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'देश में अराजकता फैलाना चाहती है कांग्रेस': गडकरी का बड़ा बयान, सोनोवाल ने भी घेरा; क्यों भड़के भाजपा नेता?
Thu, 05 Nov 2026 08:02 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, नागपुर/ सिलीगुड़ी।
पीटीआई, नागपुर/ सिलीगुड़ी।
Published by: राकेश कुमार
Updated Thu, 05 Nov 2026 08:02 PM IST
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और सर्बानंद सोनोवाल ने चुनावी हार के बाद कांग्रेस और विपक्षी दलों पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। गडकरी ने आपातकाल का जिक्र कर कांग्रेस पर निशाना साधा, जबकि सोनोवाल ने एसआईआर, ईवीएम और चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की आलोचना पर सवाल उठाए। सोनोवाल ने मोदी सरकार की योजनाओं और पूर्वोत्तर में विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। दोनों नेताओं ने कांग्रेस पर अपने राजनीतिक हितों के लिए भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
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भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर बोला हमला
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को नागपुर में भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' मार्च को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में लगातार हार से परेशान कांग्रेस देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है। गडकरी ने कहा कि जिस पार्टी ने कभी देश में आपातकाल लगाया और लोगों के मौलिक अधिकार छीने, वही आज लोकतंत्र बचाने की बात कर रही है। उनके मुताबिक, कांग्रेस अपनी राजनीतिक निराशा में लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बना रही है।
राहुल गांधी और खरगे को लेकर गडकरी ने क्या कहा?
गडकरी ने राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि कांग्रेस चाहे कितनी भी ताकत लगा ले, लोगों को गुमराह करे या लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला करे, देश की जनता उस पर भरोसा नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस सत्ता में आती है, जनता कुछ समय बाद उसे सत्ता से बाहर कर देती है। गडकरी ने मल्लिकार्जुन खरगे सहित कांग्रेस नेताओं की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की जा रही भाषा पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव आयोग की छवि खराब करने और संसद की कार्यवाही बाधित करने में लगी है।
गडकरी ने 1975 के आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान लोगों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत लोगों को जेल में डाला गया और कई लोकतांत्रिक संस्थाओं पर पाबंदियां लगाई गई थीं। उन्होंने दावा किया कि जनता पार्टी के गठन और जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में लोकतंत्र बचाने के संघर्ष में जनसंघ और भाजपा ने अहम भूमिका निभाई थी। गडकरी के मुताबिक, जनता पार्टी की सरकार ने बाद में आपातकाल के दौरान लागू किए गए अलोकतांत्रिक प्रावधानों को खत्म किया। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ नहीं है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा मौलिक अधिकारों को भारतीय लोकतंत्र का जरूरी हिस्सा मानती है।
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कांग्रेस और विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी भाजपा के इसी अभियान के तहत कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी हार के बाद विपक्षी दल जनता का फैसला स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग, ईवीएम और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं। सोनोवाल ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध करने पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासनकाल में भी मतदाता सूची का दस बार पुनरीक्षण कराया गया था। उनके मुताबिक, एसआईआर का उद्देश्य वास्तविक भारतीय नागरिकों के नाम मतदाता सूची में रखना और अवैध प्रवासियों के नाम हटाना है।
यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल: पूर्व मंत्री उज्ज्वल बिस्वास की हालत गंभीर, फेफड़े और किडनी की बीमारी से जूझ रहे, कहां है भर्ती?
सोनोवाल ने भी विपक्ष को घेरा
सर्बानंद सोनोवाल ने पश्चिम बंगाल की पिछली ममता बनर्जी सरकार पर अवैध घुसपैठ रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार इस मुद्दे पर कार्रवाई और राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ साहस और पेशेवर क्षमता का परिचय दिया, जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी आलोचना में लगे रहे।
सोनोवाल ने दावा किया कि मोदी सरकार के 12 वर्षों में 50 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया। उन्होंने आयुष्मान भारत, आवास, बिजली, स्वच्छता, रसोई गैस, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण सड़कों से जुड़ी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को 2014 से 2025 के बीच 56 विधानसभा चुनावों में हार मिली। साथ ही उन्होंने पूर्वोत्तर में रेलवे, बिजली और करीब सात लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का जिक्र किया।
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राहुल गांधी और खरगे को लेकर गडकरी ने क्या कहा?
गडकरी ने राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि कांग्रेस चाहे कितनी भी ताकत लगा ले, लोगों को गुमराह करे या लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला करे, देश की जनता उस पर भरोसा नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जब भी कांग्रेस सत्ता में आती है, जनता कुछ समय बाद उसे सत्ता से बाहर कर देती है। गडकरी ने मल्लिकार्जुन खरगे सहित कांग्रेस नेताओं की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की जा रही भाषा पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव आयोग की छवि खराब करने और संसद की कार्यवाही बाधित करने में लगी है।
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गडकरी ने 1975 के आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान लोगों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए थे। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत लोगों को जेल में डाला गया और कई लोकतांत्रिक संस्थाओं पर पाबंदियां लगाई गई थीं। उन्होंने दावा किया कि जनता पार्टी के गठन और जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में लोकतंत्र बचाने के संघर्ष में जनसंघ और भाजपा ने अहम भूमिका निभाई थी। गडकरी के मुताबिक, जनता पार्टी की सरकार ने बाद में आपातकाल के दौरान लागू किए गए अलोकतांत्रिक प्रावधानों को खत्म किया। उन्होंने कहा कि भाजपा किसी धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ नहीं है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा मौलिक अधिकारों को भारतीय लोकतंत्र का जरूरी हिस्सा मानती है।
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कांग्रेस और विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी भाजपा के इसी अभियान के तहत कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी हार के बाद विपक्षी दल जनता का फैसला स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग, ईवीएम और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं। सोनोवाल ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध करने पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासनकाल में भी मतदाता सूची का दस बार पुनरीक्षण कराया गया था। उनके मुताबिक, एसआईआर का उद्देश्य वास्तविक भारतीय नागरिकों के नाम मतदाता सूची में रखना और अवैध प्रवासियों के नाम हटाना है।
यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल: पूर्व मंत्री उज्ज्वल बिस्वास की हालत गंभीर, फेफड़े और किडनी की बीमारी से जूझ रहे, कहां है भर्ती?
सोनोवाल ने भी विपक्ष को घेरा
सर्बानंद सोनोवाल ने पश्चिम बंगाल की पिछली ममता बनर्जी सरकार पर अवैध घुसपैठ रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार इस मुद्दे पर कार्रवाई और राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ साहस और पेशेवर क्षमता का परिचय दिया, जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी आलोचना में लगे रहे।
सोनोवाल ने दावा किया कि मोदी सरकार के 12 वर्षों में 50 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया। उन्होंने आयुष्मान भारत, आवास, बिजली, स्वच्छता, रसोई गैस, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण सड़कों से जुड़ी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को 2014 से 2025 के बीच 56 विधानसभा चुनावों में हार मिली। साथ ही उन्होंने पूर्वोत्तर में रेलवे, बिजली और करीब सात लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं का जिक्र किया।