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एनआईए: पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों को निशाना बनाने की आतंकी साजिश, महमूदर काफिला गिरफ्तार
Sun, 11 Oct 2026 07:21 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Sun, 11 Oct 2026 07:21 PM IST
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NIA
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने 10 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल से एक और आरोपी को गिरफ़्तार किया। यह गिरफ़्तारी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन 'जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश' (जेएमबी) की एक शाखा द्वारा रची गई आतंकी साज़िश के सिलसिले में की गई है। गिरफ़्तारी के दौरान आरोपी के पास से मोबाइल फोन और मेमोरी कार्ड समेत कई डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए।
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एनआईए के मुताबिक, यह गिरफ़्तारी उसी साज़िश के सिलसिले में असम, पश्चिम बंगाल और केरल में 16 जगहों पर तलाशी के बाद 29 सितंबर को 13 आरोपियों की गिरफ़्तारी के बाद हुई है। इससे पहले, 25 जून को एनआईए ने गुवाहाटी (असम) की स्पेशल कोर्ट में 11 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और यूए (पी) एक्ट, 1967 की अलग-अलग धाराओं के तहत चार्जशीट दायर की थी।
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एनआईए की जांच से पता चला है कि आरोपी 'इमाम महमूदर काफ़िला' (आईएमके) की साज़िश में शामिल थे। आईएमके, जेएमबी का ही एक हिस्सा है और इसका मकसद पश्चिम बंगाल और भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में प्रतिबंधित संगठन की चरमपंथी विचारधारा को फैलाना और उसके आतंकवादी नेटवर्क का विस्तार करना था। इस साज़िश में आसानी से प्रभावित होने वाले युवाओं को कट्टरपंथी बनाना, चरमपंथी विचारधारा का प्रचार करना और लोगों को संगठन में भर्ती करना शामिल था।
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जांच में यह भी पता चला है कि जेएमबी के सीनियर सदस्य इमाम महमूद हबीबुल्लाह ने भारत में प्रतिबंधित संगठन के एजेंडे को आगे बढ़ाने के मकसद से आईएमके बनाया था। आरोपियों ने कथित तौर पर आईएमके/जेएमबी की गतिविधियों को बढ़ाने के लिए गुप्त बैठकें कीं, धार्मिक रूप से प्रेरित करने वाले कार्यक्रम चलाए, चरमपंथी साहित्य का प्रचार-प्रसार किया और टेलीग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल करके लोगों को कट्टरपंथी बनाने और भारत-विरोधी प्रचार फैलाने का काम किया। उन्होंने आईएमके/जेएमबी के नेतृत्व के प्रति निष्ठा को बढ़ावा देने और भारत में संगठन के नेटवर्क को मजबूत करने की भी कोशिश की।