मच्छार पर कुल्हाड़ी और चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने विमान की जिम्मेदारी संभालना जारी रखा और यात्रियों तथा चालक दल की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
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घायल होने के बावजूद कैप्टन ने क्या किया?
फेडरेशन ने अपने पत्र में कैप्टन के फैसलों और उनके पेशेवर आचरण को असाधारण साहस का उदाहरण बताया है। पत्र के अनुसार, गंभीर चोट और खतरनाक परिस्थितियों के बीच भी उन्होंने विमान पर नियंत्रण बनाए रखा और आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी निर्णय लिए। हमले में कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हुए थे। उन्होंने घायल होने के बावजूद विमान की कमान संभालना जारी रखा। उन्होंने यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।
विमान में कितने लोग सवार थे?
फेडरेशन के पत्र में बताया गया है कि विमान में 174 यात्री और चालक दल के आठ सदस्य सवार थे। इस तरह कुल 182 लोगों की सुरक्षा दांव पर थी। पत्र के मुताबिक, आपात स्थिति में चालक दल के फैसलों और विमान पर नियंत्रण बनाए रखने की क्षमता ने यात्रियों को सुरक्षित वैकल्पिक हवाई अड्डे तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। फेडरेशन ने इसी आधार पर कैप्टन के साहस और जिम्मेदारी निभाने के तरीके को सम्मान के योग्य बताया है।
क्या कैप्टन को पुरस्कार मिलना तय है?
फिलहाल पत्र में फेडरेशन ने केवल पुरस्कार या नागरिक सम्मान देने पर विचार करने की सिफारिश की है। संगठन ने प्रधानमंत्री कार्यालय से अनुरोध किया है कि संबंधित तथ्यों का सक्षम अधिकारियों से सत्यापन कराने और भारत सरकार के लागू नियमों के अनुसार उचित सम्मान पर विचार किया जाए। पत्र में यह भी कहा गया है कि कैप्टन स्मित मच्छार पहले फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के सदस्य रह चुके हैं।