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प्रगति बैठक: पीएम मोदी ने की 16 हजार करोड़ की परियोजनाओं की समीक्षा; राज्यों को क्या निर्देश दिए?
Wed, 28 Oct 2026 10:57 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 28 Oct 2026 10:57 PM IST
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रगति बैठक में 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा की। रेलवे, दवा पार्क और एकता मॉल से जुड़ी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए क्या निर्देश दिए गए? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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प्रगति बैठक की अध्यक्षता करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/पीआईबी
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की। इनमें रेलवे, पीएम एकता मॉल और थोक दवा पार्क से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। ये परियोजनाएं 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से जुड़ी हैं। इनकी लागत 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने यहां अपने कार्यालय 'सेवा तीर्थ' में प्रगति की 54वीं बैठक की अध्यक्षता की। प्रगति का पूरा नाम सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन (प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन) है। यह सूचना और संचार तकनीक (आईसीटी) पर आधारित बहु-स्तरीय मंच है। इसका उद्देश्य सक्रिय शासन और समय पर काम पूरा करना है।
इन परियोजनाओं की आर्थिक विकास और जनकल्याण में अहम भूमिका है। समीक्षा के दौरान काम पूरा करने की समयसीमा पर ध्यान दिया गया। अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल और समस्याओं का समय पर समाधान करने पर भी जोर दिया गया।
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पीएम एकता मॉल को लेकर क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम एकता मॉल में स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इससे कारीगरों की आजीविका मजबूत होगी। साथ ही, उन्हें अपना कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने इन मॉल को पर्यटन और स्थानीय कारोबार से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि मांग बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे उत्पादन, पैकेजिंग, भंडारण और परिवहन के क्षेत्र में रोजगार बढ़ सकता है। बयान के अनुसार, मोदी ने मुख्य सचिवों से इन मॉल के काम की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि इनका निर्माण समय पर पूरा हो।
पीएम एकता मॉल यानी यूनिटी मॉल बनाने की पहल की घोषणा केंद्रीय बजट 2023-24 में की गई थी। इसका उद्देश्य 'एक जिला, एक उत्पाद' (ओडीओपी) के उत्पादों को बढ़ावा देना और उनकी बिक्री करना है। इसके अलावा, भौगोलिक संकेतक (जीआई) वाले उत्पादों और देशभर के अन्य हस्तशिल्प उत्पादों को भी बढ़ावा देना इसका मकसद है।
एकता मॉल में हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के लिए अलग जगह रखने का प्रावधान है। यहां वे अपने 'एक जिला, एक उत्पाद' के उत्पाद प्रदर्शित कर सकते हैं।
थोक दवा पार्कों को लेकर क्या निर्देश दिए?
प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में थोक दवा पार्कों की समीक्षा की। उन्होंने आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए जरूरी दवाओं में इस्तेमाल होने वाले सक्रिय तत्वों और कच्चे माल का देश में ही उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया।
ये भी पढ़ें: 'जीरो चेक कर लो भाई': पीयूष गोयल का राहुल गांधी पर तंज; एआई से बनी तस्वीर से साझा कर क्या कहा?
उन्होंने मुख्य सचिवों से कहा कि वे हर महीने जिला मजिस्ट्रेटों के साथ योजनाओं की समीक्षा करें। इसका उद्देश्य योजनाओं को लागू करने में आ रही कमियों को दूर करना है। साथ ही, यह सुनिश्चित करना है कि पात्र लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिले।
पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि शासन का ध्यान खर्च की गई राशि के बजाय नतीजों पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन खर्च करने से लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार दिखना चाहिए।
पिछड़े क्षेत्रों के विकास पर क्या कहा?
आकांक्षी जिला और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास के लिए अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल, नियमित निगरानी और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही जरूरी है। इससे उन क्षेत्रों में विकास तेज करने में मदद मिलती है, जहां अब तक सुविधाएं कम पहुंची हैं।
बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि शासन व्यवस्था सुधारने और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लगातार प्रयासों से करीब 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं।
रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास पर क्या कहा?
अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की समीक्षा करते हुए मोदी ने देशभर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों का काम तेज करने को कहा। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और यात्रा आसान होगी। उन्होंने कहा कि नए सिरे से विकसित रेलवे स्टेशन परिवहन के अलग-अलग साधनों को जोड़ने वाले केंद्र होने चाहिए। यहां से मेट्रो और परिवहन के दूसरे साधनों तक पहुंचना आसान होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों को परियोजनाओं में आ रही बाधाएं मिशन मोड में दूर करने को कहा। उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल बढ़ाने, विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने और वरिष्ठ स्तर पर परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने पर भी जोर दिया।
परियोजनाएं समय पर पूरी करने के लिए क्या निर्देश दिए?
