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महाराष्ट्र: राज ठाकरे ने पीएम मोदी-अदाणी पर बनी डॉक्यूमेंट्री हटाई, मुंबई पुलिस आयुक्त के अनुरोध का दिया हवाला
Sun, 25 Oct 2026 08:46 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Sun, 25 Oct 2026 08:46 PM IST
राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति गौतम अडाणी पर बनी सबीर भाटिया की डॉक्यूमेंट्री अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दी। उन्होंने कहा कि ऐसा मुंबई पुलिस आयुक्त के अनुरोध पर किया गया। इससे मनसे नेताओं ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। डॉक्यूमेंट्री को लेकर पुलिस ने 24 एक्स अकाउंट धारकों को नोटिस भी दिए थे। आखिर पुलिस ने वीडियो हटाने का अनुरोध क्यों किया और क्या था पूरा विवाद? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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राज ठाकरे ने पुलिस आयुक्त के अनुरोध पर क्यों हटाई डॉक्यूमेंट्री?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योगपति गौतम अडाणी पर बनी डॉक्यूमेंट्री को अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया है। उन्होंने रविवार को कहा कि उन्होंने मुंबई पुलिस आयुक्त के अनुरोध पर यह कदम उठाया है। हालांकि, इस फैसले के बाद मनसे नेताओं ने सवाल उठाए हैं कि आखिर पुलिस को राज ठाकरे से डॉक्यूमेंट्री हटाने का अनुरोध करने की जरूरत क्यों पड़ी। इस मामले ने अभिव्यक्ति और पुलिस की भूमिका को लेकर राजनीतिक बहस भी छेड़ दी है।
राज ठाकरे ने बताया कि हॉटमेल के संस्थापक सबीर भाटिया की बनाई इस डॉक्यूमेंट्री को एक्स पर पोस्ट किए जाने के बाद 48 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका था। उनके मुताबिक, फिल्म का मकसद लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गौतम अडाणी की पुरानी दोस्ती के बारे में जानकारी देना था। ठाकरे ने कहा कि वह जनवरी 2026 से ही इस मुद्दे को उठा रहे हैं। उन्होंने बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले भी अडाणी और प्रधानमंत्री मोदी के संबंधों पर सवाल उठाए थे।
राज ठाकरे ने पुलिस आयुक्त के अनुरोध पर क्या कहा?
राज ठाकरे ने कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र पुलिस देश की सबसे कुशल पुलिस में शामिल हैं और वह हमेशा उनका सम्मान करते रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मुंबई पुलिस के प्रमुख के अनुरोध का सम्मान करते हुए उन्होंने डॉक्यूमेंट्री हटा दी है। ठाकरे के मुताबिक, सबीर भाटिया ने यह फिल्म हाल ही में बनाई है, लेकिन वह जनवरी 2026 में अपने आवास शिवतीर्थ पर इस विषय पर एक विस्तृत प्रस्तुति दे चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि उस प्रस्तुति में बताया गया था कि अडाणी समूह किस तरह पूरे देश पर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
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डॉक्यूमेंट्री हटाने पर मनसे नेताओं ने पुलिस से क्या पूछा?
राज ठाकरे के फैसले से मनसे के कई नेता हैरान हैं। पार्टी की एक स्थानीय शाखा में शनिवार को इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग भी की गई थी। मनसे नेता संदीप देशपांडे ने सवाल उठाया कि मुंबई पुलिस को राज ठाकरे से वीडियो हटाने का अनुरोध करने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने पूछा कि क्या पुलिस पर कोई दबाव था और क्या सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो की निगरानी करना पुलिस का काम है। देशपांडे ने यह भी कहा कि पुलिस को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े लोगों की शहर में मौजूदगी जैसे मामलों पर ध्यान देना चाहिए। इस गिरोह पर कई चर्चित लोगों पर हमलों में शामिल होने के आरोप हैं।
सबीर भाटिया की डॉक्यूमेंट्री पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की थी?
