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गर्भावस्था में खून की कमी का असर: एनीमिया से मां बनी तो बच्चे का दिमाग 4% तक छोटा, सीखने पर खतरा
Sun, 13 Sep 2026 04:16 AM IST
राकेश कुमार
एजेंसी, नई दिल्ली/लंदन।
एजेंसी, नई दिल्ली/लंदन।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 13 Sep 2026 04:16 AM IST
गर्भावस्था के दौरान मां में एनीमिया यानी खून की कमी होने का असर बच्चे के दिमाग के विकास पर पड़ सकता है। लंदन में हुए एक शोध में पाया गया कि एनीमिया से पीड़ित माताओं के बच्चों का कुल मस्तिष्क आयतन स्वस्थ माताओं के बच्चों की तुलना में औसतन 4% कम था। शोधकर्ताओं ने तीन महीने से दो साल तक की उम्र के बच्चों के कई बार मस्तिष्क स्कैन किए।
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एनीमिया की समस्या
- फोटो : Amarujala.com/AI
विस्तार
गर्भावस्था के दौरान जिन महिलाओं को एनीमिया (खून की कमी) की शिकायत होती है, उनके बच्चों का मस्तिष्क सामान्य बच्चों की तुलना में छोटा होता है। हाल ही में लंदन में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है। इसके अनुसार ऐसे बच्चों के मस्तिष्क के वे हिस्से विशेष रूप से प्रभावित होते हैं, जो गति (मूवमेंट), सीखने की क्षमता और भावनाओं के नियंत्रण से जुड़े होते हैं।
ब्रेन कम्युनिकेशंस पत्रिका में प्रकाशित शोध में विशेषज्ञों ने कहा कि बच्चों के मस्तिष्क में ये अंतर जीवन के पहले साल में ही देखे जाने शुरू हो जाते हैं, जो आगे चलकर जब बच्चे स्कूल जाना शुरू करते हैं। उस समय उनमें सीखने और समझने से जुड़ी गंभीर समस्याएं (कॉग्निटिव प्रॉब्लम्स) पैदा कर सकते हैं।
किंग्स कॉलेज लंदन और दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने केप टाउन में 300 से अधिक माताओं और उनके बच्चों पर यह अध्ययन किया। उन्होंने तीन महीने से दो साल की उम्र के बीच कई बार बच्चों के दिमाग का स्कैन किया। इसमें पाया गया कि अनीमिया से पीड़ित माताओं के बच्चों के मस्तिष्क का कुल ब्रेन वॉल्यूम, स्वस्थ माताओं के बच्चों की तुलना में औसतन 4% कम था, जबकि इन माताओं में एनीमिया का केवल हल्का रूप ही पाया गया था।
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ब्रेन कम्युनिकेशंस पत्रिका में प्रकाशित शोध में विशेषज्ञों ने कहा कि बच्चों के मस्तिष्क में ये अंतर जीवन के पहले साल में ही देखे जाने शुरू हो जाते हैं, जो आगे चलकर जब बच्चे स्कूल जाना शुरू करते हैं। उस समय उनमें सीखने और समझने से जुड़ी गंभीर समस्याएं (कॉग्निटिव प्रॉब्लम्स) पैदा कर सकते हैं।
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किंग्स कॉलेज लंदन और दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने केप टाउन में 300 से अधिक माताओं और उनके बच्चों पर यह अध्ययन किया। उन्होंने तीन महीने से दो साल की उम्र के बीच कई बार बच्चों के दिमाग का स्कैन किया। इसमें पाया गया कि अनीमिया से पीड़ित माताओं के बच्चों के मस्तिष्क का कुल ब्रेन वॉल्यूम, स्वस्थ माताओं के बच्चों की तुलना में औसतन 4% कम था, जबकि इन माताओं में एनीमिया का केवल हल्का रूप ही पाया गया था।
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