प्रधानमंत्री ने हर स्तर पर जिम्मेदारी की भावना बढ़ाने और सक्रिय कार्य संस्कृति अपनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि काम पूरा करने में आने वाली चुनौतियों का पहले से अनुमान लगाया जाना चाहिए। समय पर फैसले लेने चाहिए। परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए स्पष्ट जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
प्रगति मंच केंद्र और राज्य सरकारों को एक साथ लाता है। इसका उद्देश्य परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में आने वाली बाधाओं को दूर करना है। साथ ही, इनके कामकाज और लोगों तक लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाना है।
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एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने यहां अपने कार्यालय 'सेवा तीर्थ' में प्रगति की 54वीं बैठक की अध्यक्षता की। प्रगति का पूरा नाम सक्रिय शासन और समयबद्ध कार्यान्वयन (प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन) है। यह सूचना और संचार तकनीक (आईसीटी) पर आधारित बहु-स्तरीय मंच है। इसका उद्देश्य सक्रिय शासन और समय पर काम पूरा करना है।
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इन परियोजनाओं की आर्थिक विकास और जनकल्याण में अहम भूमिका है। समीक्षा के दौरान काम पूरा करने की समयसीमा पर ध्यान दिया गया। अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल और समस्याओं का समय पर समाधान करने पर भी जोर दिया गया।
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पीएम एकता मॉल को लेकर क्या कहा?
प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम एकता मॉल में स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए बाजार उपलब्ध कराया जाना चाहिए। इससे कारीगरों की आजीविका मजबूत होगी। साथ ही, उन्हें अपना कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने इन मॉल को पर्यटन और स्थानीय कारोबार से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि मांग बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इससे उत्पादन, पैकेजिंग, भंडारण और परिवहन के क्षेत्र में रोजगार बढ़ सकता है। बयान के अनुसार, मोदी ने मुख्य सचिवों से इन मॉल के काम की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि इनका निर्माण समय पर पूरा हो।
पीएम एकता मॉल यानी यूनिटी मॉल बनाने की पहल की घोषणा केंद्रीय बजट 2023-24 में की गई थी। इसका उद्देश्य 'एक जिला, एक उत्पाद' (ओडीओपी) के उत्पादों को बढ़ावा देना और उनकी बिक्री करना है। इसके अलावा, भौगोलिक संकेतक (जीआई) वाले उत्पादों और देशभर के अन्य हस्तशिल्प उत्पादों को भी बढ़ावा देना इसका मकसद है।
एकता मॉल में हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के लिए अलग जगह रखने का प्रावधान है। यहां वे अपने 'एक जिला, एक उत्पाद' के उत्पाद प्रदर्शित कर सकते हैं।
थोक दवा पार्कों को लेकर क्या निर्देश दिए?
प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश, गुजरात और हिमाचल प्रदेश में थोक दवा पार्कों की समीक्षा की। उन्होंने आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए जरूरी दवाओं में इस्तेमाल होने वाले सक्रिय तत्वों और कच्चे माल का देश में ही उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया।
ये भी पढ़ें: 'जीरो चेक कर लो भाई': पीयूष गोयल का राहुल गांधी पर तंज; एआई से बनी तस्वीर से साझा कर क्या कहा?
उन्होंने मुख्य सचिवों से कहा कि वे हर महीने जिला मजिस्ट्रेटों के साथ योजनाओं की समीक्षा करें। इसका उद्देश्य योजनाओं को लागू करने में आ रही कमियों को दूर करना है। साथ ही, यह सुनिश्चित करना है कि पात्र लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ मिले।
पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि शासन का ध्यान खर्च की गई राशि के बजाय नतीजों पर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन खर्च करने से लोगों के जीवन में वास्तविक सुधार दिखना चाहिए।
पिछड़े क्षेत्रों के विकास पर क्या कहा?
आकांक्षी जिला और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास के लिए अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल, नियमित निगरानी और स्थानीय स्तर पर जवाबदेही जरूरी है। इससे उन क्षेत्रों में विकास तेज करने में मदद मिलती है, जहां अब तक सुविधाएं कम पहुंची हैं।
बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि शासन व्यवस्था सुधारने और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लगातार प्रयासों से करीब 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर निकले हैं।
रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास पर क्या कहा?
अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की समीक्षा करते हुए मोदी ने देशभर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों का काम तेज करने को कहा। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और यात्रा आसान होगी। उन्होंने कहा कि नए सिरे से विकसित रेलवे स्टेशन परिवहन के अलग-अलग साधनों को जोड़ने वाले केंद्र होने चाहिए। यहां से मेट्रो और परिवहन के दूसरे साधनों तक पहुंचना आसान होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने संबंधित मंत्रालयों और राज्य सरकारों को परियोजनाओं में आ रही बाधाएं मिशन मोड में दूर करने को कहा। उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल बढ़ाने, विभागों के बीच समन्वय मजबूत करने और वरिष्ठ स्तर पर परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने पर भी जोर दिया।
परियोजनाएं समय पर पूरी करने के लिए क्या निर्देश दिए?
प्रधानमंत्री ने हर स्तर पर जिम्मेदारी की भावना बढ़ाने और सक्रिय कार्य संस्कृति अपनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि काम पूरा करने में आने वाली चुनौतियों का पहले से अनुमान लगाया जाना चाहिए। समय पर फैसले लेने चाहिए। परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए स्पष्ट जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
प्रगति मंच केंद्र और राज्य सरकारों को एक साथ लाता है। इसका उद्देश्य परियोजनाओं और कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में आने वाली बाधाओं को दूर करना है। साथ ही, इनके कामकाज और लोगों तक लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया को बेहतर बनाना है।