मुंबई पुलिस ने 18 अक्तूबर को एक्स के 24 अकाउंट धारकों को कानूनी नोटिस जारी किए थे। ये नोटिस उन लोगों को भेजे गए थे, जिन्होंने सबीर भाटिया की विवादित डॉक्यूमेंट्री साझा की थी। नोटिस में आरोप लगाया गया था कि डॉक्यूमेंट्री में कंपनी के खिलाफ झूठे, भ्रामक और अपमानजनक बयान तथा आरोप हैं। पुलिस की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, इन आरोपों को तथ्यात्मक या कानूनी आधार के बिना फैलाया गया, जिससे कंपनी की प्रतिष्ठा, साख और सार्वजनिक छवि को लगातार नुकसान पहुंच रहा था। इसके कुछ दिनों बाद राज ठाकरे ने पुलिस आयुक्त के अनुरोध का हवाला देते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट से डॉक्यूमेंट्री हटा दी।
राज ठाकरे ने इसी बीच महाराष्ट्र में वन भूमि के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने राज्य सरकार को भीमाशंकर में कई सौ हेक्टेयर वन भूमि गुजरात स्थित टोरेंट समूह को सौंपने का निर्देश दिया है। ठाकरे का आरोप है कि महाराष्ट्र सरकार चुनिंदा उद्योगपतियों को बड़े पैमाने पर वन और प्राकृतिक क्षेत्र की जमीन दे रही है और आगे भी ऐसा करने की योजना है। हालांकि, ये आरोप ठाकरे ने लगाए हैं। मनसे के एक पदाधिकारी के मुताबिक, राज ठाकरे 28 अक्तूबर को कर्जत में एक रैली को संबोधित करेंगे। इस रैली में वह इस मुद्दे को उठा सकते हैं।
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राज ठाकरे ने बताया कि हॉटमेल के संस्थापक सबीर भाटिया की बनाई इस डॉक्यूमेंट्री को एक्स पर पोस्ट किए जाने के बाद 48 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका था। उनके मुताबिक, फिल्म का मकसद लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गौतम अडाणी की पुरानी दोस्ती के बारे में जानकारी देना था। ठाकरे ने कहा कि वह जनवरी 2026 से ही इस मुद्दे को उठा रहे हैं। उन्होंने बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव से पहले भी अडाणी और प्रधानमंत्री मोदी के संबंधों पर सवाल उठाए थे।
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राज ठाकरे ने पुलिस आयुक्त के अनुरोध पर क्या कहा?
राज ठाकरे ने कहा कि मुंबई और महाराष्ट्र पुलिस देश की सबसे कुशल पुलिस में शामिल हैं और वह हमेशा उनका सम्मान करते रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मुंबई पुलिस के प्रमुख के अनुरोध का सम्मान करते हुए उन्होंने डॉक्यूमेंट्री हटा दी है। ठाकरे के मुताबिक, सबीर भाटिया ने यह फिल्म हाल ही में बनाई है, लेकिन वह जनवरी 2026 में अपने आवास शिवतीर्थ पर इस विषय पर एक विस्तृत प्रस्तुति दे चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि उस प्रस्तुति में बताया गया था कि अडाणी समूह किस तरह पूरे देश पर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
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डॉक्यूमेंट्री हटाने पर मनसे नेताओं ने पुलिस से क्या पूछा?
राज ठाकरे के फैसले से मनसे के कई नेता हैरान हैं। पार्टी की एक स्थानीय शाखा में शनिवार को इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग भी की गई थी। मनसे नेता संदीप देशपांडे ने सवाल उठाया कि मुंबई पुलिस को राज ठाकरे से वीडियो हटाने का अनुरोध करने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने पूछा कि क्या पुलिस पर कोई दबाव था और क्या सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो की निगरानी करना पुलिस का काम है। देशपांडे ने यह भी कहा कि पुलिस को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े लोगों की शहर में मौजूदगी जैसे मामलों पर ध्यान देना चाहिए। इस गिरोह पर कई चर्चित लोगों पर हमलों में शामिल होने के आरोप हैं।
सबीर भाटिया की डॉक्यूमेंट्री पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की थी?
मुंबई पुलिस ने 18 अक्तूबर को एक्स के 24 अकाउंट धारकों को कानूनी नोटिस जारी किए थे। ये नोटिस उन लोगों को भेजे गए थे, जिन्होंने सबीर भाटिया की विवादित डॉक्यूमेंट्री साझा की थी। नोटिस में आरोप लगाया गया था कि डॉक्यूमेंट्री में कंपनी के खिलाफ झूठे, भ्रामक और अपमानजनक बयान तथा आरोप हैं। पुलिस की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, इन आरोपों को तथ्यात्मक या कानूनी आधार के बिना फैलाया गया, जिससे कंपनी की प्रतिष्ठा, साख और सार्वजनिक छवि को लगातार नुकसान पहुंच रहा था। इसके कुछ दिनों बाद राज ठाकरे ने पुलिस आयुक्त के अनुरोध का हवाला देते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट से डॉक्यूमेंट्री हटा दी।
राज ठाकरे ने इसी बीच महाराष्ट्र में वन भूमि के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने राज्य सरकार को भीमाशंकर में कई सौ हेक्टेयर वन भूमि गुजरात स्थित टोरेंट समूह को सौंपने का निर्देश दिया है। ठाकरे का आरोप है कि महाराष्ट्र सरकार चुनिंदा उद्योगपतियों को बड़े पैमाने पर वन और प्राकृतिक क्षेत्र की जमीन दे रही है और आगे भी ऐसा करने की योजना है। हालांकि, ये आरोप ठाकरे ने लगाए हैं। मनसे के एक पदाधिकारी के मुताबिक, राज ठाकरे 28 अक्तूबर को कर्जत में एक रैली को संबोधित करेंगे। इस रैली में वह इस मुद्दे को उठा सकते हैं।