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सुप्रीम कोर्ट का रुख सख्त: पूछा- सीएपीएफ में एसएजी ग्रेड में कैसे आए आईपीएस, '2 एसपी-26 डीआईजी-18 आईजी'

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Sat, 05 Sep 2026 08:51 PM IST
सार
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केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने पहले दिए अपने आदेश में सीएपीएफ के कैडर पदों पर आईपीएस की तैनाती को क्रमशः घटाने की बात कही थी। इसके बाद भी पांच बलों में बड़ी संख्या में आईपीएस अधिकारियों की नियुक्ति होने का मामला सामने आया। 

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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सीएपीएफ कैडर अधिकारियों के मामले में सख्ती दिखाते हुए इन बलों में प्रतिनियुक्ति पर आईपीएस अफसरों को नियुक्त किए जाने बाबत केंद्रीय गृह सचिव से स्पष्टीकरण मांगा है। सर्वोच्च अदालत ने अपने 23 मई 2025 के फैसले में कहा था कि सीएपीएफ में सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (एसएजी) स्तर तक आईपीएस की प्रतिनियुक्ति को धीरे-धीरे कम किया जाए। दूसरी तरफ सरकार ने उक्त फैसले के बाद  इन बलों में 46 आईपीएस को नियुक्त कर दिया, जिनमें दो एसपी, 26 डीआईजी और 18 आईजी शामिल हैं।
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'क्या संबंधित विभाग ने आईपीएस लाने की मांग की'   
सर्वोच्च अदालत ने दो सितंबर को अवमानना केस की सुनवाई करते हुए सख्त लहजे में कहा, कोई भी जरूरी आदेश पारित करने से पहले, गृह मंत्रालय के सचिव को निर्देश दिया जाता है कि वे पांच सीएपीएफ में आईपीएस अधिकारियों को डेप्युटेशन पर लाने बाबत स्पष्टीकरण दें। इन अधिकारियों को डेप्युटेशन पर लाने से पहले क्या प्रक्रिया अपनाई गई, यानी क्या डेप्युटेशन के लिए संबंधित विभाग द्वारा कोई मांग की गई थी, आदि। उन्हें डेप्युटेशन पर लाने के कारण क्या थे, जबकि सर्वोच्च अदालत ने निर्देश दिया था कि सीएपीएफ कैडर में सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड के स्तर तक डेप्युटेशन के लिए निर्धारित पदों की संख्या को समय के साथ धीरे-धीरे कम किया जाना चाहिए। इसके लिए अधिकतम दो साल की समय-सीमा तय की गई थी। मामले की आगामी सुनवाई 22 सितंबर को होगी।
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सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- फैसला लागू करने के लिए कौन से कदम उठाए हैं
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान भारत सरकार के गृह मंत्रालय और कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग) के सचिवों को निर्देश दिया कि वे अलग-अलग हलफनामे दाखिल करें। इन हलफनामों में उन कदमों का विवरण हो, जो इस कोर्ट द्वारा सिविल अपील नंबर 13104/2024 (संजय प्रकाश और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य) में 23.05.2025 को दिए गए फैसले और आदेश के तहत जारी निर्देशों को लागू करने के लिए अब तक उठाए गए हैं। 
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23 मई 2025 के बाद एसएजी ग्रेड में आए आईपीएस 
सीएपीएफ एसपी डीआईजी आईजी कुल
बीएसएफ - 8 5 13
सीआईएसएफ - 9 2 11
सीआरपीएफ - 4 5 9
आईटीबीपी - 3 3 6
एसएसबी 2 2 3 7

प्रतिनियुक्ति पर आए 46 आईपीएस
सर्वोच्च अदालत ने गृह सचिव से अनुपालन हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा था। उसमें पूछा गया कि 23 मई 2025 के फैसले और आदेश के बाद, सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड के स्तर तक, कैडर के अनुसार कितने आईपीएस अधिकारियों को सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज (सीएपीएफ) में डेप्युटेशन पर लाया गया है।


गृह मंत्रालय के सचिव द्वारा दायर हलफनामे में कहा गया है कि 23 मई 2025 के फैसले के बाद 46 भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों को सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड के स्तर तक सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज में डेप्युटेशन पर लाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 23 मई 2025 के फैसले के कार्यान्वयन की निगरानी जारी रहेगी।  
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