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408 करोड़ रुपये का झूठा इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने वाले चार लोग गिरफ्तार
Thu, 12 Nov 2020 03:09 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 12 Nov 2020 03:09 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
विभिन्न निजी कंपनियों के चार शीर्ष अधिकारियों को कथित तौर पर तीन अलग-अलग मामलों में 408.67 करोड़ रुपये का जाली इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने के लिए गिरफ्तार किया गया है।
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जीएसटी खुफिया महानिदेशालय ने बुधवार को बताया कि इन लोगों की गिरफ्तारी इस बात का राज खुलने के बाद हुई कि उन्होंने बिना किसी सामान की सप्लाई के ही फर्जी इनवॉयस जारी करते हुए 408.67 करोड़ रुपये का जारी इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल कर लिया।
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चारों आरोपियों को केंद्रीय वस्तु व सेवाएं अधिनियम, 2017 की विभिन्न धाराओं के आधार पर गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया गया। अदालत ने चारों को 24 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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महानिदेशालय ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम का खुलासा नहीं किया। महज इतना ही बताया गया कि गिरफ्तार आरोपियों में राणा मेगास्ट्रक्चर्स के निदेशक, एससीएस हार्डवेयर एंड नेटवर्किंग के प्रोपराइटर, केसरिया मेटल के निदेशक और शैलजा कामर्शियल ट्रेड फ्रेंजी के प्रबंध निदेशक शामिल हैं। इन सभी को जीएसटी खुफिया महानिदेशालय की मुंबई जोन यूनिट ने मंगलवार को की थी।
महानिदेशालय के मुताबिक, एससीएस हार्डवेयर ने फर्जी तरीके से 85.38 करोड़ रुपये आईटीसी का दावा किया और इतनी ही रकम का आईटीसी बिना किसी सप्लाई के ही जारी की गई 474 करोड़ रुपये की फर्जी इनवॉयस के जरिये राणा मेगास्ट्रक्चर्स को स्थानांतरित कर दिया।
राणा मेगास्ट्रक्चर्स ने करीब 85.44 करोड़ रुपये का आईटीसी बिना किसी सप्लाई के ही दूसरी कंपनी को स्थानांतरित कर दिया। यह क्रम इसी तरह चलता रहा। महानिदेशालय ने बताया कि इस मामले में पहले भी कई गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।
एक अन्य मामले में केसरिया मेटल, काजल ट्रेडिंग कंपनी, हाईटेक इंपेक्स, ग्रेविटी एलॉयज और सनशाइन इंपेक्स आदि कंपनियों के समूह द्वारा फर्जी तरीके से 103.78 करोड़ रुपये का आईटीसी वसूलने का मामला सामने आया। तीसरे मामले में शैलजा कामर्शियल ट्रेड फ्रेंजी के भी जाली इनवॉयस के दम पर 48.69 करोड़ रुपये का आईटीसी हासिल करने का मामला पकड़ में आया।