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फ्लाईदुबई विमान घटना: हमले की जांच करेगी एनआईए; एफआईआर दर्ज, आतंकी साजिश समेत किन पहलूओं की होगी पड़ताल?
Sat, 10 Oct 2026 04:46 PM IST
अमन मौर्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमन मौर्या
Updated Sat, 10 Oct 2026 04:46 PM IST
एनआईए ने फ्लाईदुबई उड़ान के दौरान कैप्टन स्मित मच्छर पर कॉकपिट में हुए हमले की जांच के लिए यूएपीए और एंटी-हाइजैकिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। आतंकी साजिश व लोन-वुल्फ एंगल की पड़ताल होगी।
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फ्लाईदुबई विमान घटना
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान कैप्टन स्मित मच्छर पर कॉकपिट में हुए हमले की जांच के लिए मामला दर्ज किया है। एजेंसी ने इजराइल जा रही 'फ्लाईदुबई' की एक फ्लाइट के कॉकपिट में हवा में हुए हमले की जांच के लिए 'एंटी-हाइजैकिंग एक्ट, 2016' और 'गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम' (यूएपीए) लागू किया है। सूत्रों की मानें तो एफआईआर में हमले, 'लोन-वुल्फ' (अकेले हमला करने वाले) आतंकी मकसद और कट्टरपंथ फैलाने वाले नेटवर्क की जांच के लिए हाइजैकिंग, आतंकी गतिविधियों, साजिश और आतंकी संगठन की सदस्यता से जुड़ी धाराएं शामिल की गई हैं।
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क्या हुआ था फ्लाईदुबई के विमान में?
फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के कॉकपिट में हुए हमले ने दुनियाभर में काफी सुर्खियां बटोरीं। 30 सिंतबर को दुबई से इस्राइल के तेल अवीव जाते समय फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर आपातकालीन कुल्हाड़ी से हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने विमान का नियंत्रण बचाए रखने के लिए संघर्ष किया। इसी बीच वे कॉकपिट का दरवाजा खोलने में भी सफल रहे। दरवाजा खुलते ही विमान में मौजूद यात्री और क्रू के सदस्य अंदर पहुंचे और सह-पायलट को काबू में किया। इसके बाद विमान में सवार दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला और विमान का सऊदी अरब के तबूक में आपात लैंडिंग कराया।
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अमेरिकी अधिकारियों ने क्या कहा?
फ्लाईदुबई की इस घटना को इस्राइल, यूएई और सऊदी अरब के अधिकारियों ने आतंकी हमला बताया है। लेकिन अभी भी सवाल बना हुआ है कि क्या हमला करने वाले को-पायलट ने अकेले ही यह कदम उठाया या वो किसी बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा मात्र था। जानकारी के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने इसमें किसी बड़े संगठन के शामिल होने से इनकार कर दिया है। उनके अनुसार, जांचकर्ताओं का मानना है कि ओमान के को-पायलट ने किसी बड़े संगठन का हिस्सा होने के बजाय अकेले ही यह काम किया था।
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क्या हुआ था फ्लाईदुबई के विमान में?
फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के कॉकपिट में हुए हमले ने दुनियाभर में काफी सुर्खियां बटोरीं। 30 सिंतबर को दुबई से इस्राइल के तेल अवीव जाते समय फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर आपातकालीन कुल्हाड़ी से हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने विमान का नियंत्रण बचाए रखने के लिए संघर्ष किया। इसी बीच वे कॉकपिट का दरवाजा खोलने में भी सफल रहे। दरवाजा खुलते ही विमान में मौजूद यात्री और क्रू के सदस्य अंदर पहुंचे और सह-पायलट को काबू में किया। इसके बाद विमान में सवार दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला और विमान का सऊदी अरब के तबूक में आपात लैंडिंग कराया।
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अमेरिकी अधिकारियों ने क्या कहा?
फ्लाईदुबई की इस घटना को इस्राइल, यूएई और सऊदी अरब के अधिकारियों ने आतंकी हमला बताया है। लेकिन अभी भी सवाल बना हुआ है कि क्या हमला करने वाले को-पायलट ने अकेले ही यह कदम उठाया या वो किसी बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा मात्र था। जानकारी के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने इसमें किसी बड़े संगठन के शामिल होने से इनकार कर दिया है। उनके अनुसार, जांचकर्ताओं का मानना है कि ओमान के को-पायलट ने किसी बड़े संगठन का हिस्सा होने के बजाय अकेले ही यह काम किया था।