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गोकुल डेयरी पर सियासी घमासान: राज ठाकरे ने भाजपा को घेरा; पांच निदेशक नियुक्त करने पर क्यों उठाए सवाल?
Fri, 06 Nov 2026 02:42 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 06 Nov 2026 02:42 PM IST
गोकुल डेयरी के चुनाव में 13 सीटें जीतने वाले पैनल के मुकाबले भाजपा समर्थित पैनल को 12 सीटें मिलीं। अब पांच अतिरिक्त निदेशकों की नियुक्ति से सत्ता का गणित बदलने की आशंका है। इस फैसले पर मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने भाजपा को घेरा, आखिर पूरा विवाद क्या है? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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मनसे प्रमुख राज ठाकरे
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने गोकुल डेयरी के बोर्ड में पांच अतिरिक्त निदेशकों की नियुक्ति के फैसले को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने शुक्रवार को भाजपा पर 'गंदी चालें' चलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर सत्तारुढ़ पार्टी वास्तव में लोकतंत्र का सम्मान करती, तो ऐसा कदम कभी नहीं उठाती।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता ने भाजपा को 'अजीब पार्टी' बताया। उन्होंने भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च पर भी तंज कसा। ठाकरे ने कहा कि भाजपा जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सत्ता में है। इसके बावजूद वह ऐसे मार्च निकाल रही है। यह एक अनोखी स्थिति है, जहां सत्ता में बैठी पार्टी विपक्ष के खिलाफ मार्च निकाल रही है।
ये भी पढ़ें: 'वोट चोरी' के बाद अब 'हक की चोरी': राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना, बोले- गहरी साजिश रची जा रही
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गोकुल डेयरी के चुनाव में किसे कितनी सीटें मिलीं?
हाल ही में कोल्हापुर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ के चुनाव हुए थे। इसे गोकुल डेयरी के नाम से जाना जाता है। इन चुनावों में कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य सतेज पाटिल के समर्थन वाले राजर्षि शाहू शेतकरी समविचारी आघाड़ी पैनल ने 25 में से 13 सीटें जीती थीं। भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति समर्थित पैनल को 12 सीटें मिली थीं।
अध्यक्ष का पद अब तक खाली है। इसकी वजह यह है कि चुनाव के लिए बुलाई गई बैठकों में जरूरी 14 निदेशकों का कोरम पूरा नहीं हो पाया।
राज्य मंत्रिमंडल ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे सहकारी संस्था में सत्ता का संतुलन पूरी तरह बदल सकता है। इसके तहत सरकार को बोर्ड में पांच निदेशक नियुक्त करने का अधिकार मिल सकता है। इनमें से चार को मतदान का अधिकार होगा। इससे गोकुल डेयरी में महायुति समर्थित पैनल का पलड़ा भारी होने की आशंका है।
पांच अतिरिक्त निदेशकों की नियुक्ति पर क्या बोले राज ठाकरे?
मनसे प्रमुख ने अपनी पोस्ट में लिखा, अगर भाजपा वास्तव में लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए इतनी प्रतिबद्ध है, तो गोकुल डेयरी के चुनाव में आपके (भाजपा के) पैनल के 12 और सतेज पाटिल के पैनल के 13 उम्मीदवारों के चुने जाने के तुरंत बाद आपकी सरकार ने अपनी सरकार (जो मूल रूप से आपकी अपनी पार्टी है) का प्रतिनिधित्व करने वाले पांच अतिरिक्त निदेशकों की नियुक्ति क्यों की और उन्हें मतदान का अधिकार क्यों दिया? ऐसा करके आप आखिर साबित क्या करना चाहते हैं?
उन्होंने कहा कि भाजपा को गंदी चालें चलना और हार स्वीकार करने से इनकार करना बंद करना चाहिए। राज ठाकरे ने कहा कि चुने गए उम्मीदवार लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत जीते थे। उन्होंने गुप्त मतदान से हुए चुनाव में हिस्सा लिया था।
ठाकरे ने कहा, अगर आप वास्तव में लोकतंत्र का सम्मान करते और उसकी परवाह करते, तो ऐसा कदम कभी नहीं उठाते। सिर्फ इसलिए कि आप गोकुल पर नियंत्रण हासिल नहीं कर सके, क्या अब आप अपने सभी सिद्धांतों को छोड़ने के लिए तैयार हैं? और फिर विडंबना देखिए कि आप लोकतंत्र बचाने की बात कहते हुए रैलियां आयोजित करते हैं।
महाराष्ट्र में पानी के संकट पर क्या कहा?
राज ठाकरे ने लिखा कि यह हैरान करने वाली बात है कि महाराष्ट्र गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। वहीं, भाजपा भी उतनी ही गंभीर रूप से सामान्य समझ की कमी से जूझ रही है। ठाकरे ने आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए भाजपा लोकतंत्र बचाने के नाम पर रैलियां आयोजित करती है। लेकिन वही लोकतंत्र का गला घोंटने वाली है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकाल में आतंकी हमले हुए और कानून-व्यवस्था बिगड़ी। इसके बावजूद पार्टी देश को आतंकवाद से बचाने के नाम पर रैलियां निकालती है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था बेहद खराब स्थिति में है। ऐसे में शायद अब भाजपा 'अर्थव्यवस्था बचाओ' रैलियां भी आयोजित करेगी।
विपक्ष के प्रति समर्थन बढ़ने पर क्या बोले ठाकरे?
