{"_id":"6aed95f2058c5d28b20551c3","slug":"karnataka-petrol-pumps-ethanol-content-exceeds-e20-limit-2026-11-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"कर्नाटक: 80 फीसदी पंपों पर तय सीमा से अधिक एथेनॉल वाला पेट्रोल, मंत्री ने दी जानकारी; जांच में और क्या?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कर्नाटक: 80 फीसदी पंपों पर तय सीमा से अधिक एथेनॉल वाला पेट्रोल, मंत्री ने दी जानकारी; जांच में और क्या?
Fri, 06 Nov 2026 02:25 PM IST
अमन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: अमन तिवारी
Updated Fri, 06 Nov 2026 02:25 PM IST
कर्नाटक में जांच के दौरान हर पांच में से चार पेट्रोल पंपों पर 20 फीसदी से अधिक इथेनॉल वाला पेट्रोल मिलने का दावा किया गया है। राज्य सरकार ने 63 नमूनों की लैब जांच कराई, जिससे देश में इथेनॉल ब्लेंडिंग मानकों के पालन पर सवाल उठे हैं।
विज्ञापन
इथेनॉल (एआई जनरेटेड इमेज)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने की तय सीमा को लेकर कर्नाटक से चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। राज्य में जांच के लिए चुने गए हर पांच में से करीब चार पेट्रोल पंपों पर 20 प्रतिशत से अधिक इथेनॉल मिला पेट्रोल बेचे जाने का दावा किया गया है। अलग-अलग जिलों से लिए गए ईंधन के नमूनों की जांच में यह बात सामने आई।
यह जानकारी राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रिजवान अरशद ने शुक्रवार को दी। उनके अनुसार राज्य के कई जिलों से जुटाए गए पेट्रोल के नमूनों की प्रयोगशाला में जांच के बाद यह निष्कर्ष सामने आया है। इससे देश में इथेनॉल मिश्रण के तय मानकों के पालन को लेकर सवाल उठे हैं। जांच में सबसे अधिक मिश्रण वाले पेट्रोल की रीडिंग 31.2% थी।
मंत्री रिजवान अरशद के मुताबिक, राज्य सरकार ने कई जिलों से पेट्रोल के 63 नमूने एकत्र किए थे। इन्हें जांच के लिए एक प्रमाणित निजी प्रयोगशाला में भेजा गया। राज्य सरकार ने तेल विपणन कंपनियों से भी इन नमूनों में इथेनॉल की मात्रा का ब्योरा मांगा था, लेकिन उनकी ओर से जवाब नहीं मिलने के बाद प्रयोगशाला में परीक्षण कराने का फैसला लिया गया।
विज्ञापन
भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर कच्चे तेल के आयात में कमी लाने, उत्सर्जन घटाने और घरेलू इथेनॉल उत्पादकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2025 में ई20 पेट्रोल की आपूर्ति तेज की गई थी। ई20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाता है। जो देशभर के पेट्रोल पंपों पर बेचा जा रहा है। हालांकि, ई20 पेट्रोल को लेकर विपक्षी दलों और वाहन मालिकों ने सवाल उठाए हैं। उनकी चिंताओं में वाहनों के माइलेज पर संभावित असर और पुराने वाहनों के साथ ईंधन की अनुकूलता शामिल है।
इस बीच, पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ाने को लेकर केंद्र सरकार के मंत्रियों के बयानों में भी अंतर सामने आया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जून में कहा था कि भारत चरणबद्ध तरीके से 85 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई85) की आपूर्ति शुरू करेगा। यह ईंधन खास तौर पर फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए है, जो अधिक मात्रा में इथेनॉल मिले पेट्रोल पर चल सकते हैं। हालांकि, इसके एक महीने बाद केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा था कि फिलहाल सरकार की पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत से आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।
विज्ञापन
यह जानकारी राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रिजवान अरशद ने शुक्रवार को दी। उनके अनुसार राज्य के कई जिलों से जुटाए गए पेट्रोल के नमूनों की प्रयोगशाला में जांच के बाद यह निष्कर्ष सामने आया है। इससे देश में इथेनॉल मिश्रण के तय मानकों के पालन को लेकर सवाल उठे हैं। जांच में सबसे अधिक मिश्रण वाले पेट्रोल की रीडिंग 31.2% थी।
विज्ञापन
मंत्री रिजवान अरशद के मुताबिक, राज्य सरकार ने कई जिलों से पेट्रोल के 63 नमूने एकत्र किए थे। इन्हें जांच के लिए एक प्रमाणित निजी प्रयोगशाला में भेजा गया। राज्य सरकार ने तेल विपणन कंपनियों से भी इन नमूनों में इथेनॉल की मात्रा का ब्योरा मांगा था, लेकिन उनकी ओर से जवाब नहीं मिलने के बाद प्रयोगशाला में परीक्षण कराने का फैसला लिया गया।
विज्ञापन
https://t.co/iMavycaWDN 🔴 LIVE | What’s really in your petrol? Karnataka’s Legal Metrology Department found more than 20% ethanol in petrol samples it tested. The highest reading was 31.2%. Watch Minister Shri Rizwan Arshad present the findings and address why motorists should be able to see the ethanol content at the pump before they fill up. #E20FuelBlending #MissionNikhara #RizwanArshad #ConsumerRights #Karnataka
— Rizwan Arshad (@ArshadRizwan) November 6, 2026
भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर कच्चे तेल के आयात में कमी लाने, उत्सर्जन घटाने और घरेलू इथेनॉल उत्पादकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2025 में ई20 पेट्रोल की आपूर्ति तेज की गई थी। ई20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाता है। जो देशभर के पेट्रोल पंपों पर बेचा जा रहा है। हालांकि, ई20 पेट्रोल को लेकर विपक्षी दलों और वाहन मालिकों ने सवाल उठाए हैं। उनकी चिंताओं में वाहनों के माइलेज पर संभावित असर और पुराने वाहनों के साथ ईंधन की अनुकूलता शामिल है।
इस बीच, पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा बढ़ाने को लेकर केंद्र सरकार के मंत्रियों के बयानों में भी अंतर सामने आया है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जून में कहा था कि भारत चरणबद्ध तरीके से 85 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ई85) की आपूर्ति शुरू करेगा। यह ईंधन खास तौर पर फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए है, जो अधिक मात्रा में इथेनॉल मिले पेट्रोल पर चल सकते हैं। हालांकि, इसके एक महीने बाद केंद्रीय पेट्रोलियम राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने कहा था कि फिलहाल सरकार की पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत से आगे बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।