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मध्यावधि चुनाव: ट्रंप की हार पर दिपके को क्यों याद आए ज्ञानेश कुमार? दुनिया भर के हालिया नतीजों पर कही ये बात

Wed, 04 Nov 2026 12:18 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Wed, 04 Nov 2026 12:18 PM IST
सार
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अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ट्रंप के साथ ऐसा कभी नहीं होने देते। दिपके ने अपनी पोस्ट में मजबूत नेता की राजनीति, लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और सत्ता में जवाबदेही की जरूरत पर भी सवाल उठाए।

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US Elections Why did Deepak recall Gyanesh Kumar following Trump’s defeat
अमेरिकी चुनाव के बीच ज्ञानेश कुमार का जिक्र क्यों? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजे आ रहे हैं। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तंज कसा। उन्होंने कहा, 'ज्ञानेश कुमार ट्रंप के साथ ऐसा कभी नहीं होने देते।'
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दिपके ने एक्स पर क्या लिखा?
दिपके ने एक्स पर लिखा, '2010 के बाद, दुनिया ने 'मजबूत नेता' (स्ट्रॉन्गमैन) वाली राजनीति में एक नई दिलचस्पी देखी। लोगों को यह यकीन दिलाया गया कि लोकतंत्र तरक्की की रफ्तार को धीमा कर रहा है और एक ताकतवर नेता उनकी सभी समस्याओं को हल कर सकता है।
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वे आगे कहते हैं, 'उन्होंने ऐसे नेताओं पर भरोसा किया जो खुद को संस्थाओं से बड़ा मानते थे, जिन्होंने देश को महान बनाने, समृद्धि लाने और दुनिया भर में दबदबा कायम करने का वादा किया था। लेकिन इसके बजाय, लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर हुईं, अधिकारों का दमन हुआ, युद्ध छिड़े और आर्थिक उथल-पुथल मची।'
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मजबूत नेता पर क्या कहा? 
दिपके ने कहा, 'हाल के राजनीतिक रुझानों से पता चलता है कि 'मजबूत नेता' वाली राजनीति पर लोगों का यह भरोसा अब डगमगाने लगा है। लोग समझने लगे हैं कि किसी एक व्यक्ति के हाथों में सारी ताकत केंद्रित कर देने से देश मजबूत नहीं हो जाता। भले ही वह खुद को कितना ही ताकतवर क्यों न बताए। वे फिर से लोकतांत्रिक आजादी, जवाबदेही और उन संस्थाओं के महत्व को समझने लगे हैं, जिन्हें वे पहले बहुत मामूली या पक्की मान बैठे थे।'

इससे भी अहम बात यह है कि लोग अब सवाल उठाने लगे हैं कि 'देश की महानता' का असल मतलब क्या है। दुनिया भर में दबदबा कायम करने के वादों से कहीं ज्यादा, लोग कुछ बुनियादी चीजें चाहते हैं: आर्थिक स्थिरता, रहने-सहने का किफायती खर्च, और सत्ता में बैठे लोगों से जवाबदेही।

अमेरिकी चुनाव के नतीजे क्या है? 
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस) में डेमोक्रेटिक पार्टी को 224 सीटों पर बढ़त हासिल है, जबकि रिपब्लिकन पार्टी 128 सीटों पर आगे है। डेमोक्रेट्स ने अब तक 27 सीटों पर जीत दर्ज कर रिपब्लिकन की सीटें अपने कब्जे में ली हैं। वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है। पार्टी ने कुल 53 सीटें जीतकर सीनेट पर नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है। इसके साथ ही रिपब्लिकन पार्टी ने सीनेट में अपना बहुमत खो दिया है।


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत पर उन्हें बधाई दी है। चुनाव नतीजों के बाद ट्रंप का यह संदेश सामने आया है। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेट्स ने कई अहम सीटों पर जीत दर्ज की है।
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