राज ठाकरे ने कहा कि पिछले 12 वर्षों से सभी विपक्षी दलों ने भाजपा के बहुमत हासिल करने के तरीके को बर्दाश्त किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने बहुमत हासिल करने के लिए किसी भी तरीके की परवाह नहीं की।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता ने भाजपा को 'अजीब पार्टी' बताया। उन्होंने भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च पर भी तंज कसा। ठाकरे ने कहा कि भाजपा जमीनी स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक सत्ता में है। इसके बावजूद वह ऐसे मार्च निकाल रही है। यह एक अनोखी स्थिति है, जहां सत्ता में बैठी पार्टी विपक्ष के खिलाफ मार्च निकाल रही है।
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गोकुल डेयरी के चुनाव में किसे कितनी सीटें मिलीं?
हाल ही में कोल्हापुर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ के चुनाव हुए थे। इसे गोकुल डेयरी के नाम से जाना जाता है। इन चुनावों में कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य सतेज पाटिल के समर्थन वाले राजर्षि शाहू शेतकरी समविचारी आघाड़ी पैनल ने 25 में से 13 सीटें जीती थीं। भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति समर्थित पैनल को 12 सीटें मिली थीं।
अध्यक्ष का पद अब तक खाली है। इसकी वजह यह है कि चुनाव के लिए बुलाई गई बैठकों में जरूरी 14 निदेशकों का कोरम पूरा नहीं हो पाया।
राज्य मंत्रिमंडल ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे सहकारी संस्था में सत्ता का संतुलन पूरी तरह बदल सकता है। इसके तहत सरकार को बोर्ड में पांच निदेशक नियुक्त करने का अधिकार मिल सकता है। इनमें से चार को मतदान का अधिकार होगा। इससे गोकुल डेयरी में महायुति समर्थित पैनल का पलड़ा भारी होने की आशंका है।
पांच अतिरिक्त निदेशकों की नियुक्ति पर क्या बोले राज ठाकरे?
मनसे प्रमुख ने अपनी पोस्ट में लिखा, अगर भाजपा वास्तव में लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए इतनी प्रतिबद्ध है, तो गोकुल डेयरी के चुनाव में आपके (भाजपा के) पैनल के 12 और सतेज पाटिल के पैनल के 13 उम्मीदवारों के चुने जाने के तुरंत बाद आपकी सरकार ने अपनी सरकार (जो मूल रूप से आपकी अपनी पार्टी है) का प्रतिनिधित्व करने वाले पांच अतिरिक्त निदेशकों की नियुक्ति क्यों की और उन्हें मतदान का अधिकार क्यों दिया? ऐसा करके आप आखिर साबित क्या करना चाहते हैं?
उन्होंने कहा कि भाजपा को गंदी चालें चलना और हार स्वीकार करने से इनकार करना बंद करना चाहिए। राज ठाकरे ने कहा कि चुने गए उम्मीदवार लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत जीते थे। उन्होंने गुप्त मतदान से हुए चुनाव में हिस्सा लिया था।
ठाकरे ने कहा, अगर आप वास्तव में लोकतंत्र का सम्मान करते और उसकी परवाह करते, तो ऐसा कदम कभी नहीं उठाते। सिर्फ इसलिए कि आप गोकुल पर नियंत्रण हासिल नहीं कर सके, क्या अब आप अपने सभी सिद्धांतों को छोड़ने के लिए तैयार हैं? और फिर विडंबना देखिए कि आप लोकतंत्र बचाने की बात कहते हुए रैलियां आयोजित करते हैं।
महाराष्ट्र में पानी के संकट पर क्या कहा?
राज ठाकरे ने लिखा कि यह हैरान करने वाली बात है कि महाराष्ट्र गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। वहीं, भाजपा भी उतनी ही गंभीर रूप से सामान्य समझ की कमी से जूझ रही है। ठाकरे ने आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए भाजपा लोकतंत्र बचाने के नाम पर रैलियां आयोजित करती है। लेकिन वही लोकतंत्र का गला घोंटने वाली है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के कार्यकाल में आतंकी हमले हुए और कानून-व्यवस्था बिगड़ी। इसके बावजूद पार्टी देश को आतंकवाद से बचाने के नाम पर रैलियां निकालती है। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था बेहद खराब स्थिति में है। ऐसे में शायद अब भाजपा 'अर्थव्यवस्था बचाओ' रैलियां भी आयोजित करेगी।
विपक्ष के प्रति समर्थन बढ़ने पर क्या बोले ठाकरे?
राज ठाकरे ने कहा कि पिछले 12 वर्षों से सभी विपक्षी दलों ने भाजपा के बहुमत हासिल करने के तरीके को बर्दाश्त किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने बहुमत हासिल करने के लिए किसी भी तरीके की परवाह नहीं की।