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तेलंगाना: सीएम रेवंत रेड्डी का एक्शन, मंत्री कोंडा सुरेखा की कैबिनेट से छुट्टी, बोलीं- कांग्रेस में ही रहूंगी
Thu, 03 Sep 2026 03:32 PM IST
राहुल कुमार
पीटीआई, हैदराबाद।
पीटीआई, हैदराबाद।
Published by: राहुल कुमार
Updated Thu, 03 Sep 2026 03:32 PM IST
तेलंगाना की वन मंत्री कोंडा सुरेखा की बेटी की मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ लगातार टिप्पणी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा है। उन्हें गुरुवार को मुख्यमंत्री रेड्डी ने अपने कैबिनेट से हटा दिया।
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पूर्व मंत्री कोंडा सुरेखा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने विवादित टिप्पणियों के बाद गुरुवार को अपनी कैबिनेट सहयोगी कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाने की सिफारिश राज्यपाल को भेज दी है। साथ ही जी. चिन्ना रेड्डी की राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष पद पर नियुक्ति भी रद्द कर दी गई है। दोनों नेताओं के खिलाफ कांग्रेस की अनुशासनात्मक समिति पहले ही कड़ी कार्रवाई की सिफारिश कर चुकी थी। सरकार ने अब योजना बोर्ड में गडवाल विजयलक्ष्मी और KUDA में पूर्व सांसद जी. सुधा रानी को नई जिम्मेदारियां दी हैं।
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राज्यपाल को भेजी गई सिफारिश
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, सुरेखा को मंत्रिपरिषद से हटाने की सिफारिश राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को भेज दी गई है।
बेटी की टिप्पणियों से बढ़ा विवाद
राज्य की वन एवं बंदोबस्त मंत्री कोंडा सुरेखा अपनी बेटी की ओर से मुख्यमंत्री और कांग्रेस के अन्य नेताओं के खिलाफ की गई आलोचनात्मक टिप्पणियों को लेकर विवादों में घिर गई थीं। इन टिप्पणियों पर सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायकों और पदाधिकारियों ने तीखी प्रतिक्रिया जताई थी। सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाने के साथ ही मुख्यमंत्री ने जी. चिन्ना रेड्डी की राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी।
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दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व से हुई थी चर्चा
ये फैसले मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, उनके डिप्टी मल्लू भट्टी विक्रमार्का और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ की पिछले कुछ दिनों में दिल्ली में AICC नेताओं के साथ हुई बातचीत के बाद सामने आए हैं। इन नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और के.सी. वेणुगोपाल समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी।
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अनुशासन समिति ने की थी कड़ी कार्रवाई की सिफारिश
कांग्रेस की राज्य इकाई की अनुशासनात्मक समिति पहले ही पार्टी नेतृत्व से कोंडा सुरेखा और जी. चिन्ना रेड्डी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश कर चुकी थी।
खड़गे और मीनाक्षी नटराजन से मिली थीं सुरेखा
कोंडा सुरेखा ने राष्ट्रीय राजधानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी मामलों की AICC प्रभारी मीनाक्षी नटराजन से भी मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने दोनों नेताओं के सामने अपना पक्ष रखा।
सुरेखा ने कैबिनेट में बने रहने की लगाई थी गुहार
सुरेखा ने बुधवार को पत्रकारों से कहा था कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व से उन्हें कैबिनेट में बनाए रखने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि एक मंत्री के तौर पर उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है और उन पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है।
विधायकों के पीछे 'कोई' होने का दावा
मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं के खिलाफ अपनी बेटी की टिप्पणियों की निंदा नहीं करने को लेकर कई कांग्रेस विधायकों ने सुरेखा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की थी। इस पर सुरेखा ने कहा कि कोई भी विधायक अपनी मर्जी से उनके खिलाफ नहीं बोला और उनके पीछे 'कोई' था। जब उनसे पूछा गया कि विधायकों के पीछे कौन था, तो उन्होंने किसी का नाम लेने से इनकार कर दिया। सुरेखा ने कहा कि किसी का नाम लेने से विवाद और बढ़ सकता है।
सुरेखा ने विरोध करने वाले विधायकों पर भी कार्रवाई मांगी
सुरेखा ने उनके खिलाफ बयान देने वाले कांग्रेस विधायकों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने अनुशासनात्मक समिति की ओर से नोटिस जारी किए जाने पर भी आपत्ति जताई।
बेटी की टिप्पणियों से खुद को अलग बताया
जब सुरेखा से पूछा गया कि क्या वह अपनी बेटी की टिप्पणियों का समर्थन करती हैं, तो उन्होंने कहा कि उनकी बेटी स्वतंत्र है और उसकी टिप्पणियों के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
विजयलक्ष्मी को मिली योजना बोर्ड की जिम्मेदारी
राज्य योजना बोर्ड में चिन्ना रेड्डी की नियुक्ति रद्द होने के बाद सरकार ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष गडवाल विजयलक्ष्मी को योजना बोर्ड का नया उपाध्यक्ष (VC) नियुक्त किया है। कांग्रेस नेता नेरेला शारदा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष हैं।
'कांग्रेस में ही रहूंगी, विधायक के तौर पर निभाऊंगी जिम्मेदारी'
तेलंगाना कैबिनेट से हटाए जाने के बाद कोंडा सुरेखा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह कांग्रेस छोड़कर कहीं नहीं जा रही हैं और पार्टी में ही बनी रहेंगी। उन्होंने कहा कि मैं कहीं नहीं जा रही हूं। मैं कांग्रेस में ही रहूंगी। विधायक के तौर पर अपना काम जारी रखूंगी। मैं अपने नेता और अपने लोगों की जिम्मेदारी निभाऊंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्री पद से हटाए जाने के बावजूद वह विधायक के रूप में अपनी जिम्मेदारियां पूरी निष्ठा से निभाती रहेंगी।
'मुझे पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया'
पूर्व मंत्री सुरेखा ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया, इसके बावजूद उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिए बिना मंत्रिपरिषद से हटा दिया गया। बिना कोई कारण बताए मंत्री पद से हटाया जाना उनके लिए बेहद पीड़ादायक है। सुरेखा ने दावा किया कि कांग्रेस हाईकमान उन्हें हटाने के पक्ष में नहीं था। मैं 100 फीसदी जानती हूं कि हाईकमान मुझे हटाना नहीं चाहता था। लेकिन मुख्यमंत्री ने ब्लैकमेल की राजनीति की और कहा कि अगर मुझे नहीं हटाया गया तो वह पद छोड़ देंगे।
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रेवंत रेड्डी के अगले कार्यकाल के दावे पर भी सवाल
सुरेखा ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने अगले कार्यकाल में भी मुख्यमंत्री बने रहने की बात कही थी। उन्होंने अगले विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा करने के रेवंत रेड्डी के दावे पर भी आपत्ति जताई।